Zoho Books vs Tally vs QuickBooks: आपके बिज़नेस के लिए कौन सा एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर सही?

January 22, 2026 10:56 AM
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भारतीय व्यापार जगत में एक पुरानी कहावत है- “व्यापार वही अच्छा, जिसका हिसाब पक्का।”

लेकिन आज के जीएसटी (GST) युग में, ‘हिसाब पक्का’ रखने का मतलब सिर्फ बही-खाते लिखना नहीं है। इसका मतलब है- समय पर कम्प्लायंस, रियल-टाइम डेटा और ऑटोमेशन।

पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार में एक बड़ी बहस छिड़ी है: क्या हमें पारंपरिक और भरोसेमंद Tally के साथ बने रहना चाहिए, या फिर क्लाउड-आधारित Zoho Books की नई दुनिया में कदम रखना चाहिए? वहीं, QuickBooks जैसे वैश्विक खिलाड़ी अब इस रेस से बाहर क्यों हो गए हैं?

आइए इस खबर की तह तक जाते हैं और समझते हैं कि आपकी कंपनी के भविष्य के लिए कौन सा सॉफ्टवेयर सबसे बेहतर है।

QuickBooks बाहर, अब भारत में अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर की जंग सिर्फ Tally vs Zoho

कुछ साल पहले तक अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का काम सिर्फ साल के अंत में टैक्स फाइल करना होता था। लेकिन आज ई-इनवॉइसिंग (E-invoicing) और जीएसटी के सख्त नियमों ने खेल बदल दिया है।

अब एक छोटी सी गलती से भी आपको नोटिस आ सकता है। इसलिए, अब आपको ऐसा सॉफ्टवेयर चाहिए जो सिर्फ ‘कैलकुलेटर’ नहीं, बल्कि आपका ‘स्मार्ट असिस्टेंट’ हो।

बड़ा अपडेट: अमेरिकी कंपनी QuickBooks ने भारत-विशिष्ट (India-specific) प्रोडक्ट बंद कर दिया है। इसका मतलब है कि भारतीय एसएमई (SME) के लिए अब मुख्य मुकाबला सिर्फ Tally और Zoho के बीच है।

Zoho Books vs TallyPrime vs QuickBooks कौनसा सॉफ्टवेयर हैं, अच्छा

आइए इन तीनों सॉफ्टवेयर को एक बिजनेस मालिक के नजरिए से परखते हैं, न कि सिर्फ एक अकाउंटेंट के नजरिए से।

A. Zoho Books: आधुनिक भारत का डिजिटल मुनीम

अगर आप एक स्टार्टअप फाउंडर हैं, सर्विस एजेंसी चलाते हैं या तकनीक-प्रेमी (Tech-savvy) बिजनेसमैन हैं, तो Zoho Books आज के समय में सबसे मजबूत दावेदार है।

  • सबसे बड़ी ताकत (The X-Factor): यह 100% क्लाउड-आधारित है। इसका मतलब है कि आप अपना धंधा मोबाइल से चला सकते हैं। इनवॉइस बनाना हो या पेमेंट चेक करना, आपको ऑफिस के कंप्यूटर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
  • ऑटोमेशन का जादू: यह आपके बैंक अकाउंट से लिंक हो जाता है। कौन सा पैसा आया, किसका बाकी है- यह सब ऑटोमैटिक रिकान्साइल (reconcile) होता है।
  • GST इंटीग्रेशन: GSTR-1 और GSTR-3B फाइलिंग इसमें इतनी आसान है कि कई बार आपको सीए (CA) पर निर्भर रहने की जरूरत भी नहीं पड़ती।

विशेषज्ञ राय: “Zoho Books उन लोगों के लिए है जो अपने बिजनेस का कंट्रोल अपने हाथ में रखना चाहते हैं, न कि पूरी तरह मुनीम जी के भरोसे।”

B. TallyPrime: पुराना भरोसा, लेकिन थोड़ी मुश्किलें

भारत में ‘एकाउंटिंग’ का दूसरा नाम Tally है। यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसे देश का हर अकाउंटेंट चलाना जानता है।

