टाटा मोटर्स ने अपनी लेजेंड्री SUV Tata Sierra को 25 नवंबर 2025 को फिर से लॉन्च कर दिया है। बाजार में हवा है कि सिएरा आते ही छा गई है, लेकिन क्या वाकई इसने हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) की बादशाहत खत्म कर दी है?
आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। अगर आप भी नई SUV लेने का प्लान कर रहे हैं, तो यह रियलिटी चेक आपके लिए जरूरी है।
क्या है खबर? (The Real Picture)
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सिएरा मार्केट लीडर बन गई है, लेकिन सच यह है कि Hyundai Creta अभी भी मिड-साइज SUV सेगमेंट की ‘अंतिम बॉस’ है।
- मार्केट शेयर: क्रेटा के पास अभी भी सेगमेंट का 27% हिस्सा है।
- बिक्री: वित्तीय वर्ष 2025 में क्रेटा की करीब 1.95 लाख गाड़ियां बिकी हैं।
- ताजा हाल: अक्टूबर 2025 में भी क्रेटा की 18,000 से ज्यादा यूनिट्स बिकीं, जो इसे नंबर 1 बनाती है।
टाटा सिएरा अभी एक ‘चैलेंजर’ है, ‘विनर’ नहीं। कंपनी का लक्ष्य इसे क्रेटा और किआ सेल्टोस के विकल्प के रूप में स्थापित करना है।
Sierra की 3 बड़ी ताकतें (Why Sierra is Strong)
टाटा ने सिएरा में वो सब कुछ दिया है जो एक आम भारतीय ग्राहक चाहता है:
- कीमत का खेल: सिएरा की शुरुआती कीमत ₹11.49 लाख है। फीचर्स के हिसाब से देखें तो यह क्रेटा से करीब ₹1.5 लाख सस्ती पड़ती है।
- फीचर्स की भरमार: इसमें लेवल-2 ADAS, को-पैसेंजर स्क्रीन (जो सिर्फ महंगी लग्जरी कारों में आती है) और डॉल्बी एटमॉस साउंडबार जैसे फीचर्स हैं। क्रेटा में ये सब नदारद हैं।
- स्पेस और 7 सीटर: सबसे बड़ा प्लस पॉइंट—सिएरा 5 सीटर लेकिन इसमें स्पेस 7 सीटर गाड़ियों की तरह है। क्रेटा सिर्फ 5 सीटर है। सिएरा की पिछली सीट पर 6 फुट का आदमी भी आराम से बैठ सकता है।
लेकिन… यहाँ Creta मारती है बाजी (The Real Problem)
गाड़ी सिर्फ फीचर्स से नहीं, भरोसे से चलती है। यहीं पर सिएरा पिछड़ती नजर आती है और क्रेटा “सेगमेंट किंग” बनी हुई है।
- क्वालिटी का इश्यू: कई एक्सपर्ट्स और शुरुआती रिव्यू में सिएरा में पैनल गैप्स (Panel Gaps) और फिनिशिंग की कमी देखी गई है। टाटा की गाड़ियों में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेंसर की खराबी एक आम शिकायत रही है।
- सर्विस और भरोसा: हुंडई की सर्विस और ‘Peace of Mind’ का कोई मुकाबला नहीं है। हुंडई के सर्विस सेंटर पर गाड़ियां जल्दी ठीक होती हैं, जबकि टाटा के सर्विस सेंटर पर ग्राहकों को अक्सर कई चक्कर लगाने पड़ते हैं।
- रीसेल वैल्यू (Resale Value): क्रेटा 3 साल बाद भी अपनी कीमत का 70-75% वापस दे देती है। सिएरा नई है, इसलिए इसकी रीसेल वैल्यू अभी एक बड़ा सवालिया निशान है।
Maruti Victoris ने मारी बाजी
दिलचस्प बात यह है कि लड़ाई सिर्फ क्रेटा और सिएरा के बीच नहीं है। मारुति की नई Victoris ने अक्टूबर 2025 में 13,000 से ज्यादा यूनिट्स बेचकर अचानक दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।
टोयोटा हाइराइडर (Hyryder) भी 112% की ग्रोथ के साथ तेजी से बढ़ रही है। यानी सिएरा को सिर्फ क्रेटा से नहीं, बल्कि मारुति और टोयोटा से भी कड़ी टक्कर मिलेगी।
क्या आपको Sierra लेनी चाहिए?
शुरुआती बुकिंग रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिएरा की डिमांड मेट्रो शहरों में काफी ज्यादा है और वेटिंग पीरियड बढ़ रहा है। अगर आपको टाटा की सेफ्टी और पुरानी यादें (Nostalgia) पसंद हैं, तो सिएरा एक बेहतरीन विकल्प है। लेकिन अगर आप सेल्स नंबर्स और रीसेल वैल्यू पर भरोसा करते हैं, तो क्रेटा अभी भी रेस में आगे है। असली फैसला जनवरी-फरवरी 2026 के सेल्स आंकड़ों के बाद ही होगा।










