PM E-DRIVE योजना क्या है? भारत में इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए एक सरल गाइड

January 4, 2026 7:34 PM
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भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने वाली केंद्र सरकार की बड़ी योजना FAME 2 (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) की समय सीमा 31 मार्च 2024 को समाप्त हो गई है। इस योजना ने देश में ईवी क्रांति की नींव रखी और 16 लाख से ज़्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी का लाभ दिया।

अब, सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए एक नया और ज़्यादा फोकस वाला प्रोग्राम लेकर आई है, जिसका नाम है PM E-DRIVE (पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट) योजना।

यह नई योजना न सिर्फ FAME 2 की जगह ले रही है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और इनके चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप भी तैयार कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव भारत को 2030 तक ग्लोबल EV लीडर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

FAME 2 ने क्या काम किया था?

सरकारी रिपोर्ट बताती है कि FAME 2 योजना, जिसे 2019 में ₹11,500 करोड़ के बजट के साथ शुरू किया गया था, भारत में ईवी के इस्तेमाल को बढ़ाने में गेमचेंजर साबित हुई।

  • 16.15 लाख से ज़्यादा EV: 11 मार्च 2025 तक, इस योजना के तहत 16.15 लाख से ज़्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन (incentive) दिया गया।
  • ई-टू-व्हीलर्स का बोलबाला: सब्सिडी पाने वाले वाहनों में सबसे ज़्यादा संख्या इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की थी, जिनकी संख्या 14.28 लाख से ज़्यादा रही।
  • चार्जिंग स्टेशन: देश भर में 10,985 पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों को मंजूरी दी गई, जिनमें से 8,812 के लिए स्थान तय हो चुके थे।
  • ई-बसें: 6,862 इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न शहरों में इंट्रा-सिटी ऑपरेशंस के लिए स्वीकृत की गईं।

इस योजना ने भारत के ऑटो सेक्टर को जीवाश्म ईंधन से हटकर टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की ओर मोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

PM E-DRIVE में क्या है खास?

FAME 2 से मिली सीख के बाद, उद्योग मंत्रालय ने सितंबर 2024 में PM E-DRIVE योजना शुरू की है। यह योजना 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अक्टूबर 2024 से मार्च 2026 तक दो साल के लिए लागू रहेगी।

नई योजना का फोकस कुछ खास सेगमेंट पर ज़्यादा है और इसने पुरानी योजना की कमियों को दूर करने की कोशिश की है।

  • नया फोकस: इस योजना में सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक पर सब्सिडी दी जाएगी।
  • प्राइवेट कारें बाहर: PM E-DRIVE ने निजी इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर (कार) सेगमेंट को सब्सिडी से बाहर कर दिया है, जिससे सार्वजनिक परिवहन और वाणिज्यिक (commercial) सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
  • टारगेट बड़े: योजना का लक्ष्य 24.79 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और 3.16 लाख इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर को समर्थन देना है।
  • ई-वाउचर सिस्टम: विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे बड़ा बदलाव सब्सिडी वितरण में है। अब खरीदारों को आधार-प्रमाणित ई-वाउचर के माध्यम से प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे प्रक्रिया और भी ज़्यादा पारदर्शी और तेज़ हो जाएगी।

PM E-DRIVE का फायदा किसे होगा?

यह योजना सीधे तौर पर तीन बड़े वर्गों को फायदा पहुंचाएगी:

  1. आम खरीदार (टू-व्हीलर): चूंकि ई-टू-व्हीलर अब भी सब्सिडी के दायरे में हैं, इसलिए लाखों लोग कम कीमत पर इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीद पाएंगे। इससे शहरी प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
  2. व्यावसायिक वाहन मालिक (थ्री-व्हीलर, ई-ट्रक): ई-रिक्शा और ई-थ्री-व्हीलर पर सब्सिडी जारी रहने से छोटे व्यवसायी, डिलीवरी फ्लीट और ट्रांसपोर्टर्स को सस्ते और चलाने में किफायती वाहन मिलेंगे। ई-एम्बुलेंस को शामिल करना भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
  3. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां: ₹2,000 करोड़ का बड़ा हिस्सा चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए रखा गया है, जिसमें 72,000 से ज़्यादा चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य है। इससे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों और इससे जुड़े स्टार्टअप्स को बड़े मौके मिलेंगे।

लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट

FAME 2 में सब्सिडी के दुरुपयोग (misappropriation) की शिकायतें सामने आई थीं, खासकर ‘लोकल वैल्यू एडिशन’ (DVA) के नियमों को लेकर। कई कंपनियों पर आयातित पुर्जों को स्थानीय बताने का आरोप लगा था।

PM E-DRIVE और अन्य योजनाओं जैसे PLI (उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन) स्कीम का मकसद यही है कि कंपनियां भारत में ही बैटरी सेल और अन्य इलेक्ट्रिक कंपोनेंट्स का निर्माण करें।

  • PLI-ऑटो योजना (₹25,938 करोड़) और ACC बैटरी स्टोरेज PLI योजना (₹18,100 करोड़) सीधे तौर पर भारत को इलेक्ट्रिक वाहनों के पार्ट्स बनाने का हब बनाने पर केंद्रित हैं।
  • यह सुनिश्चित करता है कि सरकार की सब्सिडी का पैसा देश के अंदर ही रहे, रोज़गार पैदा हो, और भारत चीन जैसे देशों पर निर्भरता कम कर सके। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत प्रयास है।

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जितेन्द्र सिंह

मैं पिछले 3 सालों से बिज़नेस न्यूज़ और मार्केट अपडेट्स पर लिख रहा हूँ। मैं नई नीतियों, नियमों और ताज़ा बिज़नेस घटनाओं पर गहराई से रिसर्च करता हूँ। मेरे आर्टिकल्स से आपको सही और ताज़ी जानकारी मिलेगी।

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