30 Startup Government Schemes: भारत आज दुनिया के नक्शे पर केवल एक बाजार नहीं, बल्कि ‘उद्यमियों की महाशक्ति’ (Superpower of Entrepreneurs) बनकर उभरा है। 2025 तक आते-आते देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम इतना परिपक्व हो चुका है कि अब पैसों की कमी किसी बिजनेस आइडिया को मारने का कारण नहीं बन सकती। चाहे आप दिल्ली-मुंबई के टेक एक्सपर्ट हों या बिहार-राजस्थान के गांव में खेती करने वाले युवा सरकार ने हर वर्ग, हर सेक्टर और हर जरूरत के लिए एक मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार किया है।
हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में स्टार्टअप्स ने 17 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा की हैं और 31 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन बांटे जा चुके हैं। लेकिन असली सवाल यह है—क्या आप इन योजनाओं का फायदा उठा रहे हैं? जानकारी का अभाव ही सबसे बड़ी बाधा है।
आज हम आपके लिए लाए हैं 30 ऐसी सरकारी योजनाओं की कम्पलीट गाइड, जो 2025 में आपके बिजनेस के सपनों को पंख लगा सकती हैं। यह केवल एक लिस्ट नहीं, बल्कि आपकी सफलता का रोडमैप है।
शुरुआती कदम: जब आपके पास सिर्फ आइडिया हो (Core Startup Schemes)
किसी भी बिजनेस का सबसे कठिन दौर होता है ‘शून्य से एक’ तक का सफर। जब बैंक आप पर भरोसा नहीं करते, तब ये योजनाएं आपका हाथ थामती हैं।
1. स्टार्टअप इंडिया पहल (Startup India Initiative)
यह भारतीय स्टार्टअप्स के लिए ‘मदर स्कीम’ है। अगर आपका बिजनेस रजिस्टर्ड है और नया है, तो आपको 3 साल तक इनकम टैक्स (Tax Holiday) से पूरी छूट मिलती है। इसके अलावा, 9 तरह के लेबर और पर्यावरण कानूनों में आपको सेल्फ-सर्टिफिकेशन की सुविधा मिलती है, यानी ‘इंस्पेक्टर राज’ का डर पूरी तरह खत्म।
2. स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS)
अक्सर नए उद्यमियों के पास प्रोटोटाइप बनाने के पैसे नहीं होते। यह स्कीम आपको 20 लाख रुपये तक का ग्रांट देती है, जिसे लौटाना नहीं पड़ता। अगर आप प्रोडक्ट मार्केट में उतार रहे हैं, तो 50 लाख रुपये तक का निवेश भी मिल सकता है।
3. समृद्धि योजना (SAMRIDH Scheme)
यह आईटी (IT) और सॉफ्टवेयर स्टार्टअप्स के लिए वरदान है। MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय) की इस पहल के तहत आपको 40 लाख रुपये तक की फंडिंग मिलती है। इसका मकसद भारतीय सॉफ्टवेयर उत्पादों को विदेशी निवेशकों के सामने पेश करना है।
पूंजी का प्रवाह: लोन और क्रेडिट सपोर्ट (Funding & Credit Schemes)
व्यापार बढ़ाने के लिए पैसा चाहिए, लेकिन गारंटी (Collateral) की शर्त अक्सर रुकावट बनती है। इन योजनाओं ने इस बाधा को हटा दिया है।
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4. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)
देश की सबसे लोकप्रिय योजना, जिसने छोटे व्यापारियों की दुनिया बदल दी। इसमें तीन कैटेगरी हैं:
- शिशु: 50,000 रुपये तक (शुरुआत के लिए)।
- किशोर: 50,000 से 5 लाख रुपये तक।
- तरुण: 10 लाख रुपये तक। खास बात यह है कि इसके लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं होती।
5. क्रेडिट गारंटी स्कीम (CGS for Startups)
यह स्कीम विशेष रूप से स्टार्टअप्स के लिए डिजाइन की गई है। इसके तहत 5 करोड़ रुपये तक का लोन बिना किसी कोलेटरल के मिलता है। सरकार बैंकों को यह भरोसा देती है कि अगर स्टार्टअप फेल हुआ, तो रिस्क कवर किया जाएगा।
6. स्टैंड-अप इंडिया (Stand-Up India)
समाज में समानता लाने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है। एससी/एसटी (SC/ST) और महिला उद्यमियों को अपना मैन्युफैक्चरिंग या सर्विस प्लांट लगाने के लिए 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का लोन मिलता है।
7. पीएम ईजीपी (PMEGP)
यह योजना लोन के साथ-साथ भारी सब्सिडी भी देती है। अगर आप गांव में प्रोजेक्ट लगा रहे हैं, तो आपको 35% तक की सब्सिडी मिल सकती है। यह स्कीम मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों सेक्टर के लिए खुली है।
8. क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (CLCSS)
