Aramco Energy 2025: दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी Saudi Aramco ने भारत में अपने निवेश और उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने हाल ही में अपने downstream यानी रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल सेक्टर में हिस्सेदारी बढ़ाकर लगभग 60 प्रतिशत कर ली है।
इस कदम को भारत के ऊर्जा बाज़ार के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
क्या है खबर
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Aramco ने अपनी संयुक्त उद्यम कंपनी Petro Rabigh में हिस्सेदारी बढ़ाई है।
यह कंपनी रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन दोनों काम एक साथ करती है।
इस विस्तार के बाद Aramco का लक्ष्य है कि भारत सहित एशियाई देशों में ऊर्जा सप्लाई और प्रोसेसिंग चेन को और मजबूत किया जाए।
इसके साथ ही Aramco ने हाल में Nayara Energy को कच्चे तेल की सप्लाई अस्थायी रूप से रोकने का फैसला भी लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी की नई व्यापारिक रणनीति का हिस्सा है, जो अधिक लाभदायक अनुबंधों और ऊर्जा मूल्य निर्धारण पर केंद्रित है।
भारत में Aramco की भूमिका
Aramco भारत में अपनी सहायक कंपनी Aramco Asia India Pvt. Ltd. के ज़रिए काम करती है।
यह कंपनी केवल तेल की आपूर्ति ही नहीं करती, बल्कि मार्केटिंग, पार्टनरशिप, सप्लायर मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी कोलैबोरेशन में भी सक्रिय है।
भारत के तेजी से बढ़ते ऊर्जा उपभोग को देखते हुए Aramco यहाँ दीर्घकालिक अवसर देख रही है।
कंपनी के मुताबिक, भारत अगले 10 वर्षों में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता देश बन जाएगा।
इसी को ध्यान में रखते हुए Aramco ने भारत को अपनी एशिया ग्रोथ स्ट्रैटेजी का मुख्य केंद्र बताया है।
क्यों अहम है यह निवेश
दुनिया में तेल की मांग अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
Aramco के सीईओ Amin Nasser ने हाल ही में कहा था कि “ऊर्जा संक्रमण के बावजूद तेल की वैश्विक मांग जल्द कम नहीं होगी।”
कंपनी अब पारंपरिक तेल कारोबार के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी में भी निवेश बढ़ा रही है।
भारत जैसे विकासशील देश के लिए यह रणनीति महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ऊर्जा आपूर्ति स्थिर रहेगी और विदेशी साझेदारियों के नए अवसर बनेंगे।
इसके अलावा Aramco के साथ सहयोग से भारत के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल सेक्टर को भी आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।
Aramco की भविष्य योजना
Aramco अब भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में AI-आधारित ऑयल रिफाइनिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी लागू करने की योजना बना रही है।
कंपनी का कहना है कि ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए ऑटोमेशन और डेटा-ड्रिवन एनालिटिक्स जरूरी होंगे।
साथ ही Aramco भारत में अपने ट्रेडिंग नेटवर्क का विस्तार कर LNG और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्लीन एनर्जी उत्पादों की सप्लाई चेन पर भी ध्यान दे रही है।
भारत पर प्रभाव
Aramco का यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा नीति के लिए अहम साबित हो सकता है।
जहाँ एक ओर भारत कच्चे तेल का लगभग 85% आयात करता है, वहीं Aramco जैसे वैश्विक साझेदार निवेश से यह निर्भरता अधिक संतुलित हो सकती है।
इसके साथ भारत में रोजगार, तकनीकी सहयोग और ऊर्जा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भी बढ़ने की उम्मीद है।










