पूरी दुनिया जब AI (Artificial Intelligence) के नाम पर सिर्फ Nvidia की बातें कर रही है, तब कैलिफोर्निया की एक दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी शांति से अपना साम्राज्य खड़ा कर चुकी है। हम बात कर रहे हैं Broadcom Inc. की, जिसने डेटा सेंटर और नेटवर्किंग चिप्स के दम पर बाजार में तहलका मचा दिया है।
ग्लोबल फाइनेंस रिपोर्ट्स और ‘मॉर्गन स्टेनली’ (Morgan Stanley) के विश्लेषकों का मानना है कि 2026 तक कुछ खास सेक्टर्स में Broadcom की कमाई Nvidia को भी पीछे छोड़ सकती है। आइए जानते हैं कि कैसे यह कंपनी टेक जगत की नई पावरहाउस बन गई है।
कैसे बनी 1 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी?
Broadcom ने ग्लोबल AI बूम का सबसे ज्यादा फायदा उठाया है। हाल ही में दिसंबर 2024 में इस कंपनी ने 1 ट्रिलियन डॉलर के जादुई आंकड़े को पार किया है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2025 की शुरुआत में Broadcom का मार्केट कैप लगभग $1.222 ट्रिलियन तक पहुंच गया। इस छलांग के साथ ही इसने दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट में 8वां स्थान हासिल कर लिया है और TSMC तथा Berkshire Hathaway जैसे दिग्गजों को पछाड़ दिया है।
73 बिलियन डॉलर के पेंडिंग ऑर्डर ने मचाई खलबली
वित्तीय नतीजों की बात करें तो Broadcom ने Q4 FY2025 में $18.02 बिलियन का भारी-भरकम रेवेन्यू दर्ज किया है, जिसने वॉल स्ट्रीट के सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसका कस्टम AI चिप (ASICs) बिज़नेस है। फिलहाल कंपनी के पास $73 बिलियन (लगभग 6 लाख करोड़ रुपये) के एडवांस AI चिप ऑर्डर पेंडिंग हैं, जिनकी डिलीवरी अगले 18 महीनों में होनी है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1) में ही कंपनी का AI रेवेन्यू दोगुना होकर $8.2 बिलियन होने की उम्मीद है।
Google के बाद अब Microsoft पर निशाना
अभी तक Broadcom का सबसे बड़ा क्लाइंट Google रहा है, जिसके लिए कंपनी खास ‘टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट’ (TPU) बनाती है। लेकिन अब कंपनी अपनी निर्भरता कम करने के लिए मास्टरस्ट्रोक खेल रही है।
मार्केट सूत्रों के मुताबिक, Broadcom अब Microsoft और OpenAI के साथ एक बड़ी डील के अंतिम चरण में है। इसमें 10 गीगावाट का एक ऐतिहासिक एग्रीमेंट भी शामिल है। यह डील Broadcom को Nvidia के सीधे विकल्प के रूप में स्थापित कर देगी।
भारत में 61 बिलियन डॉलर की डील और मास्टरप्लान
कंपनी ने हाल ही में टेक इतिहास का सबसे बड़ा दांव खेलते हुए 61 बिलियन डॉलर में VMware का अधिग्रहण किया है। Broadcom के इंडिया वीपी (VP) प्रदीप नायर के अनुसार, भारत उनके लिए एक बड़ा बाजार और ‘प्रोडक्ट डेवलपमेंट हब’ दोनों है।
कंपनी भारतीय ऑपरेशंस में हर साल 2 बिलियन डॉलर का निवेश कर रही है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) जैसी देश की सबसे बड़ी संस्थाएं VMware की तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। इसके अलावा, टेलीकॉम सेक्टर में भी Broadcom ने Apple और Cisco के साथ मिलकर Jio और Vodafone Idea के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंपनी चाहती है कि 6GHz स्पेक्ट्रम को ‘अनलाइसेंस्ड वाई-फाई’ के लिए फ्री रखा जाए।
चुनौतियों के बीच नया ‘Thor Ultra’ चिप
इतनी शानदार ग्रोथ के बावजूद Broadcom के लिए रास्ता पूरी तरह साफ नहीं है। AI सिस्टम की बिक्री बढ़ने और TSMC जैसी कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग लागत के कारण Broadcom के ‘प्रॉफिट मार्जिन’ पर दबाव पड़ रहा है।
इसी मार्जिन घटने की आशंका के चलते 2025 के अंत में कंपनी के शेयरों में 5% की गिरावट भी देखी गई थी। वहीं, Cisco ने भी अपना नया चिप ‘Silicon One G300’ लॉन्च करके सीधी चुनौती दी है। इन सब से निपटने के लिए Broadcom ने अपना सबसे पावरफुल नेटवर्किंग चिप ‘Thor Ultra’ बाजार में उतार दिया है, जो AI डेटा सेंटर्स की स्पीड कई गुना बढ़ा देगा।








