भारत के स्टार्टअप जगत में एक बड़ी हलचल हुई है। ज़ेरोधा (Zerodha) के निखिल कामत और फ्यूचर ग्रुप (Future Group) के किशोर बियानी, दो दिग्गज एक साथ आए हैं। उन्होंने ‘The Foundery’ नाम से एक अनोखा प्रोग्राम लॉन्च किया है, जो किसी एमबीए कॉलेज से कम नहीं, बल्कि उससे कहीं आगे है।
यह प्रोग्राम उन लोगों के लिए है जो अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, लेकिन दिशा नहीं मिल रही। अगर आप में भी ‘फाउंडर’ बनने का कीड़ा है, तो अलीबाग (Alibaug) आपका इंतजार कर रहा है।
क्या है ‘The Foundery’ प्रोग्राम?
इसे आप स्टार्टअप्स का ‘गुरुकुल’ कह सकते हैं। यह 90 दिनों का रेजिडेंशियल प्रोग्राम है, जो अलीबाग के शांत माहौल में अप्रैल 2026 से शुरू होगा।
- मकसद: आम लोगों को एक सफल बिज़नेस टाइकून बनाना।
- सिलेक्शन: हजारों में से सिर्फ 30-40 लोगों को चुना जाएगा।
- फायदा: यहाँ आपको सिर्फ ज्ञान नहीं मिलेगा, बल्कि बिजनेस आइडिया, टीम, और उसे शुरू करने के लिए संसाधन भी वहीँ मिलेंगे।
4 करोड़ की फंडिंग और दिग्गज मेंटर्स
इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी हाईलाइट इसकी फंडिंग है। 90 दिन के अंत में एक ‘डेमो डे’ (Demo Day) होगा। जो टीमें अपने आइडिया से इनवेसटर्स को इम्प्रेस कर पाएंगी, उन्हें ₹4 करोड़ तक की सीड फंडिंग (Seed Funding) मिल सकती है।
- मेंटर्स: आपको विजय शेखर शर्मा (Paytm) और कुणाल बहल (Snapdeal) जैसे दिग्गजों से सीखने का मौका मिलेगा।
- इक्विटी: सेलेक्ट होने वाले को-फाउंडर्स को कंपनी में 25% तक की हिस्सेदारी (Equity) मिलेगी।
कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility)
यही इस प्रोग्राम की खूबसूरती है। इसके लिए आपको किसी IIT या IIM की डिग्री की जरूरत नहीं है।
- उम्र: 18 वर्ष से ऊपर।
- प्रोफाइल: चाहे आप स्टूडेंट हों, नौकरीपेशा हों, या मिड-करियर प्रोफेशनल—अगर आपमें प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल और जिद्द है, तो आप अप्लाई कर सकते हैं।
- फीस: प्रोग्राम का पूरा खर्च आयोजक उठाएंगे, लेकिन अप्लाई करने के लिए ₹5,000 की नॉन-रिफंडेबल फीस है।
कैसे करें आवेदन? (Application Process)
आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और डेडलाइन जनवरी 2026 के मध्य तक है। समय बहुत कम है, इसलिए आज ही अप्लाई करें।
- वेबसाइट: आधिकारिक साइट thefoundery.in पर जाएं।
- फॉर्म: “APPLY NOW” पर क्लिक करें। आपको एक विस्तृत फॉर्म भरना होगा जिसमें आपके अनुभव और विचारों के बारे में पूछा जाएगा।
- वीडियो: आपको अपना 2 मिनट का एक परिचय वीडियो (Intro Video) भी अपलोड करना होगा।
- शॉर्टलिस्ट: चुने गए लोगों को इंटरव्यू और बूटकैंप के जरिए फाइनल किया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय
यह प्रोग्राम उन लोगों के लिए एक ‘लॉटरी’ जैसा है जिनके पास टैलेंट तो है लेकिन नेटवर्क या पैसा नहीं। किशोर बियानी का रिटेल अनुभव और निखिल कामत की आधुनिक सोच का यह मेल भारत में नए यूनिकॉर्न (Unicorns) पैदा कर सकता है।










