क्या आप अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन फंडिंग की कमी से जूझ रहे हैं? तो साल 2025-26 आपके लिए बेहतरीन मौका लेकर आया है। भारत सरकार ने इस साल तीन ऐसे सेक्टर्स के लिए खजाना खोल दिया है, जिनमें न सिर्फ भारी डिमांड है बल्कि सरकार खुद आपको बिजनेस सेट करने के लिए पैसा दे रही है।
ये कोई हवाई वादे नहीं हैं। सरकार ने रिसाइकिलिंग, हैंडीक्राफ्ट और एग्री-टेक जैसे क्षेत्रों के लिए करोड़ों का बजट पास किया है। जानिए इन तीन बिजनेस आइडियाज के बारे में जहाँ सब्सिडी, ग्रांट और सस्ते लोन का पूरा सपोर्ट मिल रहा है।
रीसाइक्लिंग (Recycling) के धंधे में 60% तक मदद
कचरा अब कचरा नहीं, ‘सोना’ है। सरकार ने ‘National Critical Mineral Mission’ के तहत ई-वेस्ट और बैटरी रिसाइकिलिंग के लिए ₹1,500 करोड़ अलग रखे हैं।
कितना मिलेगा पैसा? मशीनरी और प्लांट लगाने पर आपको 35% से 60% तक की सब्सिडी मिल सकती है।
बोनस: अगर आप ई-वेस्ट या बैटरी रिसाइकिलिंग करते हैं, तो ऑपरेशनल सब्सिडी के तौर पर दूसरे साल में 40% और पांचवें साल में 60% तक का इंसेंटिव भी है।
लोन की टेंशन नहीं: CGTMSE स्कीम के तहत ₹10 करोड़ तक का लोन बिना किसी गारंटी (Collateral-free) के मिल सकता है। मुनाफा (Margin) 20-40% तक है, जो इसे सबसे सुरक्षित बिजनेस बनाता है।
हैंडीक्राफ्ट और टेक्सटाइल: मशीनरी पर 75% ग्रांट
अगर आप क्रिएटिव हैं या कारीगरों के साथ काम करना चाहते हैं, तो यह सेक्टर आपके लिए है। सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘National Handicrafts Development Programme’ के जरिए भारी छूट दे रही है।
शेड और मशीनरी: वर्कशेड बनाने के लिए सरकार 75% तक का खर्च (₹1.20 लाख तक) उठा रही है।
सस्ता लोन: ‘हैंडीक्राफ्ट क्रेडिट सपोर्ट स्कीम’ के तहत आपको सिर्फ 4% ब्याज दर पर ₹2 लाख तक का लोन मिल सकता है।
एक्सपोर्ट का फायदा: अगर आप अपना माल विदेश भेजते हैं, तो RoDTEP स्कीम के तहत टैक्स में पूरी छूट मिलेगी। प्रॉफिट मार्जिन एक्सपोर्ट में 40-60% तक हो सकता है।
एग्री-टेक (Agri-Tech): खेती में तकनीक, मुनाफा डबल
खेती अब सिर्फ किसान का काम नहीं, स्मार्ट एंटरप्रेन्योर्स का बिजनेस बन गया है। सरकार एग्री-स्टार्टअप्स को RKVY-RAFTAAR स्कीम के तहत सीधे ₹25 लाख तक की ‘सीड फंडिंग’ (Grant) दे रही है।
सब्सिडी की बौछार: ड्रिप इरिगेशन सिस्टम पर 45-55% और फॉर्म मशीनरी (जैसे ड्रोन, हार्वेस्टर) पर 40-60% तक की सब्सिडी उपलब्ध है।
फूड प्रोसेसिंग: अगर आप टमाटर से सॉस या आलू से चिप्स बनाने का प्लांट लगाते हैं (PM-FME स्कीम), तो 35% सब्सिडी और ₹10 लाख तक की मदद मिलती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर फंड: गोदाम या कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए ‘एग्री इंफ्रा फंड’ से सिर्फ 3% ब्याज छूट पर लोन मिल रहा है।
किसे होगा फायदा और कैसे करें अप्लाई?
ये स्कीम्स सिर्फ कागज पर नहीं हैं। 2025-26 के लिए बजट आवंटित हो चुका है।
- सबसे पहले Udyam Registration करवाएं (यह फ्री है)।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें और अपने जिले के MSME ऑफिस या नाबार्ड (NABARD) से संपर्क करें।
- रिसाइकिलिंग के लिए पॉल्यूशन बोर्ड की NOC लेना न भूलें।
विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग अभी (Early Movers) इन स्कीम्स का फायदा उठा लेंगे, वे अगले 5 सालों में मार्केट लीडर बन सकते हैं। सरकार रिस्क कम कर रही है, अब कदम बढ़ाने की बारी आपकी है।










