राजस्थान के कारीगरों, शिल्पकारों और बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र और राज्य सरकार की साझा पहल ‘विश्वकर्मा योजना’ अब छोटे कामगारों और अपना बिजनेस शुरू करने वालों की तकदीर बदल रही है। इस योजना के जरिए न सिर्फ बिना गारंटी के लोन मिल रहा है, बल्कि टूलकिट खरीदने के लिए पैसे और बुढ़ापे के लिए पेंशन की सुविधा भी दी जा रही है।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 तक देशभर में इस योजना के लिए 2.7 करोड़ से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। राजस्थान इस मामले में टॉप-5 राज्यों में शामिल है, जहां पहले ही साल में 1.3 लाख से अधिक कारीगरों को सफलता पूर्वक लोन बांटा जा चुका है।
योजना के तीन प्रमुख हिस्से क्या हैं?
राजस्थान में जब हम विश्वकर्मा योजना की बात करते हैं, तो इसमें मुख्य रूप से तीन अलग-अलग सरकारी योजनाएं शामिल होती हैं। इन तीनों का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, पारंपरिक कारीगरों और नए स्टार्टअप (startup) शुरू करने वाले युवाओं को आर्थिक मजबूती देना है।
आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह तीनों योजनाएं (पीएम विश्वकर्मा, युवा उद्यमी प्रोत्साहन और मुख्यमंत्री पेंशन योजना) मिलकर राजस्थान के MSME सेक्टर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो रही हैं। आइए इन तीनों के बारे में विस्तार से समझते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना: टूलकिट और सस्ता लोन
यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जो 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को सीधा फायदा पहुंचाती है। अगर आप अपने हाथों या औजारों से काम करते हैं, तो यह स्कीम आपके लिए है।
योजना के तहत कामगारों को 5 से 7 दिन की बेसिक और 15 दिन की एडवांस स्किल ट्रेनिंग दी जाती है। इस दौरान हर दिन 500 रुपये का स्टाइपेंड (stipend) मिलता है। ट्रेनिंग पूरी होने पर आधुनिक औजार खरीदने के लिए 15,000 रुपये का ई-वाउचर दिया जाता है। इसके अलावा, अपना काम बढ़ाने के लिए 3 लाख रुपये तक का कोलैटरल-फ्री (बिना गारंटी) लोन मिलता है। पहले चरण में 1 लाख रुपये (5% ब्याज पर) और दूसरे चरण में 2 लाख रुपये का लोन दिया जाता है।
किन 18 व्यवसायों को मिलेगा सीधा लाभ?
सरकार ने इस योजना के तहत उन पारंपरिक कामों को शामिल किया है, जो पीढ़ियों से चले आ रहे हैं। इनमें निम्नलिखित व्यवसाय शामिल हैं:
- बढ़ई (सुथार)
- नाव बनाने वाले (Boat Maker)
- अस्त्र बनाने वाले (Armourer)
- लोहार (Blacksmith)
- हथौड़ा और टूलकिट निर्माता
- ताला बनाने वाले
- सुनार (Goldsmith)
- कुम्हार (Potter)
- मूर्तिकार और पत्थर तराशने वाले
- मोची और जूता कारीगर
- राजमिस्त्री (Mason)
- टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले
- पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले
- नाई (Barber)
- माला बनाने वाले
- धोबी (Washerman)
- दर्जी (Tailor)
- मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले
युवाओं के लिए 2 करोड़ रुपये तक का लोन
राजस्थान सरकार ने साल 2025 में ‘विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना’ की शुरुआत की थी। यह योजना 18 से 45 साल के युवाओं को अपना बिजनेस या MSME स्टार्टअप शुरू करने में मदद करती है।
इसके तहत युवाओं को 2 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है। राज्य सरकार इस लोन पर 8% की ब्याज सब्सिडी देती है। अगर आवेदन करने वाली महिला, SC/ST या दिव्यांग है, तो 1% की अतिरिक्त सब्सिडी मिलती है। सबसे खास बात यह है कि इसमें 25% मार्जिन मनी (अधिकतम 5 लाख रुपये तक) का अनुदान भी सरकार की तरफ से दिया जाता है। इसके लिए सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
बुढ़ापे का सहारा: हर महीने 3000 रुपये की पेंशन
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना’ चलाई जा रही है। यह योजना 2024 में शुरू की गई थी।
यह 41 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के उन कामगारों के लिए है, जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये से कम है। इसमें उम्र के हिसाब से हर महीने 60 से 100 रुपये का प्रीमियम जमा करना होता है। 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद लाभार्थी को हर महीने 3000 रुपये की निश्चित पेंशन मिलती है।
योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी रखी गई है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से सही पोर्टल का चुनाव कर सकते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आप सीधे ‘pmvishwakarma.gov.in’ पर जा सकते हैं या अपने नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक पासबुक की जरूरत होगी। वहीं, युवा उद्यमी योजना और पेंशन योजना के लिए राजस्थान सरकार के ‘SSO पोर्टल’ (sso.rajasthan.gov.in) पर जाकर ई-मित्र के जरिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वकर्मा योजनाओं का यह ट्रिनिटी मॉडल (Trinity Model) छोटे कारीगरों को महाजनों के महंगे कर्ज से बचा रहा है। सरकारी गारंटी और सब्सिडी के कारण अब ग्रामीण युवा नौकरी मांगने की जगह खुद का रोजगार स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े कुछ जरुरी सवाल
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कितना लोन मिलता है?
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को बिना गारंटी के 3 लाख रुपये तक का लोन मिलता है। पहले चरण में 5% ब्याज पर 1 लाख और दूसरे चरण में 2 लाख रुपये दिए जाते हैं।
विश्वकर्मा योजना में किन 18 व्यवसायों को शामिल किया गया है?
इस योजना में बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, मोची, नाई, दर्जी, धोबी, नाव बनाने वाले और मूर्तिकार जैसे 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना का लाभ किसे मिलेगा?
यह योजना 41 से 45 वर्ष के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए है। 60 साल की उम्र के बाद इसमें 3000 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है।
राजस्थान में विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
केंद्र की पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए pmvishwakarma.gov.in पर और राज्य की युवा उद्यमी या पेंशन योजना के लिए राजस्थान के SSO पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) पर आवेदन किया जा सकता है।











