अगर आप राजस्थान में अपनी नई फैक्ट्री लगाने, स्टार्टअप शुरू करने या पुराने बिज़नेस का विस्तार करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है। राज्य को देश का सबसे बड़ा ‘इन्वेस्टमेंट हब’ बनाने के लिए सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है।
उद्योग विभाग और व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, ‘राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना’ (RIPS) फिलहाल राज्य की सबसे पावरफुल औद्योगिक नीति है। अगर आप सही तरीके से इस योजना का इस्तेमाल करें, तो आपके शुरुआती निवेश (Capex) का एक बहुत बड़ा हिस्सा सरकार खुद वापस लौटा देती है।
RIPS 2024: उद्यमियों के लिए खुला खजाना
राज्य में निजी निवेश और रोजगार को रफ्तार देने के लिए RIPS 2022 को लागू किया गया था, जिसे अब ‘RIPS 2024’ के रूप में और भी ज्यादा आकर्षक बना दिया गया है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह बंपर छूट वाली योजना 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी।
इस योजना का सीधा उद्देश्य सिर्फ बड़े घरानों को नहीं, बल्कि छोटे उद्यमियों (MSME), महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे बिज़नेस और नए स्टार्टअप्स को वित्तीय और गैर-वित्तीय मदद देकर उन्हें पैरों पर खड़ा करना है।
किन सेक्टर्स में पैसा लगाने पर है सबसे ज्यादा मुनाफा?
सरकार हर बिज़नेस को बराबर इंसेंटिव नहीं देती। अगर आप भविष्य की डिमांड को देखते हुए इन खास सेक्टर्स (Sunrise Sectors) में निवेश करते हैं, तो आपको प्रायोरिटी मिलेगी:
- ग्रीन एनर्जी: सोलर, विंड, बायोमास, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम।
- लॉजिस्टिक्स: इंडस्ट्रियल पार्क, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर।
- टेक और सर्विस: IT/ITES, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और पर्यटन उद्योग।
- मैन्युफैक्चरिंग: ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट्स।
35% कैपिटल सब्सिडी और टैक्स में भारी छूट
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसके वित्तीय लाभ (Financial Incentives) हैं, जो सीधे आपके बैंक खाते और बैलेंस शीट को मजबूत करते हैं।
योजना के तहत मिलने वाले मुख्य फायदों पर एक नजर डालें:
- पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy): आपके द्वारा प्लांट और मशीनरी में किए गए फिक्स्ड निवेश पर सेक्टर और लोकेशन के हिसाब से 28% से 35% तक की सीधी सब्सिडी मिलती है।
- SGST प्रतिपूर्ति: आपके बिज़नेस द्वारा चुकाए गए स्टेट GST का लगभग 75% से 90% हिस्सा सरकार 7 साल तक वापस (Refund) कर देती है।
- टर्नओवर-लिंक्ड इंसेंटिव: कुछ विशेष और बड़े प्रोजेक्ट्स में 10 साल तक टर्नओवर का 2.5% अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाता है।
- जमीन और बिजली पर छूट: नई फैक्ट्री के लिए स्टांप ड्यूटी, भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क (Land Use Change) और बिजली शुल्क पर 75% से 100% तक की भारी छूट दी जा रही है।
ऑनलाइन आवेदन और अप्रूवल का आसान तरीका
सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने का दौर अब खत्म हो चुका है। RIPS के तहत अपनी नई यूनिट या विस्तार वाले प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है।
इसके लिए आपको उद्योग विभाग के ‘राजनिवेश’ (RajNivesh) पोर्टल पर जाकर सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए आवेदन करना होता है। ध्यान रहे कि योजना की अवधि के भीतर या अप्रूवल मिलने के दो साल के अंदर आपका कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाना चाहिए, तभी आप इन दावों (Claims) के लिए पात्र माने जाएंगे।
स्टार्टअप और MSME के लिए गेमचेंजर रणनीति
अगर आप एक MSME या स्टार्टअप फाउंडर हैं, तो बिजनेस के शुरुआती दिनों में ‘कैश-फ्लो’ मेंटेन करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। RIPS पॉलिसी सीधे इसी दर्द का इलाज करती है। अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाते समय कैपिटल सब्सिडी और SGST रिफंड को अपने फाइनेंशियल मॉडल में जरूर शामिल करें।
अगर आपके पास कोई बड़ी ज़मीन है, तो लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग या सोलर प्लांट का प्रोजेक्ट प्लान करें। इन सेक्टर्स में RIPS के तहत एक्स्ट्रा इंसेंटिव्स (Extra Incentives) मिलते हैं, जो आपके बैंक लोन को जल्दी चुकाने और बिज़नेस को मुनाफे में लाने में ‘गेमचेंजर’ साबित होंगे।










