केरल के कोझिकोड (Calicut) की गलियों से निकलकर एक शख्स ने ऐसा सपना देखा जिसने भारतीय एविएशन सेक्टर में हलचल मचा दी है। हम बात कर रहे हैं मोहम्मद हारिस थट्टारथिल (Mohammed Haris T) की, जिन्होंने अपनी मेहनत और विजन से ‘अलहिंद ग्रुप’ को एक ग्लोबल ब्रांड बना दिया। अब यह ग्रुप अपनी खुद की एयरलाइन ‘Alhind Air’ लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
क्या है खबर?
केरल स्थित अलहिंद ग्रुप, जो अब तक ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर का बड़ा खिलाड़ी था, अब आधिकारिक तौर पर एयरलाइन बिजनेस में उतर रहा है। कंपनी को नागरिक उड्डयन मंत्रालय से NOC (No Objection Certificate) मिल चुका है। मोहम्मद हारिस के नेतृत्व में यह एयरलाइन शुरुआत में कोच्चि को आधार बनाकर घरेलू उड़ानें शुरू करेगी।
टिकटिंग एजेंसी से ₹20,000 करोड़ का सफर
मोहम्मद हारिस की कहानी किसी फिल्मी की कहानी से कम नहीं है। 1990 के दशक की शुरुआत में उन्होंने एक छोटी सी टिकटिंग एजेंसी के रूप में अलहिंद टूर्स एंड ट्रेवल्स की शुरुआत की थी।
शुरुआत: 1992 में केरल से सफर शुरू हुआ।
विस्तार: 1995 के आसपास खाड़ी देशों (UAE) में कदम रखा।
आज की स्थिति: आज इस ग्रुप का टर्नओवर लगभग ₹20,000 करोड़ है और दुनिया भर में 130 से ज्यादा शाखाएं हैं।
कौन हैं मोहम्मद हारिस थट्टारथिल?
मोहम्मद हारिस ने अपनी पढ़ाई इतिहास, अर्थशास्त्र और फार्माकोलॉजी जैसे विषयों में की। पारंपरिक कॉरपोरेट नौकरी के बजाय उन्होंने बिजनेस को चुना। विशेषज्ञों के अनुसार, उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज भारत-खाड़ी (India-Gulf) रूट पर यात्रियों की नब्ज को समझना रहा है। उन्होंने हज और उमराह यात्रा से लेकर कार्गो और हॉस्पिटैलिटी तक हर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है।
किसे होगा फायदा और क्या है भविष्य का प्लान?
अलहिंद एयर के आने से सबसे ज्यादा फायदा दक्षिण भारत और खाड़ी देशों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को होगा।
- किफायती उड़ानें: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ने से टिकट की कीमतों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
- नए विमान: कंपनी ATR 72-600 विमानों के साथ घरेलू रूट पर शुरुआत करेगी।
- अंतरराष्ट्रीय विस्तार: घरेलू सफलता के बाद कंपनी का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (खासकर मिडिल ईस्ट) शुरू करना है।
मजबूत टीम का साथ
मोहम्मद हारिस अकेले इस मिशन पर नहीं हैं। उनके साथ एमडी पी. वी. वलसराज और निदेशक टी. अहमद हारिस जैसे अनुभवी लोग हैं। वलसराज के पास विमानन क्षेत्र का 30 साल से ज्यादा का अनुभव है, जो इस नई एयरलाइन के ऑपरेशंस को मजबूती देगा।
सरकारी रिपोर्ट और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अलहिंद एयर के आने से ‘एयर इंडिया’ और ‘इंडिगो’ जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर मिल सकती है, खासकर केरल के मार्केट में।










