गौतम अडानी की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज (AEL) ने बिहार के एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में बड़ा कदम रखा है। कंपनी ने हाल ही में ‘मुंगेर सुल्तानगंज रोड लिमिटेड’ (MSRL) नाम की एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly Owned Subsidiary) बनाई है। इस कंपनी का मुख्य काम बिहार के महत्वाकांक्षी गंगा पथ पहल के तहत मुंगेर-सुल्तानगंज रोड का विकास करना होगा।
यह घटनाक्रम अडानी समूह की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बढ़ती दिलचस्पी और बिहार सरकार के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के प्रयासों दोनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रोड प्रोजेक्ट बिहार के पूर्वी हिस्से में लॉजिस्टिक्स और वाणिज्यिक गतिविधियों को तेज़ी देगा।
क्या है खबर?
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने 3 नवंबर, 2025 को मुंगेर सुल्तानगंज रोड लिमिटेड (MSRL) का गठन किया है। यह कंपनी पूरी तरह से अडानी के स्वामित्व वाली है, जिसकी शुरुआती पूंजी ₹1,00,000 है जिसे 10,000 इक्विटी शेयरों (₹10 प्रति शेयर) में विभाजित किया गया है।
- उद्देश्य: MSRL को विशेष रूप से बिहार के मुंगेर (सफियाबाद) – बरियारपुर – घोरघट – सुल्तानगंज रोड के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए बनाया गया है।
- पंजीकरण: यह कंपनी अहमदाबाद में पंजीकृत है और अभी इसने सक्रिय रूप से व्यावसायिक परिचालन शुरू नहीं किया है। इसका पूरा फोकस केवल इसी परियोजना को समय पर पूरा करने पर होगा।
- सरकारी घोषणा: अडानी एंटरप्राइजेज ने इस नई सहायक कंपनी के गठन की औपचारिक सूचना NSE और BSE जैसे स्टॉक एक्सचेंजों को भी दे दी है, ताकि शेयरधारकों के बीच पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
कितनी बड़ी है यह परियोजना?
मुंगेर-सुल्तानगंज रोड परियोजना बिहार की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है। यह राज्य की प्रमुख ‘गंगा पथ’ पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गंगा के किनारे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ना है।
- मॉडल: यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत लागू की जाएगी। HAM एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल है, जो सरकारी और निजी निवेश दोनों को संतुलित करता है।
- फायदा: इस मॉडल में, निजी डेवलपर (यहां MSRL) को परियोजना पूरी होने और ऑपरेशन के दौरान सरकार से एन्युटी पेमेंट (वार्षिकी भुगतान) मिलता है। इससे कंपनी को कमाई का एक स्थिर स्रोत मिलता है और जोखिम कम होता है।
किसे होगा फायदा?
इस रोड के बनने से मुंगेर, सुल्तानगंज और भागलपुर के बीच कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा, जिससे पूर्वी बिहार की पूरी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।
- व्यापार और लॉजिस्टिक्स: यह नया रोड एक विकास गलियारा (Development Corridor) बनाएगा। आसान और तेज़ परिवहन से इस क्षेत्र में कृषि उत्पाद, औद्योगिक सामान और अन्य वस्तुओं का आवागमन काफी तेज़ हो जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- स्थानीय रोज़गार: विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से स्थानीय स्तर पर निर्माण और संबंधित सेवाओं में रोज़गार के अवसर पैदा होते हैं।
- अडानी समूह को लाभ: MSRL के लॉन्च के साथ, अडानी एंटरप्राइजेज अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहा है। यह कदम उनकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिससे उन्हें पूरे देश में बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स में जगह बनाने में मदद मिलेगी।
सरकारी रिपोर्ट बताती हैं कि बिहार सरकार अपनी सड़कों को राष्ट्रीय मानकों के बराबर लाने पर जोर दे रही है। अडानी जैसी बड़ी निजी कंपनी का इसमें शामिल होना दिखाता है कि अब बड़े प्राइवेट प्लेयर्स भी बिहार के सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश करने को तैयार हैं, जो राज्य के विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
आने वाले वर्षों में, जैसे ही यह परियोजना नियोजन से क्रियान्वयन (Execution) की ओर बढ़ेगी, पूर्वी बिहार में परिवहन कनेक्टिविटी पूरी तरह से बदल जाएगी, जिससे अडानी शेयरधारकों और बिहार के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य दोनों को enduring value मिलने की उम्मीद है।
अगर ये प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा हो जाता हैं, तो बिहार के लोकल बुसिनेस को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वो आपने आपको एक्सपैंड कर पाएंगे, क्यूंकि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर व्यापार की काया पलट देता हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां एक शेयर की जानकारी दी गयी है, निवेश की राय नहीं। कॉर्प भारत केवल आपको इस प्रोजेक्ट के बारे में बता रहा हैं, ताकि आप जागरूक हो। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)










