खेती-किसानी अब सिर्फ गेहूं-धान तक सीमित नहीं रह गई है। आज का दौर स्मार्ट फार्मिंग का है, जहां कम जमीन और कम पानी में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है। ऐसा ही एक सुपरहिट बिजनेस है – स्पिरुलिना फार्मिंग (Spirulina Farming)।
इसे ‘सुपरफूड’ कहा जाता है और बाज़ार में इसकी डिमांड इतनी ज्यादा है कि उत्पादन कम पड़ रहा है। अगर आप कम लागत में तगड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो यह बिजनेस आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
क्या है स्पिरुलिना और क्यों है इसकी मांग?
स्पिरुलिना एक तरह की जलीय वनस्पति (शैवाल/Algae) है, जिसे दुनिया का सबसे पौष्टिक आहार माना जाता है। इसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स कूट-कूट कर भरे होते हैं।
- मार्केट साइज: विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में स्पिरुलिना का बाज़ार 2024 में 45.9 मिलियन डॉलर का था, जो अगले 10 सालों में तीन गुना बढ़ने वाला है।
- इस्तेमाल: इसका उपयोग दवाइयों, कॉस्मेटिक्स, हेल्थ सप्लीमेंट्स और यहां तक कि खाने-पीने की चीजों में भी हो रहा है।
कितनी लागत में शुरू होगा काम?
स्पिरुलिना की खेती छोटे स्तर पर भी शुरू की जा सकती है। इसके लिए आपको बहुत बड़ी जमीन की जरूरत नहीं है।
- छोटा सेटअप: अगर आप आधा एकड़ में एक टैंक (1.5 लाख लीटर क्षमता) के साथ शुरुआत करते हैं, तो करीब 3 लाख रुपये का खर्च आता है।
- एक एकड़ का मॉडल: 2 टैंकों के साथ एक एकड़ में सेटअप लगाने पर औसत निवेश 2 से 3 लाख रुपये के बीच होता है (अगर जमीन और तालाब पहले से हैं)।
कमाई का गणित: मुनाफे की गारंटी?
इस बिजनेस में प्रॉफिट मार्जिन बहुत शानदार है।
- उत्पादन: एक एकड़ के सेटअप से आप महीने में आसानी से 600-700 किलो स्पिरुलिना उत्पादन कर सकते हैं।
- कीमत: रिटेल मार्केट में इसका पाउडर ₹800 से ₹1,000 प्रति किलो बिकता है। वहीं, थोक में यह ₹500-₹600 किलो तक जाता है।
- शुद्ध मुनाफा: सारे खर्चे निकालने के बाद, एक किसान महीने में 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई आराम से कर सकता है। यानी साल का 12 लाख रुपये से ज्यादा!
खेती का तरीका: आसान और टिकाऊ
स्पिरुलिना उगाने के लिए आपको खुले तालाब (Open Pond) या फोटोबायोरिएक्टर (बंद सिस्टम) की जरूरत होती है। भारत का मौसम (खासकर दक्षिण भारत) इसके लिए बेस्ट है क्योंकि इसे अच्छी धूप और गर्म तापमान चाहिए।
- पानी: इसके लिए क्षारीय (Alkaline) पानी चाहिए जिसका pH 9-10.5 हो।
- न्यूट्रिशन: पानी में यूरिया, फॉस्फेट और अन्य मिनरल्स डालकर कल्चर तैयार किया जाता है।
- कटाई: अच्छी बात यह है कि स्पिरुलिना बहुत तेजी से बढ़ता है। कल्चर डालने के बाद हर 48 घंटे में इसकी कटाई की जा सकती है।
किसे बेचें अपना माल? (Marketing)
तैयार माल बेचने के लिए आपको ज्यादा भटकना नहीं पड़ेगा।
- B2B सेल्स: सीधे पतंजलि, हिमालय या न्यूट्रास्यूटिकल कंपनियों से संपर्क करें।
- ऑनलाइन: अमेज़न, फ्लिपकार्ट पर अपना ब्रांड बनाकर बेचें।
- एक्सपोर्ट: अगर क्वालिटी अच्छी है, तो विदेशों में इसकी भारी मांग है जहां दाम और भी ज्यादा मिलते हैं।
शुरुआत कैसे करें?
सबसे पहले किसी सरकारी संस्थान (जैसे IARI, नई दिल्ली) या सफल किसान से ट्रेनिंग लें। FSSAI का लाइसेंस और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से NOC लेना न भूलें। यह एक ऐसा बिजनेस है जो न सिर्फ आपको अमीर बनाएगा बल्कि लोगों की सेहत सुधारने में भी मदद करेगा।











