शेयर बाजार में निवेश करने का तरीका अब पूरी तरह से बदलने वाला है। अगर आप भी स्टॉक्स या म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार अपडेट है।
देश के प्रमुख वेल्थ-टेक प्लेटफॉर्म ‘ग्रो’ (Groww) ने हाल ही में बेंगलुरु में अपना पहला ‘Groww Next 2026’ इवेंट आयोजित किया है। इस इवेंट में कंपनी ने कई ऐसे फ्यूचरिस्टिक टूल्स पेश किए हैं, जो आम निवेशकों की ट्रेडिंग को स्मार्ट और सुरक्षित बना देंगे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह इवेंट ग्रो की ग्रोथ रणनीति के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है। कंपनी अब सिर्फ एक ब्रोकिंग ऐप नहीं रही, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से वेल्थ मैनेजमेंट को हर घर तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
निवेश की दुनिया में ‘GR 1’ का तहलका
इस इवेंट का सबसे बड़ा आकर्षण ग्रो का नया एआई असिस्टेंट ‘GR 1’ रहा। यह कोई आम चैटबॉट नहीं है, बल्कि यह आपके लिए एक पर्सनल रिसर्च एनालिस्ट की तरह काम करेगा।
‘GR 1’ शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव, खबरों के सेंटिमेंट और आपके पोर्टफोलियो का गहराई से विश्लेषण करके आपको बिल्कुल सटीक और कस्टमाइज्ड जानकारी देगा। फिलहाल इसे बीटा (Beta) वर्जन में एक ऑप्ट-इन फीचर के तौर पर लॉन्च किया गया है।
टेक विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस एआई टूल में खास ‘गार्डरेल्स’ (Guardrails) लगाए गए हैं। इसका मतलब है कि बिना आपकी सहमति के यह कोई भी एग्जीक्यूशन या ट्रेड नहीं करेगा, जिससे निवेश पूरी तरह से आपके कंट्रोल में रहेगा।
Groww Prime और म्यूचुअल फंड के नए फीचर्स
ग्रो ने अपने ‘Groww Prime’ प्लेटफॉर्म का भी विस्तार किया है। अब निवेशकों को म्यूचुअल फंड मैनेज करने के लिए कई एडवांस टूल्स मिलेंगे।
नए फीचर्स में पोर्टफोलियो हेल्थ चेकअप, एसआईपी (SIP) मॉनिटरिंग और ‘बिहेवियरल नजेज’ (Behavioral Nudges) शामिल हैं। ये टूल्स आपको लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखने और घबराहट में शेयर बेचने से रोकने में मदद करेंगे।
इसके साथ ही, कंपनी ने रिटेल निवेशकों के लिए एक ‘सेकेंडरी बॉन्ड मार्केटप्लेस’ (Secondary Bond Marketplace) भी शुरू किया है। जो लोग फिक्स्ड इनकम चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा। हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) के लिए पीएमएस (PMS) और एआईएफ (AIF) सेगमेंट को भी पूरी तरह से डिजिटल कर दिया गया है।
मल्टी-ऐप स्ट्रेटेजी: हर निवेशक के लिए अलग प्लेटफॉर्म
ग्रो अब ‘वन साइज फिट्स ऑल’ की रणनीति से बाहर निकल रहा है। कंपनी ने अलग-अलग जरूरतों वाले निवेशकों के लिए विशेष प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं।
सलाह और वेल्थ मैनेजमेंट के लिए ‘Prime’, बड़े निवेशकों और अमीरों के लिए ‘W’ ऐप, और एक्टिव फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) ट्रेडर्स के लिए ‘915’ नाम का खास प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है।
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि F&O को लेकर सेबी (SEBI) के कड़े नियमों के बीच, ग्रो की यह ‘मल्टी-ऐप स्ट्रेटेजी’ उसे स्थिर रेवेन्यू और बाजार में बढ़त दिलाने में बेहद मददगार साबित होगी।
कंपनी की शानदार कमाई और बाजार में दबदबा
वित्तीय मोर्चे पर भी ग्रो लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी का नेट प्रॉफिट 16% बढ़कर ₹547 करोड़ तक पहुंच गया है।
कैश इक्विटी सेगमेंट में ग्रो ने 28.8% का बंपर मार्केट शेयर हासिल कर लिया है। याद दिला दें कि नवंबर 2025 में ग्रो का आईपीओ (IPO) शेयर बाजार में 14% के शानदार प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था।
कंपनी की बैलेंस शीट बताती है कि ग्रो अब सिर्फ ब्रोकिंग पर निर्भर नहीं है, बल्कि कमोडिटी, वेल्थ मैनेजमेंट और एडवाइजरी सेवाओं से भी मोटी कमाई कर रही है।
आगे का क्या है मास्टर प्लान?
ग्रो के हालिया आंकड़ों और बिजनेस मॉडल को देखते हुए बाजार के जानकारों ने इसके भविष्य को लेकर बड़े अनुमान लगाए हैं।
अनुमान है कि FY26 में कंपनी की कमाई में 10% की ग्रोथ होगी, जो FY27 तक रॉकेट की तरह 50% की रफ्तार पकड़ सकती है। इस समय प्लेटफॉर्म पर 2 करोड़ से ज्यादा ट्रांसएक्टिंग (Transacting) ग्राहक मौजूद हैं।
एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के साथ नई पार्टनरशिप और AI पर भारी निवेश यह साफ संकेत देता है कि ग्रो आने वाले सालों में वेल्थ-टेक इंडस्ट्री का निर्विवाद बादशाह बनने की राह पर तेजी से दौड़ रहा है।








