Amazon Layoffs 2025: ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने 2025 के आख़िर में एक बड़ा फैसला लिया है।
कंपनी ने दुनियाभर में 14,000 से ज़्यादा कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है।
सूत्रों के मुताबिक़, यह संख्या बढ़कर 30,000 तक भी जा सकती है, यानी कुल वर्कफोर्स का लगभग 10% हिस्सा प्रभावित हो सकता है।
छंटनी की शुरुआत अमेरिका से हुई है, लेकिन आने वाले हफ़्तों में इसके असर अन्य देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, तक पहुँचने की उम्मीद है।
Amazon ने अपने कर्मचारियों को ई-मेल के ज़रिए नोटिफिकेशन भेजना शुरू कर दिया है।
कंपनी ने क्या कहा?
Amazon की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (People Experience & Technology) Beth Galetti ने अक्टूबर 2025 के एक आंतरिक मेमो में बताया कि कंपनी करीब 14 हज़ार कॉर्पोरेट रोल्स को समाप्त कर रही है।
उन्होंने लिखा कि यह फैसला कंपनी को अधिक सरल, तेज़ और प्रभावी बनाने के लिए लिया गया है।
“हम अपने ऑपरेशन्स से ग़ैर-ज़रूरी परतें हटा रहे हैं और उन टीमों पर संसाधन केन्द्रित कर रहे हैं जो भविष्य की सबसे बड़ी संभावनाओं पर काम कर रही हैं,” Galetti ने कहा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि > “AI की मौजूदा लहर इंटरनेट के बाद सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति साबित हो सकती है।”
Amazon ने यह भी पुष्टि की कि प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेन्स पे, री-प्लेसमेंट असिस्टेंस और ट्रांजिशन सपोर्ट दी जाएगी ताकि वे नई भूमिकाओं में आसानी से शिफ्ट हो सकें।
किन विभागों पर असर?
इस बार छंटनी मुख्य रूप से निम्न विभागों में की जा रही है —
- HR (People Experience & Technology) – लगभग 15% पद कट सकते हैं।
- Amazon Web Services (AWS) – कुछ प्रोडक्ट और क्लाउड टीमों में कटौती।
- Devices & Services Division – Alexa और डिवाइस प्रोजेक्ट्स पर असर।
- Retail & Operations – मिड-मैनेजमेंट पदों में कमी।
Amazon का कहना है कि यह कदम दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, ताकि कंपनी “lean और tech-driven” बन सके।
क्यों हो रही है इतनी बड़ी छंटनी?
1 . महामारी के दौरान ओवर-हायरिंग:
COVID-19 के समय Amazon ने तेज़ी से कर्मचारियों की भर्ती की थी, जिससे आज लागत बहुत बढ़ गई है।
2 . AI और Automation पर ज़ोर:
कंपनी अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग में अरबों डॉलर निवेश कर रही है।
इस वजह से कई मैन्युअल और सपोर्ट रोल अब कम प्रासंगिक हो गए हैं।
3 . ग्लोबल इकोनॉमिक प्रेशर:
दुनिया भर में ब्याज दरों और खर्चों में वृद्धि के कारण Amazon जैसे बड़े संगठनों को भी लागत घटानी पड़ रही है।
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
Amazon के भारत में 10,000 से ज़्यादा कर्मचारी बैंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों में काम कर रहे हैं।
अभी तक कंपनी की तरफ़ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि AI restructuring का असर भारत में भी देखने को मिल सकता है।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार = “AI और डेटा-एनालिटिक्स स्किल्स रखने वाले कर्मचारी अब ज़्यादा सुरक्षित रहेंगे।”
निवेशकों और कर्मचारियों के लिए क्या मतलब है?
- निवेशकों के लिए यह कदम लागत घटाने और लाभ बढ़ाने का संकेत है।
- कर्मचारियों के लिए यह एक wake-up call है, अब रूटीन जॉब से ज़्यादा अहम है “tech-based skillset”।
- आने वाले महीनों में कंपनी AI, क्लाउड और ऑटोमेशन से जुड़े नए पदों पर भर्ती कर सकती है।
क्या Amazon अकेली कंपनी है?
नहीं।
2025 में Google, Meta और Microsoft जैसी कई कंपनियों ने भी AI-driven restructuring के तहत हजारों कर्मचारियों को निकाला है।
यह ट्रेंड बताता है कि अब टेक इंडस्ट्री की प्राथमिकता “कम लोग, ज़्यादा ऑटोमेशन” बन गई है।










