भारत का जॉब मार्केट 2026 तक पूरी तरह बदलने जा रहा है।ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के कारण अब कंपनियां ऐसे टैलेंट की तलाश में हैं जो टेक्निकल के साथ-साथ क्रिएटिव भी हों।
World Economic Forum की “Future of Jobs Report 2025” के अनुसार, भारत में AI, क्लाउड और साइबरसिक्योरिटी जैसे सेक्टरों में 2026 तक 1 मिलियन से ज्यादा नई नौकरियों की संभावना है।
क्या है ट्रेंड
2025 में भारत का टेक सेक्टर ग्लोबल AI और क्लाउड सर्विस एक्सपोर्ट का हब बन रहा है।
Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, AI प्रोफेशनल्स की मांग 2026 तक 1 मिलियन तक पहुंच सकती है, जबकि क्लाउड स्किल्स में 60 प्रतिशत तक डिमांड-सप्लाई गैप बढ़ने की उम्मीद है।
1. AI / Machine Learning / Data Science
भारत में AI टैलेंट की कमी लगातार बढ़ रही है।
Prompt Engineering, LLM Optimization और Data Visualization जैसी स्किल्स तेजी से डिमांड में हैं।
कई स्टार्टअप्स अब AI इंटरफेस और ऑटोमेशन सॉल्यूशंस पर फोकस कर रहे हैं।
2. Cloud Computing और DevOps
AWS, Azure और GCP जैसे क्लाउड प्लेटफॉर्म्स की वजह से Cloud Architect, DevOps Engineer और Server Automation एक्सपर्ट्स की मांग 2026 तक 35 लाख नई नौकरियों तक पहुंच सकती है।
3. Cyber Security Experts
Digital India के विस्तार के साथ साइबर अटैक के मामले भी बढ़ रहे हैं।
इसलिए Network Security, Ethical Hacking और Risk Management स्किल्स की डिमांड सबसे ऊपर रहेगी।
NASSCOM रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत को अगले दो साल में लगभग 3.5 लाख साइबरसिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी।
4. Creative Thinking और Digital Soft Skills
तकनीकी स्किल्स के साथ अब कंपनियां क्रिएटिव थिंकिंग, कम्युनिकेशन और टीमवर्क को भी प्राथमिकता दे रही हैं।
WEF की रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक हर 10 में से 8 नौकरियों में सॉफ्ट स्किल्स जरूरी होंगी।
इसलिए “लर्निंग एज अ लाइफटाइम” सोच अब नई करियर जरूरत है।
5. Green Tech, AR/VR और Robotics
सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं।
ग्रीन एनर्जी मैनेजमेंट, रीसाइक्लिंग टेक और रोबोटिक्स में करियर के अवसर बढ़ेंगे।
भारत में EV और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्रियों के लिए Automation Programming और Digital Twins जैसी स्किल्स की मांग 2026 तक दोगुनी होने का अनुमान है।
2026 के लिए स्किल-गाइड
- AI, Data और Cloud पर फोकस करें
- प्रोजेक्ट्स और हैंड-ऑन एक्सपीरियंस जोड़ें
- सॉफ्ट स्किल्स और लीडरशिप पर काम करें
- हर 6 महीने री-स्किलिंग का लक्ष्य रखें











