क्या आपने पीएम आवास योजना के लिए शिकायत की थी और अब अधिकारी जांच (Physical Verification) के लिए आने वाले हैं? सावधान हो जाइए! एक सीनियर जर्नलिस्ट के तौर पर मैंने देखा है कि 90% लोग यहीं मात खा जाते हैं।
शिकायत करना आसान है, लेकिन जब टीम दरवाजे पर आती है और आपके कागज इधर-उधर बिखरे मिलते हैं, तो अधिकारी इसी ‘अव्यवस्था’ का फायदा उठाकर फाइल को “Incomplete” मार्क कर देते हैं। जैसे बिजनेस में ‘ऑडिट’ की तैयारी होती है, वैसे ही आज ही बाजार से ₹10-20 वाली एक प्लास्टिक फोल्डर फाइल खरीदें और नीचे दी गई ‘मास्टर चेकलिस्ट’ के हिसाब से कागज तैयार रखें।
1. पहचान का पक्का सबूत (Identity Proofs)
जब अधिकारी आएंगे, तो सबसे पहले वो यही देखेंगे कि आवेदन करने वाला और सामने खड़ा इंसान एक ही है या नहीं। फाइल में सबसे ऊपर ये रखें:
- आधार कार्ड: अपना और परिवार के सभी बालिग सदस्यों का। (चेक करें कि नाम की स्पेलिंग बैंक पासबुक से हूबहू मिले)।
- राशन कार्ड: यह सबसे अहम है क्योंकि यह आपकी ‘Family Unit’ साबित करता है। अगर आप माता-पिता से अलग रहते हैं, तो राशन कार्ड भी अलग होना चाहिए।
- मनरेगा जॉब कार्ड: अगर आप ग्रामीण इलाके से हैं, तो यह डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को बहुत मजबूत बना देता है।
2. ‘कच्चा मकान’ साबित करने का हथियार (Housing Proofs)
यही वह पॉइंट है जहां सबसे ज्यादा फॉर्म रिजेक्ट होते हैं। अधिकारी का मुंह बंद करने के लिए आपके पास ठोस सबूत होना चाहिए।
- शपथ पत्र (Affidavit): ₹50 या ₹100 के स्टाम्प पेपर पर नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र बनवाएं। इसमें साफ लिखा हो- “मेरा या मेरे परिवार का पूरे भारत में कोई पक्का मकान नहीं है।” यह सबसे बड़ा लीगल डॉक्यूमेंट है।
- मौजूदा घर की फोटो: अपने कच्चे मकान या झोपड़ी के सामने पूरे परिवार के साथ खड़े होकर खींची गई फोटो फाइल में जरूर लगाएं।
3. कमाई और बैंक का लेखा-जोखा
सरकार को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि आप वाकई EWS (आर्थिक रूप से कमजोर) वर्ग में आते हैं।
- आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार या पटवारी द्वारा जारी किया गया नया सर्टिफिकेट (कोशिश करें 6 महीने से पुराना न हो)।
- बैंक पासबुक: फ्रंट पेज की साफ फोटोकॉपी जिसमें अकाउंट नंबर और IFSC कोड दिखता हो।
- खास टिप: जन-धन खाता हो या सेविंग्स, वह ‘Active’ (चालू) होना चाहिए। बंद खाते की वजह से पैसा अटकने के मामले रोज आते हैं।
Geo-Tagging के वक्त न करें ये गलती
सिर्फ कागज दिखाने से काम नहीं चलेगा। जब अधिकारी मोबाइल ऐप से आपके घर की फोटो (Geo-Tagging) लें, तो उन पर नजर रखें।
- अक्सर अधिकारी गलती से या जल्दबाजी में आपके कच्चे घर की जगह बगल वाले पक्के मकान की दीवार के साथ फोटो ले लेते हैं।
- इससे सिस्टम को लगता है कि आपका घर पहले से पक्का है। आपको उन्हें टोकने का पूरा हक है। सुनिश्चित करें कि फोटो उसी हिस्से की ली जाए जो जर्जर या कच्चा है।








