60% तक गिरी सेल! राजस्थान के इन इलाकों में बंदी की कगार पर पहुंचे पेट्रोल पंप

February 21, 2026 9:33 PM
rajasthan haryana border petrol diesel smuggling news

अगर आप राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर के आस-पास रहते हैं या वहां से सफर करते हैं, तो आपने एक बड़ा बदलाव जरूर नोटिस किया होगा। राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में पेट्रोल पंप सूने पड़े हैं, जबकि हरियाणा की तरफ वाले पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हैं।

यह सिर्फ एक संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे करोड़ों रुपये का एक ऐसा ‘अवैध कारोबार’ पनप रहा है, जिसने राजस्थान के पेट्रोलियम डीलर्स की नींद उड़ा दी है। टैक्स और कीमतों में भारी अंतर के कारण बुहाना, झुंझुनूं और पचेरीकलां जैसे इलाकों में पेट्रोल पंपों की बिक्री 40 से 60 फीसदी तक गिर गई है।

₹11 का भारी अंतर और करोड़ों का ‘काला खेल’

इस पूरे बिज़नेस क्राइसिस की जड़ है दोनों राज्यों के बीच फ्यूल की कीमतों में बड़ा अंतर। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाती है:

  • राजस्थान में भाव: पेट्रोल लगभग ₹106.21/लीटर और डीजल ₹91.70/लीटर है।
  • हरियाणा में भाव: पेट्रोल मात्र ₹95.62/लीटर और डीजल ₹88.08/लीटर है।

पेट्रोल पर सीधा 10 से 11 रुपये और डीजल पर 3 से 4 रुपये का यह मार्जिन तस्करों के लिए मुनाफे की मशीन बन गया है। ट्रक और भारी कमर्शियल वाहन चालक राजस्थान में तेल भरवाने के बजाय कुछ किलोमीटर एक्स्ट्रा ड्राइव करके हरियाणा से टैंक फुल करवा रहे हैं।

परचून की दुकानों पर खुलेआम बिक रहा ‘मौत का सामान’

इस प्राइस गैप ने एक खतरनाक पैरेलल इकोनॉमी (Parallel Economy) को जन्म दे दिया है। हरियाणा के सस्ते पंपों से ड्रमों और प्लास्टिक के केनों में भरकर हजारों लीटर तेल रोज़ाना राजस्थान की सीमा में लाया जा रहा है।

सबसे डरावनी बात यह है कि यह ज्वलनशील तेल अब रिहायशी इलाकों और गांवों की छोटी परचून दुकानों पर पानी की बोतलों में खुलेआम बेचा जा रहा है। इन दुकानों पर न तो फायर सेफ्टी (Fire Safety) का कोई इंतजाम है और न ही प्रशासन का कोई खौफ। विशेषज्ञों का मानना है कि सघन आबादी वाले क्षेत्रों में इस तरह का अवैध भंडारण किसी भी दिन एक बड़े और जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है।

बॉर्डर के ये इलाके बने तस्करी के नए ‘हब’

इस अवैध नेटवर्क का सबसे बड़ा केंद्र दिल्ली-झुंझुनूं मार्ग पर स्थित ‘गोदबलाहा’ बन गया है। बॉर्डर खत्म होते ही हरियाणा की सीमा में एक साथ 8 पेट्रोल पंप खुल गए हैं, जिन्हें स्थानीय लोग अब ‘पंप नगरी’ कहने लगे हैं।

इन पंपों से रोज़ाना औसतन 5 हजार लीटर तक तेल बिक रहा है, जिसका एक बड़ा हिस्सा तस्करी के जरिए राजस्थान पहुंचता है। दूसरी ओर, राजस्थान के नीमकाथाना, खेतड़ी, सिंघाना, चिड़ावा, सूरजगढ़ और पिलानी क्षेत्र के पेट्रोल पंप 2 हजार लीटर की सेल के लिए भी तरस रहे हैं।

Source: Rajasthan Patrika News

डीलर्स की मांग: टैक्स में हो समानता

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन लगातार सरकार से गुहार लगा रहा है कि पड़ोसी राज्यों के समान ही वैट (VAT) और टैक्स दरें लागू की जाएं। उनका तर्क बिल्कुल स्पष्ट है- अगर कीमतें समान होंगी, तो तस्करी अपने आप खत्म हो जाएगी।

टैक्स घटने से भले ही प्रति लीटर रेवेन्यू कम हो, लेकिन पेट्रोल पंपों की बिक्री (Volume) बढ़ने से राज्य सरकार के कुल राजस्व (Total Revenue) में भारी इजाफा ही होगा। फिलहाल प्रशासन की सुस्ती के चलते बॉर्डर इलाके के कई पुराने और प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप बिज़नेस हमेशा के लिए बंद होने की कगार पर आ खड़े हुए हैं।

Lakshay Pratap

मैं लगभग 4 सालो से ऑनलाइन बिज़नेस और ऑफलाइन बिज़नेस पर काम कर रहा हूँ, और में ऑफलाइन बिज़नेस की सबसे बड़ी समस्या यानी बिज़नेस के लिए जरुरी प्रोसेस और मार्केटिंग पर बहुत ज्यादा फोकस्ड हूँ। मेरे आर्टिकल्स से आपको बहुत फायदा मिलेगा।

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