अगर आप अपनी फैक्ट्री में नई मशीनें लगाना चाहते हैं या टेक्नोलॉजी अपग्रेड करना चाहते हैं, तो सरकार आपको 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी (15%) देती है। यह पुरानी मशीनों को बदलकर आधुनिक बनने का सुनहरा मौका है।
9. आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS)
कोविड के समय शुरू हुई यह योजना आज भी मुश्किल वक्त में बिजनेस को नकदी (Cash flow) की समस्या से बचाती है। यह एमएसएमई (MSME) को 100% गारंटी वाला अतिरिक्त लोन प्रदान करती है।
10. सिडबी स्माइल योजना (SIDBI SMILE)
यह स्कीम ‘मीडियम’ यानी मध्यम उद्योगों के लिए है। इसमें बहुत ही कम शर्तों पर (Soft Loan) कर्ज मिलता है ताकि कंपनियां अपना विस्तार कर सकें और इक्विटी जैसी फंडिंग का लाभ उठा सकें।
भविष्य की तकनीक: इनोवेशन और आर-एंड-डी (Innovation & Tech)
2025 का साल एआई (AI) और डीप-टेक का है। अगर आपका बिजनेस भविष्य की तकनीक पर आधारित है, तो बजट में आपके लिए खास प्रावधान हैं।
11. अटल इनोवेशन मिशन (AIM 2.0)
नीति आयोग की यह पहल स्कूलों से लेकर इंडस्ट्री तक इनोवेशन को बढ़ावा देती है। इसमें ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ और ‘अटल इंक्यूबेशन सेंटर्स’ शामिल हैं, जो स्टार्टअप्स को मेंटरशिप और वर्कस्पेस मुहैया कराते हैं।
12. इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड (EDF)
यह ‘फंड ऑफ फंड्स’ है जो इलेक्ट्रॉनिक्स, नैनो-इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर में काम करने वाले वेंचर कैपिटल फंड्स में निवेश करता है। इसका कुल कॉर्पस 2200 करोड़ रुपये से अधिक है।
13. SIP-EIT (अंतरराष्ट्रीय पेटेंट सुरक्षा)
अगर आप एक टेक स्टार्टअप हैं और अपने आविष्कार का पेटेंट विदेश में कराना चाहते हैं (जो कि बहुत महंगा होता है), तो सरकार इस स्कीम के जरिए आपकी फीस और खर्च का बड़ा हिस्सा उठाती है।
14. एस्पायर (ASPIRE) योजना
यह योजना ‘गांव और खेती’ को तकनीक से जोड़ती है। एग्री-बिजनेस इंक्यूबेटर खोलने के लिए 1 करोड़ रुपये तक की मदद मिलती है। इसका मकसद ग्रामीण भारत में रोजगार के अवसर पैदा करना है।
15. आरडीआई (RDI) स्कीम
अनुसंधान और विकास (R&D) को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने 1 लाख करोड़ रुपये के कॉर्पस को मंजूरी दी है। यह प्राइवेट कंपनियों को रिसर्च के लिए बहुत कम ब्याज पर लंबी अवधि का लोन देता है।
16. डीप-टेक फंड ऑफ फंड्स (Deeptech Fund)
बजट 2025 में घोषित इस 10,000 करोड़ रुपये के फंड का पूरा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग पर है। यह उन स्टार्टअप्स के लिए है जो लैब से निकलकर मार्केट में आना चाहते हैं।
नारी शक्ति: महिला उद्यमियों के लिए विशेष अवसर
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के बिना 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का सपना अधूरा है। ये योजनाएं महिलाओं को ‘बॉस’ बनाने के लिए हैं।
17. प्रधानमंत्री महिला उद्यम निधि
यह स्कीम खास तौर पर महिलाओं के लिए है, जिसमें पुराने बिजनेस को अपग्रेड करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता है। इसमें ब्याज दरें बाजार से कम होती हैं।
18. लखपति दीदी योजना
ग्रामीण भारत में यह योजना क्रांति ला रही है। सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) की महिलाओं को 1 से 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाता है। इसका लक्ष्य महिलाओं की सालाना आय को कम से कम 1 लाख रुपये करना है।
19. शिल्प दीदी प्रोग्राम
हस्तशिल्प और कारीगरी में माहिर महिलाओं के लिए यह योजना ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक पहुंच बनाती है। सरकार न केवल स्किल ट्रेनिंग देती है, बल्कि आपके उत्पादों की मार्केटिंग भी करती है।
खेत से बाजार तक: एग्री और सेक्टर-स्पेसिफिक स्कीम्स
कृषि अब केवल खेती नहीं, बल्कि एक बड़ा बिजनेस बन चुकी है। एग्री-टेक स्टार्टअप्स के लिए यहां असीम संभावनाएं हैं।
20. एग्री सीड फंडिंग स्कीम
