परफेक्शन के चक्कर में न पड़ें: MVP मॉडल का जादू

बिजनेस की दुनिया में एक कहावत है- “Done is better than perfect.” (पूरा होना, परफेक्ट होने से बेहतर है)।
शुरुआत में ही वर्ल्ड-क्लास प्रोडक्ट बनाने की कोशिश न करें। इसके बजाय MVP (Minimum Viable Product) तैयार करें।
MVP का मतलब है आपके प्रोडक्ट का वह सबसे छोटा वर्जन जो काम करता हो।
- अगर आप कोर्स बना रहे हैं, तो पूरा कोर्स रिकॉर्ड करने के बजाय पहले 3-5 मुख्य वीडियो बनाएं।
- अगर ई-बुक लिख रहे हैं, तो फैंसी डिजाइन के बजाय कंटेंट की क्वालिटी पर फोकस करें।
अपना MVP लॉन्च करें और शुरुआती ग्राहकों से पूछें: “क्या इससे आपकी समस्या हल हुई?” उनका फीडबैक आपको बताएगा कि आगे क्या सुधार करना है। यह तरीका आपको महीनों की मेहनत बर्बाद होने से बचाता है।
अपनी दुकान कहां सजाएं? मुफ्त प्लेटफॉर्म्स की लिस्ट
आपको अपनी वेबसाइट बनवाने के लिए हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है। 2025 में कई ऐसे प्लेटफॉर्म्स हैं जो पेमेंट गेटवे, फाइल डिलीवरी और कस्टमर सर्विस सब कुछ संभाल लेते हैं।
- Big Cartel (शुरुआत के लिए बेस्ट): 5 प्रोडक्ट्स तक यह पूरी तरह फ्री है। यह कोई ट्रांजेक्शन फीस नहीं लेता। अगर आप टेस्टिंग मोड में हैं, तो यह सबसे अच्छा विकल्प है।
- Gumroad (ग्लोबल फेवरेट): यह क्रिएटर्स के बीच सबसे लोकप्रिय है। इसमें बिल्ट-इन मार्केटप्लेस है, जिससे नए ग्राहक आपको खोज सकते हैं। हालांकि, यह बिक्री पर 10% फीस लेता है, लेकिन इसकी सुविधाएं बेहतरीन हैं।
- Payhip: यह अनलिमिटेड प्रोडक्ट्स की सुविधा देता है और फ्री प्लान पर 5% फीस लेता है। अगर आप वीडियो कोर्स या मेंबरशिप बेचना चाहते हैं, तो यह शानदार है।
- Instamojo / Razorpay (भारतीय विकल्प): अगर आपका टारगेट ऑडियंस सिर्फ भारत में है, तो आप इन प्लेटफॉर्म्स के ‘पेमेंट पेजेस’ का उपयोग करके भी अपनी ई-बुक या कोर्स बेच सकते हैं।











