₹590 करोड़ का फ्रॉड! IDFC First Bank की चंडीगढ़ ब्रांच में कैसे हुआ यह महाघोटाला?

February 23, 2026 8:40 AM
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भारतीय बैंकिंग सेक्टर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जिस बैंक पर लाखों ग्राहक भरोसा करते हैं, उसी के अंदर करोड़ों रुपये का बड़ा खेल चल रहा था। 21-22 फरवरी 2026 को आई रिपोर्ट के अनुसार, IDFC First Bank की चंडीगढ़ ब्रांच में ₹590 करोड़ का भारी-भरकम फ्रॉड पकड़ा गया है।

यह पूरा मामला हरियाणा सरकार के सरकारी बैंक खातों से जुड़ा हुआ है। जैसे ही यह खबर बाहर आई, बैंकिंग इंडस्ट्री और शेयर बाजार दोनों में हड़कंप मच गया है। आइए समझते हैं कि आखिर इतनी बड़ी रकम का हेरफेर कैसे हुआ और बैंक ने इस पर क्या एक्शन लिया है।

कैसे खुला 590 करोड़ के घोटाले का राज?

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने बैंक से अपना खाता बंद करने और सारा फंड दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया।

जब बैंक ने खाते का बैलेंस चेक किया, तो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज रकम और बैंक खाते के असली बैलेंस में भारी अंतर पाया गया। इसके बाद 18 फरवरी 2026 को जब अन्य सरकारी खातों की गहराई से जांच की गई, तो पता चला कि यह गड़बड़ी कोई छोटी-मोटी नहीं, बल्कि पूरे ₹590 करोड़ की है।

4 बैंक अधिकारी सस्पेंड, पुलिस कर रही जांच

फ्रॉड पकड़ में आते ही IDFC First Bank मैनेजमेंट ने तुरंत एक्शन लिया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर बैंक ने 4 संदिग्ध अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ पुलिस में क्रिमिनल एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है।

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, बैंक का बोर्ड इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। 20 और 21 फरवरी को बोर्ड कमेटियों की हाई-लेवल मीटिंग हुई है। अब एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा बैंक की फोरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) कराई जाएगी, ताकि पता चल सके कि पैसा किन-किन खातों में गया है। बैंक ने उन सभी लाभार्थी खातों (Beneficiary accounts) पर रोक (Lien) लगाने की भी मांग की है।

बैंक के मुनाफे से भी बड़ा है फ्रॉड का साइज

यह फ्रॉड बैंक के लिए कितना बड़ा झटका है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि बैंक का Q3 FY26 (अक्टूबर-दिसंबर) का कुल नेट प्रॉफिट ही ₹503 करोड़ था। यानी घोटाले की रकम (₹590 करोड़) बैंक के एक तिमाही के मुनाफे से भी ज्यादा है।

शेयर बाजार रिपोर्ट बताती है कि अगर इस रकम की रिकवरी नहीं हुई, तो इसका सीधा असर बैंक की बैलेंस शीट पर पड़ेगा। यही कारण है कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार में IDFC First Bank के शेयरों पर भारी दबाव देखने को मिल सकता है।

क्या आम ग्राहकों के पैसे पर पड़ेगा असर?

अगर आपका अकाउंट भी IDFC First Bank में है, तो आपको पैनिक करने की जरूरत नहीं है। बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, यह फ्रॉड पूरी तरह से केवल चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ विशेष ‘हरियाणा सरकार’ से जुड़े खातों तक ही सीमित था। आम रिटेल ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।

हालांकि, इस घटना के बाद हरियाणा सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने IDFC First Bank को अपने ‘अप्रूव्ड बैंकों’ की लिस्ट से बाहर (Delist) कर दिया है और सभी विभागों को अपने खाते बंद करके तुरंत फंड निकालने का आदेश जारी कर दिया है।

News Source: Economic Times Report

Lakshay Pratap

मैं लगभग 4 सालो से ऑनलाइन बिज़नेस और ऑफलाइन बिज़नेस पर काम कर रहा हूँ, और में ऑफलाइन बिज़नेस की सबसे बड़ी समस्या यानी बिज़नेस के लिए जरुरी प्रोसेस और मार्केटिंग पर बहुत ज्यादा फोकस्ड हूँ। मेरे आर्टिकल्स से आपको बहुत फायदा मिलेगा।

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