IPO का सीज़न लौट आया! अक्टूबर 2025 में ₹41,000 करोड़ की लिस्टिंग से बाजार में हलचल

October 14, 2025 11:36 PM
ipo boom october 2025 news in hindi

अक्टूबर 2025 भारत के शेयर बाज़ार के लिए ऐतिहासिक महीना बनता जा रहा है। इस महीने करीब ₹41,000 करोड़ की नई कंपनियाँ शेयर बाज़ार में लिस्ट होने को तैयार हैं। यह सिर्फ़ एक वित्तीय घटना नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक ताक़त का संकेत है अब देश की कंपनियाँ वैश्विक निवेशकों के रडार पर केंद्र में हैं।

कौन-कौन सी बड़ी लिस्टिंग आने वाली हैं

इस लिस्ट में सबसे आगे है Tata Capital, जिसकी ₹14,000 करोड़ की IPO चर्चा में है। दूसरा बड़ा नाम है LG Electronics, जो भारत में ₹10,700 करोड़ की पब्लिक एंट्री करने जा रही है।

इनके अलावा कुछ मध्यम और नए स्टार्टअप्स जैसे : Happilo, Ather Energy और IIFL Samasta Finance भी बाज़ार में कदम रख सकते हैं। इन सभी लिस्टिंग्स से उम्मीद है कि 2025 भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO वर्ष साबित होगा।

निवेशकों में क्यों है उत्साह

पिछले दो वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने स्थिरता दिखाई है। महंगाई नियंत्रित रही, विदेशी निवेश बढ़ा और सरकारी नीतियाँ स्पष्ट हुईं। इसी वजह से विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर लौटा है। अब निवेशक मानते हैं कि भारत सिर्फ़ उभरता हुआ बाज़ार नहीं, बल्कि स्थायी निवेश गंतव्य है।

IPO के ज़रिए निवेश करने वाले युवाओं की संख्या भी तेज़ी से बढ़ी है। Groww और Zerodha जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर पिछले छह महीनों में नए निवेशकों में लगभग 24% वृद्धि दर्ज की गई है।

किन सेक्टरों में गतिविधि दिखेगी

इस बार का IPO बूम किसी एक उद्योग तक सीमित नहीं है। टेक्नोलॉजी, फिनटेक, ग्रीन एनर्जी, ऑटोमोटिव और मैन्युफैक्चरिंग सभी सेक्टरों में नई लिस्टिंग्स दिख रही हैं। इनमें ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग सबसे तेज़ी से निवेश आकर्षित कर रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार आने वाले वर्षों में “Sustainable + Digital India” थीम निवेश का नया आधार बनेगी। निवेशक अब सिर्फ़ मुनाफ़े पर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विज़न वाले बिज़नेस मॉडल पर दांव लगा रहे हैं।

भारत की IPO कहानी कहाँ तक जाएगी

2021 में भारत ने लगभग $16 बिलियन के IPO जुटाए थे। 2025 में यह आँकड़ा $21 बिलियन तक जा सकता है, जिससे भारत एशिया में तीसरे स्थान पर पहुँच सकता है। यह दर्शाता है कि भारतीय बाज़ार अब वैश्विक निवेश का नया केंद्र बन रहा है।

ब्रोकरेज फर्में, फिनटेक प्लेटफ़ॉर्म और कॉरपोरेट एडवाइजरी कंपनियाँ इस ट्रेंड का हिस्सा बनने की होड़ में हैं। हर कोई चाहता है कि इस “IPO लहर” में वह अपनी जगह बनाए चाहे बतौर निवेशक, या बतौर सलाहकार।

IPO बूम का असली मतलब

यह लहर केवल शेयर बेचने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि भारत की उद्यमशीलता और आत्मविश्वास की वापसी की कहानी है। अब न केवल बड़ी कंपनियाँ बल्कि मध्यम स्टार्टअप्स भी बाज़ार से पूँजी जुटाने के लिए तैयार हैं। भारत का पूँजी बाज़ार अब निवेश और विकास दोनों का प्रतीक बन चुका है।

जितेन्द्र सिंह

मैं पिछले 3 सालों से बिज़नेस न्यूज़ और मार्केट अपडेट्स पर लिख रहा हूँ। मैं नई नीतियों, नियमों और ताज़ा बिज़नेस घटनाओं पर गहराई से रिसर्च करता हूँ। मेरे आर्टिकल्स से आपको सही और ताज़ी जानकारी मिलेगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment