नासिक से सोलापुर का सफर अब होगा सुपरफास्ट! ₹19,142 करोड़ मंजूर, बदल जाएगा महाराष्ट्र का पूरा नक्शा

January 1, 2026 5:19 PM
nashik solapur akkalkot 6 lane expressway project details

महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने पीएम गतिशक्ति (PM GatiShakti) फ्रेमवर्क के तहत महाराष्ट्र में 6-लेन नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। ₹19,142 करोड़ की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल सफर को आसान बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगा।

क्या है खबर?

केंद्रीय कैबिनेट ने महाराष्ट्र के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण 374 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड हाईवे को हरी झंडी दिखाई है। यह हाईवे नासिक को सीधे सोलापुर और अक्कलकोट से जोड़ेगा। इसे BOT (Toll) मोड में विकसित किया जाएगा, जो इसे देश के सबसे बड़े मूल्य वाले सड़क प्रोजेक्ट्स में से एक बनाता है। इस एक्सप्रेसवे को 100 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड के हिसाब से तैयार किया जाएगा।

कितना बचेगा समय?

वर्तमान में नासिक से अक्कलकोट के बीच का सफर काफी लंबा और थकाऊ है। लेकिन इस एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के बनने के बाद:

  • दूरी में कमी: मार्ग के अनुकूलन (Route Optimisation) से कुल दूरी में 201 किमी की कमी आएगी।
  • समय की बचत: विशेषज्ञों के अनुसार, सफर के समय में करीब 17 घंटे (लगभग 45%) की भारी कटौती होगी।
  • ईंधन की बचत: कम दूरी और तेज रफ्तार के कारण माल ढुलाई और निजी वाहनों के ईंधन खर्च में बड़ी राहत मिलेगी।

किसे होगा फायदा?

यह कॉरिडोर महाराष्ट्र के कई प्रमुख शहरों जैसे नासिक, अहिल्यानगर (अहमदनगर), धाराशिव और सोलापुर के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा।

  1. व्यापारी और उद्योग: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग से जुड़ने के कारण लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।
  2. किसान: नासिक और सोलापुर जैसे कृषि प्रधान जिलों के उत्पादों को बड़ी मंडियों तक पहुँचाना आसान होगा।
  3. श्रद्धालु: नासिक और अक्कलकोट जैसे धार्मिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन और तीर्थयात्रा को बढ़ावा मिलेगा।

रोजगार के बंपर अवसर

इस मेगा प्रोजेक्ट से न केवल सड़कें बनेंगी, बल्कि बड़े पैमाने पर नौकरियां भी पैदा होंगी। सरकारी अनुमान के अनुसार:

  • लगभग 251 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार (Direct Employment) मिलेगा।
  • करीब 314 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार (Indirect Employment) पैदा होगा। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय युवाओं को वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में जबरदस्त मौके मिलेंगे।

महाराष्ट्र बनेगा लॉजिस्टिक्स हब

यह हाईवे सिर्फ एक सड़क नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र को देश का लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह उत्तर भारत (आगरा-मुंबई कॉरिडोर) और पश्चिम तट को सीधे दक्षिण भारत (कुरनूल) की ओर जाने वाले मार्गों से जोड़ देगा। इससे औद्योगिक गलियारों जैसे कोप्पर्थी और ओर्वाकल को सीधा लाभ होगा।

Lakshay Pratap

मैं लगभग 4 सालो से ऑनलाइन बिज़नेस और ऑफलाइन बिज़नेस पर काम कर रहा हूँ, और में ऑफलाइन बिज़नेस की सबसे बड़ी समस्या यानी बिज़नेस के लिए जरुरी प्रोसेस और मार्केटिंग पर बहुत ज्यादा फोकस्ड हूँ। मेरे आर्टिकल्स से आपको बहुत फायदा मिलेगा।

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