कृषि क्षेत्र में नए आइडिया लाने वाले स्टार्टअप्स को 25 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग मिलती है। इसका उपयोग स्मार्ट फार्मिंग, सप्लाई चेन और फूड प्रोसेसिंग में किया जा सकता है।
21. रफ़्तार (RKVY-RAFTAAR)
यह योजना एग्री-बिजनेस इंक्यूबेटर्स (R-ABIs) के जरिए काम करती है। इसमें स्टार्टअप्स को ट्रेनिंग, मेंटरशिप और ग्रांट दी जाती है ताकि वे खेती की समस्याओं का आधुनिक समाधान निकाल सकें।
22. पीएलआई (PLI) स्कीम
‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने वाली यह सबसे बड़ी योजना है। 14 सेक्टरों (जैसे मोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग) में उत्पादन बढ़ाने पर सरकार 4% से 6% तक का इंसेंटिव (कैशबैक) देती है। 2025 के बजट में इसका आवंटन और बढ़ाया गया है।
23. फास्ट (FAST) प्रोग्राम
फिनटेक (Fintech) स्टार्टअप्स के लिए यह आरबीआई (RBI) और सरकार की साझा पहल है। यह डिजिटल पेमेंट और वित्तीय तकनीकों में नए प्रयोग करने वालों को सपोर्ट करती है।
एमएसएमई और बिजनेस ग्रोथ: छोटे उद्योगों की बड़ी छलांग
भारत की रीढ़ कहे जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए सरकार ने सुरक्षा का पूरा चक्रव्यूह बनाया है।
24. रैम्प (RAMP) स्कीम
6,000 करोड़ रुपये की यह वर्ल्ड बैंक समर्थित योजना MSMEs को प्रतिस्पर्धी बनाने पर काम करती है। यह आपको डिजिटल तकनीक अपनाने और ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ने में मदद करती है।
25. सीजीटीएमएसई (CGTMSE)
यह MSME सेक्टर की सबसे भरोसेमंद गारंटी योजना है। अब इसकी सीमा बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये (कुछ मामलों में) कर दी गई है। यह बैंकों को बिना कोलेटरल लोन देने का हौसला देती है।
26. एनएसआईसी (NSIC) सब्सिडी
अगर आप छोटे उद्यमी हैं और कच्चा माल (Raw Material) खरीदने में दिक्कत आ रही है, या सरकारी टेंडर भरना चाहते हैं, तो NSIC आपको वित्तीय मदद और टेंडर फीस में छूट देती है।
27. सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE)
यह एक अनूठी पहल है। जो सामाजिक संगठन (NGO) या सोशल एंटरप्राइजेज समाज सेवा के साथ बिजनेस कर रहे हैं, वे यहां लिस्ट होकर शेयर बाजार की तरह जनता से चंदा या निवेश जुटा सकते हैं।
28. 59-मिनट लोन स्कीम
अब लोन के लिए महीनों फाइलें नहीं दौड़ानी पड़तीं। psbloansin59minutes पोर्टल पर आप जीएसटी और आईटी रिटर्न अपलोड करके 59 मिनट में 1 लाख से 5 करोड़ रुपये तक के लोन की इन-प्रिंसिपल मंजूरी पा सकते हैं।
29. 25% पूंजी निवेश सब्सिडी
यह योजना उन उद्यमियों के लिए है जो पिछड़े इलाकों या विशिष्ट क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं। आपको प्रोजेक्ट लागत पर 25% (अधिकतम 6.25 लाख रुपये) की सीधी सब्सिडी मिलती है।
30. एमएसएमई चैंपियंस स्कीम (Champions)
यह एक हॉलिस्टिक स्कीम है जो छोटी इकाइयों को ‘चैंपियन’ बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसमें जीरो इफेक्ट-जीरो डिफेक्ट (ZED) सर्टिफिकेशन और डिजिटल तकनीक अपनाने पर सब्सिडी मिलती है।
सफलता का मंत्र: आवेदन से पहले ध्यान रखने योग्य बातें
इन 30 योजनाओं को जानकर आपके मन में उत्साह जरूर होगा, लेकिन याद रखें—योजना का लाभ उसे मिलता है जिसकी तैयारी पक्की होती है।
- दस्तावेज: अपना आधार, पैन, जीएसटी रजिस्ट्रेशन और उद्यम आधार (Udyam Aadhaar) हमेशा अपडेट रखें।
- बिजनेस प्लान: बैंक या सरकार आपको पैसा तब देगी जब उन्हें आपके प्लान में दम दिखेगा। एक प्रोफेशनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाएं।
- पोर्टल: अधिकतर योजनाओं के लिए अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। ‘जनसमर्थ पोर्टल’ (JanSamarth) और ‘स्टार्टअप इंडिया’ पोर्टल पर जाकर आप घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।
निष्कर्ष की जगह एक नई शुरुआत सरकार ने अपना काम कर दिया है—पैसे, पॉलिसी और प्लेटफॉर्म देकर। अब बारी आपकी है। 2025 में केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इनमें से जो योजना आपके बिजनेस मॉडल में फिट बैठती है, उसे आज ही चुनें और अपनी सफलता की कहानी लिखना शुरू करें।











