राजस्थान बजट 2026-27 में राज्य सरकार ने कृषि सेक्टर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक चला है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में “मिशन राज GIFT” (Mission Raj Gift) की घोषणा की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि खेती को पूरी तरह से आधुनिक और मुनाफे का सौदा बनाने का एक ‘कम्प्लीट पैकेज’ है। इसमें किसानों को अपनी उपज का सही दाम दिलाने से लेकर ब्याजमुक्त कर्ज और फ्री बीज तक की व्यवस्था की गई है।
किसानों को मिलेगा उपज का ‘सही दाम’
लंबे समय से किसानों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि उन्हें उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिलती। सरकारी घोषणा के अनुसार, ‘मिशन राज GIFT’ का मुख्य फोकस इसी समस्या को जड़ से खत्म करना है।
इस मिशन को “फार्म प्राइस सपोर्ट व मार्केट-लिंक्ड” सिस्टम के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि सरकार किसानों की फसल को सीधे बड़े बाजारों (जैसे e-NAM या एफपीओ) से जोड़ने की तैयारी कर रही है, ताकि बिचौलियों का रोल खत्म हो और सीधा मुनाफा किसान की जेब में जाए।
25,000 करोड़ के ब्याजमुक्त लोन का ऐलान
खेती-किसानी में सबसे बड़ी जरूरत नकद पैसे की होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने राज्य के 35 लाख से ज्यादा किसानों के लिए 25,000 करोड़ रुपये के अल्पकालीन (Short-term) फसल ऋण का टारगेट रखा है।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यह लोन पूरी तरह से ब्याजमुक्त होगा। सरकारी रिपोर्ट बताती है कि इस लोन पर लगने वाला लगभग 800 करोड़ रुपये का ब्याज राज्य सरकार खुद भरेगी। इससे किसानों को बुवाई के समय साहूकारों के चंगुल में नहीं फंसना पड़ेगा।
मशीनरी और कस्टम हायरिंग सेंटर पर बंपर सब्सिडी
आज के समय में बिना आधुनिक मशीनों के खेती से अच्छी कमाई करना मुश्किल है। इसलिए कृषि यंत्रों की खरीद पर 160 करोड़ रुपये की बंपर सब्सिडी देने का ऐलान हुआ है, जिससे सीधे तौर पर 50,000 किसानों को लाभ होगा।
इसके साथ ही, 96 करोड़ रुपये के बजट से 500 नए ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ (Custom Hiring Centers) खोले जाएंगे। जिन छोटे किसानों के पास ट्रैक्टर या हार्वेस्टर खरीदने का बजट नहीं है, वे इन सेंटर्स से बेहद मामूली किराये पर महंगी मशीनें ले सकेंगे।
कर्जमाफी (OTS) और फ्री बीज की सौगात
उपनिवेश क्षेत्र के उन किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, जिनका पुराना लोन बकाया है। सरकार ने “एकमुश्त समाधान योजना” (OTS) लागू की है। अगर किसान 1 अप्रैल 2026 से 10 सितंबर 2026 के बीच अपना मूल बकाया चुका देते हैं, तो उन्हें ब्याज पर 100% की छूट मिलेगी।
वहीं, ‘मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना’ के तहत दलहन और तिलहन की खेती करने वाले 2.5 लाख किसानों को उन्नत किस्म के बीज बिल्कुल मुफ्त दिए जाएंगे।
आगे क्या होने वाला है?
फिलहाल बजट में इस मिशन का विजन सामने रखा गया है। कृषि और सहकारिता विभाग जल्द ही इसकी विस्तृत गाइडलाइन (Detailed Guidelines) जारी करेगा।
आने वाले नोटिफिकेशन में यह साफ होगा कि इसका फायदा लेने के लिए आवेदन कैसे करना है और क्या इसमें MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कोई अलग से बोनस मिलेगा या नहीं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने नजदीकी ई-मित्र या ग्राम पंचायत के संपर्क में रहें ताकि योजना चालू होते ही इसका तुरंत लाभ उठाया जा सके।











