Khajoor Farming: बंजर जमीन उगलेगी सोना! एक बार लगाएं, 100 साल तक लाखों कमाएं – जानिए सरकारी स्कीम

December 9, 2025 8:52 PM
rajasthan khajoor farming subsidy income guide 2025

राजस्थान के रेगिस्तान अब केवल रेत के टीले नहीं रहे, बल्कि ‘हरा सोना’ उगलने वाली मशीन बन गए हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं खजूर की खेती (Date Palm Farming) की। जहाँ पानी खारा है और जमीन बंजर, वहाँ किसान अब पारंपरिक फसलों को छोड़कर खजूर से सालाना लाखों की कमाई कर रहे हैं।

अगर आप भी खेती से करोड़पति बनने का सपना देख रहे हैं, तो राजस्थान सरकार की यह स्कीम और खजूर का गणित आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

क्या है ‘खजूर’ का पूरा गणित?

राजस्थान में खजूर का उत्पादन पिछले तीन सालों में तीन गुना बढ़ गया है। बाड़मेर और जैसलमेर जैसे जिले अब खजूर के हब बन चुके हैं। सरकारी आंकड़ों की मानें तो राज्य में उत्पादन 800 टन से बढ़कर 2,800 टन तक पहुँच गया है।

सबसे खास बात यह है कि खजूर का पेड़ 50 डिग्री तापमान भी झेल सकता है और खारे पानी में भी पनप सकता है। यानी जहाँ गेहूँ-बाजरा फेल हो जाते हैं, वहाँ खजूर का पेड़ किसानों की जेब भर रहा है।

सरकार दे रही है 75% तक की सब्सिडी

खेती शुरू करने में सबसे बड़ा खर्चा पौधों का होता है। लेकिन यहाँ सरकार आपकी मदद के लिए तैयार है।

  • टिश्यू कल्चर (Tissue Culture): खजूर की खेती के लिए टिश्यू कल्चर तकनीक सबसे बेस्ट मानी जाती है। इसका एक पौधा करीब 2,000 से 2,500 रुपये का आता है।
  • सब्सिडी का फायदा: राजस्थान सरकार ड्रिप इरिगेशन अपनाने वाले किसानों को पौधों पर 75% तक सब्सिडी देती है।
  • नेट कॉस्ट: सब्सिडी के बाद किसान को एक पौधा मात्र 500 से 600 रुपये का पड़ता है।

कितनी होगी कमाई? (Income Calculation)

यह खेती एक लॉन्ग-टर्म एफडी (Fixed Deposit) जैसी है।

  • पेड़ प्रति एकड़: एक एकड़ में करीब 60-70 पेड़ लगाए जाते हैं।
  • उत्पादन: एक पूर्ण विकसित पेड़ से 50 से 90 किलो खजूर निकलता है।
  • रेवेन्यू: अगर बाजार भाव 100-150 रुपये प्रति किलो भी मिले, तो एक एकड़ से सालाना 3.5 लाख से 5.5 लाख रुपये की कमाई आसानी से हो सकती है।
  • लाइफ स्पैन: एक बार पेड़ लगाने के बाद यह 80 से 100 साल तक फल देता है। यानी एक बार निवेश और पीढ़ियों तक मुनाफा।

कौन सी किस्में (Variety) हैं बेस्ट?

विशेषज्ञों और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के अनुसार, राजस्थान की जलवायु के लिए कुछ खास किस्में सबसे उपयुक्त हैं:

  1. बरही (Barhee): यह पीले रंग का होता है और पकने से पहले ही मीठा हो जाता है। इसकी बाजार में बहुत मांग है।
  2. मेद्जूल (Medjool): यह दुनिया की सबसे प्रीमियम वैरायटी मानी जाती है।
  3. खुनेजी (Khuneji): इसका रंग लाल होता है और यह भी अच्छी कीमत देता है।

प्रोसेसिंग से डबल मुनाफा

सिर्फ कच्चा फल ही नहीं, बल्कि आप इसका ‘पिंड’ (Processed Dates) बनाकर भी बेच सकते हैं। जैसलमेर के कई प्रगतिशील किसान फलों की सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग करके सीधे शहरों में सप्लाई कर रहे हैं। इससे उनका मुनाफा 30-40% तक बढ़ गया है।

खेती शुरू करने का सही समय

खजूर के पौधे लगाने का सबसे सही समय फरवरी से मार्च के बीच होता है। अगर आप इस खेती में रुचि रखते हैं, तो अपने जिले के कृषि विभाग या ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर डेट पाम’ (सगरा-भोजका) से संपर्क कर सकते हैं। यह न केवल बंजर जमीन का सदुपयोग है, बल्कि एग्री-बिज़नेस में एक सुरक्षित निवेश भी है।

राहुल शर्मा

मैं पिछले 3 सालों से कृषि और एग्री-बिज़नेस की जानकारी लोगों तक पहुँचा रहा हूँ। मैं किसानों और नए एग्री उद्यमियों के लिए उपयोगी व आसान भाषा में आर्टिकल्स लिखता हूँ। मेरे लेख पढ़कर आप खेती और कृषि-व्यापार को बेहतर समझ पाएँगे।

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