4 करोड़ की नौकरी छोड़ी और दो 25-साल के IITians ने बना दी ₹500 Cr की AI कंपनी! कॉल सेंटर का खेल खत्म?

December 8, 2025 8:40 AM

अक्सर हम सुनते हैं कि IIT पास करने के बाद छात्रों को करोड़ों का पैकेज मिलता है और उनकी लाइफ सेट हो जाती है। लेकिन क्या हो अगर कोई 25 साल का युवा 4-5 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी को लात मार दे?

IIT खड़गपुर के दो पूर्व छात्रों, वरुण वुम्मादी (Varun Vummadi) और ईशा मणिदीप (Esha Manideep) ने कुछ ऐसा ही किया। उन्होंने मोटी सैलरी वाली नौकरी के बजाय ‘रिस्क’ चुना और आज उनकी कंपनी ‘Giga’ ने सिलिकॉन वैली को हिला कर रख दिया है। उनकी कंपनी ने हाल ही में $61 मिलियन (करीब 515 करोड़ रुपये) की फंडिंग उठाई है। आइए जानते हैं उनकी इस कामयाबी की कहानी।

क्या है पूरा मामला?

साल 2023 में पास आउट हुए वरुण और ईशा के पास सपनों वाली नौकरियां थीं।

  • वरुण वुम्मादी: उन्हें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी का ऑफर था और साथ ही एक क्वांट ट्रेडिंग फर्म से $525,000 (करीब 4.4 करोड़ रुपये) का सालाना पैकेज मिल रहा था।
  • ईशा मणिदीप: अपनी क्लास की टॉपर ईशा को भी एक टॉप कंपनी में $150,000 (करीब 1.25 करोड़ रुपये) का जॉब ऑफर था।

इन दोनों ने इन ऑफरों को ठुकरा दिया। उनका मानना था कि भविष्य ट्रेडिंग का नहीं, बल्कि ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) बनाने वालों का है। इसी विजन के साथ उन्होंने Giga की शुरुआत की।

कॉल सेंटर की दुनिया बदलने की तैयारी

Giga कोई साधारण चैटबॉट नहीं है। यह एक ऐसा AI प्लेटफॉर्म है जो कंपनियों के कस्टमर सपोर्ट (Call Centers) को पूरी तरह बदल रहा है। आज जब आप किसी हेल्पलाइन पर कॉल करते हैं, तो अक्सर आपको लंबी वेटिंग और रटे-रटाए जवाब मिलते हैं।

Giga का AI इंसानों की तरह बात करता है। यह न सिर्फ आपकी बात सुनता है, बल्कि आपके इमोशन्स (भावनाओं) को भी समझता है।

  • सुपरफास्ट स्पीड: यह 500 मिलीसेकंड से भी कम समय में जवाब देता है, जो लगभग इंसानी बातचीत जैसा लगता है।
  • मल्टीलिंगुअल: यह कई भाषाओं में धाराप्रवाह बात कर सकता है।

DoorDash और बड़ी कंपनियों को फायदा

दुनिया की बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी DoorDash अब Giga का इस्तेमाल कर रही है। एक उदाहरण देखिए: अगर कोई डिलीवरी बॉय (Dasher) आपके घर की जगह ऑफिस पहुंच जाए और लोकेशन मैच न होने के कारण ऑर्डर मार्क न कर पाए, तो Giga का AI तुरंत ड्राइवर और कस्टमर दोनों को कॉल करता है, लोकेशन वेरीफाई करता है और समस्या सुलझा देता है। यह सब बिना किसी इंसानी दखल के होता है।

अक्टूबर 2025 तक, DoorDash ने बताया कि Giga की वजह से उनकी समस्याओं के समाधान की दर (Resolution Rate) 90% से ज्यादा हो गई है।

GPT-4 से भी तेज और सस्ता

टेक्नोलॉजी की दुनिया में Giga ने बड़े दावे किए हैं। उनका मॉडल GPT-4 API से 3 गुना तेज है और 70% सस्ता भी है। यही कारण है कि Redpoint Ventures और Y Combinator जैसे दिग्गज निवेशकों ने इस नए स्टार्टअप पर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का दांव लगाया है।

वरुण और ईशा का यह सफर बताता है कि अगर विजन तगड़ा हो, तो शॉर्ट-टर्म में पैसे का नुकसान लॉन्ग-टर्म में बड़ी सफलता बन सकता है। अब Giga अपनी टीम बढ़ा रहा है और इंजीनियरिंग टैलेंट को हायर करने के लिए तगड़े रेफरल बोनस भी दे रहा है।

सलोनी ठाकर

मैं 3 सालों से सफल उद्यमियों और कंपनियों की कहानियाँ लिख रही हूँ। मैं हर हफ्ते नई-नई प्रेरक कहानियाँ ढूँढकर शेयर करती हूँ। मेरे आर्टिकल्स पढ़कर आप दूसरों की यात्रा से सीख और मोटिवेशन पा सकेंगे।

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