  • सबसे बड़ी ताकत: यह ‘ऑफलाइन’ चलता है और इन्वेंट्री (स्टॉक) मैनेजमेंट में इसका कोई सानी नहीं है। अगर आपका मैन्युफैक्चरिंग या भारी ट्रेडिंग का बिजनेस है, तो Tally आज भी बहुत मजबूत है।
  • चुनौती (The Bottleneck): यह डेस्कटॉप पर निर्भर है। अगर आपको घर बैठे आज की सेल देखनी है, तो यह Zoho जितना आसान नहीं है। साथ ही, इसमें ऑटोमेशन कम है- ज्यादातर काम (डेटा एंट्री) हाथ से करना पड़ता है।

विशेषज्ञ राय: “Tally एक बेहतरीन टूल है, लेकिन यह बिजनेस मालिकों के लिए कम और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) की सुविधा के लिए ज्यादा बना है।”

C. QuickBooks: अब क्यों नहीं?

साफ शब्दों में कहें तो, अगर आपका बिजनेस पूरी तरह भारत में है और जीएसटी (GST) पर चलता है, तो QuickBooks अब आपके लिए नहीं है। उन्होंने भारत से अपना बोरिया-बिस्तरा समेट लिया है। इसका उपयोग केवल तभी करें जब आपके क्लाइंट्स अमेरिका/यूके में हों और आपको डॉलर में बिलिंग करनी हो।

आपको कौनसा सॉफ्टवेयर चुनना चाहिए?

यह निर्णय केवल सॉफ़्टवेयर चुनने का नहीं, बल्कि ‘काम करने का तरीका’ (Work Culture) चुनने का है।

आपकी प्रोफाइलमेरी सलाह (Recommendation)क्यों?
सर्विस बिजनेस / स्टार्टअप / एजेंसीZoho Booksआपको स्पीड और ऑटोमेशन चाहिए। मोबाइल ऐप और क्लाउड से आपको आजादी मिलती है।
ट्रेडिंग / मैन्युफैक्चरिंग / थोक व्यापारीTallyPrimeआपको जटिल इन्वेंट्री और ऑडिट लॉग की जरूरत है। आपका सीए Tally ही पसंद करेगा।
एक्सपोर्ट हाउस / ग्लोबल फ्रीलांसरQuickBooks (शायद)अगर जीएसटी आपकी प्राथमिकता नहीं है और ग्लोबल क्लाइंट्स हैं, तभी इस पर विचार करें।

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बिजनेस मालिकों के लिए ‘जरुरी’ टिप

अक्सर बिजनेस मालिक वह सॉफ्टवेयर खरीद लेते हैं जो उनका सीए (CA) कहता है। लेकिन याद रखें, बिजनेस आपका है, सीए का नहीं।

  • हाइब्रिड मॉडल अपनाएं: अगर आपका सीए Tally पर ही काम करना चाहता है, लेकिन आपको Zoho का इंटरफेस पसंद है, तो आप Zoho Books का इस्तेमाल बिलिंग और डे-टू-डे काम के लिए कर सकते हैं और साल के अंत में डेटा Tally में एक्सपोर्ट कर सकते हैं।
  • लागत (Cost): Tally का लाइसेंस महंगा है (एक बार में बड़ा निवेश), जबकि Zoho Books में आप मासिक शुल्क (SaaS model) देकर शुरुआत कर सकते हैं, जो कैश-फ्लो के लिए बेहतर है।

Lakshay Pratap

मैं लगभग 4 सालो से ऑनलाइन बिज़नेस और ऑफलाइन बिज़नेस पर काम कर रहा हूँ, और में ऑफलाइन बिज़नेस की सबसे बड़ी समस्या यानी बिज़नेस के लिए जरुरी प्रोसेस और मार्केटिंग पर बहुत ज्यादा फोकस्ड हूँ। मेरे आर्टिकल्स से आपको बहुत फायदा मिलेगा।

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