यह कहानी है सिर्फ ₹30,000 की छोटी सी पूँजी और मोमो (Momo) के प्रति अटूट जुनून की। 2008 में, कोलकाता के दो कॉलेज दोस्तों सागर दरयानी और बिनोद कुमार होमागाई ने सड़क किनारे बिकने वाले मोमो को भारत की सबसे सफल क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) चेन में बदल दिया।
आज, WOW Momos का मूल्यांकन (Valuation) ₹2,400 करोड़ से ज़्यादा है, यह 35+ शहरों में 630 से अधिक आउटलेट्स चला रहा है, और अब यह कंपनी अपने अगले बड़े लक्ष्य IPO (Initial Public Offering) की तैयारी कर रही है। यह दिखाता है कि कैसे एक साधारण भारतीय स्नैक को ग्लोबल ब्रांड बनाया जा सकता है।
WOW Momos ने हाल ही में ₹410 करोड़ की नई फंडिंग जुटाई है।
WOW Momos ने हाल ही में Khazanah Nasional Berhad और Oaks Capital Management से ₹410 करोड़ की नई फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग ने कंपनी के मूल्यांकन को ₹2,400 करोड़ के पार पहुँचा दिया है। यह वित्तीय सफलता इस बात की पुष्टि करती है कि कंपनी का ओम्नीचैंनल मॉडल (Omnichannel Model) और प्रोडक्ट इनोवेशन काम कर रहा है।
कंपनी का लक्ष्य स्पष्ट है: अगले तीन वर्षों में 100 नए शहरों में 1500 से अधिक स्टोर खोलना और भारत का “McDonald’s” बनना। इस विस्तार में WOW China और WOW Chicken जैसे सब-ब्रांड्स भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इनोवेशन से WOW Momos ने खुद को बनाया अलग ब्रांड
WOW Momos ने खुद को बाज़ार में अलग कैसे स्थापित किया? इसका जवाब है लगातार नए बदलाव (Continuous Innovation) करना। शुरुआती दिनों में, उन्होंने स्वच्छता (Hygiene) और गुणवत्ता (Consistency) पर ध्यान केंद्रित किया, जो स्ट्रीट वेंडर्स में अक्सर गायब रहता था।
- नए प्रयोग: पारंपरिक स्टीम्ड मोमोस तक सीमित न रहकर, उन्होंने सिज़लर मोमोस, तंदूरी मोमोस, फ्राई मोमोस, बेक्ड मोमोस और यहाँ तक कि चॉकलेट मोमोस जैसी अनोखी डिश बनायीं।
- फ्यूजन कॉन्सेप्ट: “MoBurgs” (मोमो और बर्गर का फ़्यूज़न) जैसी क्रिएटिव डिशेज ने मोमो को एक नया, आधुनिक रूप दिया और उच्च-वर्ग के ग्राहकों को भी आकर्षित किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस इनोवेशन ने मोमो को सिर्फ एक स्नैक से बदलकर एक ‘लाइफस्टाइल ब्रांड’ बना दिया, जिससे कंपनी तेज़ी से राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर पाई।
₹30 हजार से ₹2,400 करोड़ तक का सफ़र
कंपनी की फंडिंग यात्रा प्रेरणादायक रही है। 2008 में शुरू होने के बाद, उन्होंने सालों तक बूटस्ट्रैप (Bootstrapped) मॉडल पर काम किया।
| वर्ष | प्रमुख फंडिंग/घटना | मूल्यांकन (Valuation) |
| 2008 | ₹30,000 से शुरुआत (कर्ज) | – |
| 2015 | Indian Angel Network (IAN) से पहली संस्थागत फंडिंग | ₹1करोड़ 60 लाख |
| 2019 | Tiger Global का बड़ा निवेश | ₹860 करोड़ |
| 2024 | Khazanah और Oaks Capital से ₹410 करोड़ | ₹2,400 करोड़+ |
WOW Momo के संस्थापकों ने केवल McDonald’s, Domino’s, KFC, Subway, Burger King, Haldiram’s Express की तरह QSR (Quick Service Restaurant) तक सीमित नहीं रहे बल्कि इन्होने अपने बिज़नेस में बहुत ज्यादा रणनीतिक बदलाव भी किए:
- FMCG में प्रवेश: 2021 में, उन्होंने रेडी-टू-ईट (RTE) पैकेज़्ड मोमोस लॉन्च करके अपने उत्पादों को ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म तक पहुँचाया।
- महामारी में द्रढ़ता : COVID-19 के दौरान, उन्होंने WOW Momo Essential Services शुरू करके आवश्यक सामानों की डिलीवरी की और दो हफ्तों में ₹2 करोड़ का राजस्व कमाया, जिसने कंपनी की लचीलापन (Resilience) साबित किया।
अगला लक्ष्य: भारत का McDonald’s और IPO
आज WOW Momos के पास 1,961 कर्मचारियों की एक मजबूत टीम है। कंपनी का प्रबंधन अब अपने अगले सबसे बड़े लक्ष्य यानी IPO की तैयारी कर रहा है।
- एक सफल IPO कंपनी को अपने विस्तार के लिए बड़ी पूँजी प्रदान करेगा और इसे एक सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी बनाएगा।
- यह भारतीय स्ट्रीट फूड को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के इसके फाउंडर के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा, जिससे यह truly ‘भारत का McDonald’s’ बन सके।
यह कहानी सभी उद्यमियों के लिए एक सबक है कि बाज़ार की एक साधारण ज़रूरत को गुणवत्ता और रचनात्मकता के साथ पूरा करके एक विशाल, मल्टी बिलियन का साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है।











