शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) सिर्फ एक टीवी शो नहीं, बल्कि भारतीय बिजनेस जगत के लिए एक क्रांति साबित हुआ है। खास तौर पर ‘खाने-पीने’ यानी स्नैकिंग इंडस्ट्री में इस शो ने कई छोटे स्टार्टअप्स को करोड़ों की कंपनी बना दिया है।
भुजिया-नमकीन से लेकर हेल्दी चिप्स तक, इन ब्रांड्स ने न सिर्फ शार्क (Investors) का दिल जीता, बल्कि आज ये बाजार में हल्दीराम और पेप्सीको जैसी दिग्गज कंपनियों को टक्कर दे रहे हैं। आइए जानते हैं उन टॉप स्नैक ब्रांड्स के बारे में, जिन्होंने निवेशकों को 333 गुना तक रिटर्न दिया है।
Let’s Try: अमन गुप्ता का ‘जैकपॉट’ निवेश
अगर शार्क टैंक के इतिहास के सबसे बड़े रिटर्न की बात करें, तो ‘Let’s Try’ का नाम सबसे ऊपर आता है। जब इसके फाउंडर्स शो में आए थे, तब उनका बिजनेस सिर्फ 6-7 महीने पुराना था। लेकिन अमन गुप्ता (boAt) ने उनकी क्षमता को पहचाना और ₹12 लाख का निवेश किया।
आज यह दांव इतिहास बन गया है। 2025 तक आते-आते अमन गुप्ता का वह ₹12 लाख का हिस्सा बढ़कर ₹40 करोड़ हो गया है। यानी सीधा 333 गुना (333x) रिटर्न! कंपनी की वैल्यूएशन अब ₹324 करोड़ पार कर चुकी है।
- सफलता का राज: पाम ऑयल की जगह ‘मूंगफली के तेल’ (Groundnut Oil) का इस्तेमाल और हेल्दी नमकीन ने इसे लोगों की पहली पसंद बना दिया।
Skippi Ice Pops: जब सारे शार्क्स साथ आए
बचपन की याद दिलाने वाली ‘बर्फ की चुस्की’ को ब्रांड बनाने वाले ‘Skippi Ice Pops’ ने शो पर इतिहास रचा था। यह पहला स्टार्टअप था जिसे ‘ऑल शार्क्स डील’ (All Sharks Deal) मिली थी।
निवेश मिलने के बाद स्किपी की रफ्तार रॉकेट जैसी हो गई। जो कंपनी शो से पहले महीने का 4-5 लाख का बिजनेस करती थी, वह डील के बाद ₹70 लाख महीना कमाने लगी। आज स्किपी न सिर्फ भारत में, बल्कि दुबई, हॉन्ग-कॉन्ग और नेपाल जैसे देशों में भी बिक रही है।
Beyond Snack: केले के चिप्स का ग्लोबल अवतार
केरल के पारंपरिक बनाना चिप्स (Banana Chips) को ग्लोबल ब्रांड बनाने का काम किया ‘Beyond Snack’ ने। शार्क टैंक में फंडिंग मिलने के बाद इस ब्रांड ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
- नेटवर्क: 1,000 दुकानों से शुरू होकर अब यह ब्रांड 4,000 से ज्यादा रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध है।
- रेवेन्यू: इनकी मासिक कमाई ₹20 लाख से बढ़कर सवा दो करोड़ (₹2.25 Cr) के पार चली गई है। कर्नाटक में अपनी नई फैक्ट्री के साथ ये अब हर महीने 600 टन चिप्स बनाने की क्षमता रखते हैं।
TagZ Foods: बिना तला हुआ ‘हेल्दी’ स्नैक
अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) से फंडिंग उठाने वाले ‘TagZ Foods’ ने चिप्स खाने वालों की सबसे बड़ी समस्या को हल किया फैट और कोलेस्ट्रॉल। इन्होंने भारत के पहले ‘popped’ (बिना तले और बिना बेक किए) चिप्स लॉन्च किए, जिसमें 50% कम फैट होता है।
फंडिंग के बाद TagZ की ग्रोथ तीन गुना हो गई है। 6 शहरों से शुरू हुआ यह सफर अब 20 भारतीय शहरों और ऑस्ट्रेलिया-कुवैत जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच चुका है।
स्नैकिंग मार्केट में ₹100 बिलियन का मौका
विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 तक भारत का स्नैकिंग मार्केट 100 बिलियन डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये) को छू रहा है। FitFeast (प्रोटीन स्नैक्स) और MadMix (मिलेट्स स्नैक्स) जैसे नए खिलाड़ी भी अब इस दौड़ में शामिल हो गए हैं।
ये स्टार्टअप्स साबित कर रहे हैं कि अगर प्रोडक्ट में दम हो और ब्रांडिंग सही हो, तो भारतीय उपभोक्ता स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छी कीमत चुकाने को तैयार हैं।











