दाम तय करने का मनोविज्ञान: अपनी मेहनत को कम न आंकें

अक्सर क्रिएटर्स यह सोचते हैं कि “इसे बनाने में मुझे तो बस 2 घंटे लगे, तो मैं इसे सस्ता बेचूंगा।” यह गलत सोच है।
कीमत मेहनत की नहीं, वैल्यू की होती है। अगर आपका ₹500 का टेम्पलेट किसी के 20 घंटे बचा रहा है, तो वह उसके लिए अमूल्य है।
प्राइसिंग के मनोवैज्ञानिक स्तर:
- ₹99 – ₹499 (इम्पल्स बाय): चेकलिस्ट, छोटे गाइड्स। इसके लिए ग्राहक ज्यादा सोचते नहीं हैं।
- ₹999 – ₹2999 (एक्शन टियर): टेम्पलेट बंडल्स, छोटी वर्कशॉप। यहां आपको ठोस वैल्यू दिखानी होगी।
- ₹5000+ (प्रीमियम): मेंटरशिप, विस्तृत कोर्स, सॉफ्टवेयर।
टिप: कीमतों के अंत में ‘7’ या ‘9’ का प्रयोग करें (जैसे ₹499, ₹997)। मानव मनोविज्ञान इसे ‘राउंड फिगर’ से काफी सस्ता समझता है। साथ ही, एंकर प्राइसिंग का उपयोग करें। जैसे: “कंसल्टिंग कॉल: ₹5000/घंटा, लेकिन यह पूरी गाइड सिर्फ ₹999 में।” इससे प्रोडक्ट सस्ता लगने लगता है।
कमाई को 10 गुना बढ़ाने की ‘सीढ़ी’ रणनीति
एक बार जब आपकी पहली सेल हो जाए, तो वहीं न रुकें। सफल डिजिटल बिजनेस ‘प्रोडक्ट लैडर’ (Product Ladder) या सीढ़ी पर काम करते हैं।
- Tripwire (सस्ती एंट्री): ₹99 का एक छोटा प्रोडक्ट जो ग्राहक को आपकी क्वालिटी का स्वाद चखाए।
- Core Offer (मुख्य प्रोडक्ट): ₹1500 का कोर्स या बंडल जो मुख्य समस्या हल करे।
- Premium (हाई टिकट): ₹10,000 की कोचिंग या डन-फॉर-यू सर्विस।
जो ग्राहक आपसे ₹99 की चीज खरीदता है, उसके ₹1500 का प्रोडक्ट खरीदने की संभावना एक नए अनजान व्यक्ति से 10 गुना ज्यादा होती है।
निष्कर्ष के बजाय: अब आपकी बारी
2026 में डिजिटल प्रोडक्ट बनाना और बेचना केवल एक ‘साइड हसल’ नहीं, बल्कि वित्तीय आजादी (Financial Freedom) की तरफ एक ठोस कदम है। टूल्स फ्री हैं, प्लेटफॉर्म्स फ्री हैं, और ग्राहक इंतजार कर रहे हैं।
अंतर सिर्फ एक चीज का है- एक्शन लेना।
क्या आप अगले 7 दिनों में अपना पहला डिजिटल प्रोडक्ट लॉन्च करने के लिए तैयार हैं? शुरुआत परफेक्शन से नहीं, एक छोटे से कदम से करें। आज ही अपनी डायरी उठाएं और उन 3 समस्याओं को लिखें जिन्हें आप हल कर सकते हैं। आपकी बिजनेस जर्नी यहीं से शुरू होती है।
अब आपको इस चार्ट को फॉलो करना हैं।
| चरण (Step) | क्या करना है? | फ्री टूल्स | समय |
| 1. आईडिया | समस्या ढूँढें और वैलिडेट करें | Google Trends, Reddit | 1-2 दिन |
| 2. निर्माण | MVP (छोटा वर्जन) बनाएं | Canva, Google Docs | 2-5 दिन |
| 3. प्लेटफॉर्म | ऑनलाइन स्टोर सेटअप करें | Gumroad, Big Cartel | 1 दिन |
| 4. मार्केटिंग | ऑडियंस से जुड़ें | Instagram, Email | लगातार |











