भारत में ‘चाय’ का राज हमेशा से रहा है, लेकिन अब मिलेनियल्स (Millennials) और जेन-Z (Gen Z) के बीच ‘कॉफी कल्चर’ तेजी से पैर पसार रहा है। चाहे ऑफिस की मीटिंग हो या कॉलेज दोस्तों की गपशप, अब सब कुछ ‘कैफे’ में हो रहा है।
अगर आप एक नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो 2025 कॉफी इंडस्ट्री में एंट्री लेने का सबसे सुनहरा मौका है। मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत का कॉफी बाजार 2024 में 1.8 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 2.9 अरब डॉलर (करीब 24,000 करोड़ रुपये) का होने वाला है।
क्या है कमाई का गणित?
भारत में कॉफी शॉप्स और कैफे का सेगमेंट सालाना 11.5% की रफ़्तार (CAGR) से बढ़ रहा है। शहरी इलाकों और टियर-2 शहरों (जैसे जयपुर, इंदौर, लखनऊ) में डिस्पोजेबल इनकम बढ़ने से लोग अब प्रीमियम कॉफी पर खर्च करने से नहीं कतरा रहे।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो लोग अभी इस मार्केट में घुसेंगे, वे अगले 5-8 सालों में एक मजबूत ब्रांड खड़ा कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको करोड़ों की नहीं, बल्कि कुछ लाख रुपयों की जरूरत है।
कम बजट में कैसे शुरू करें? (Business Models)
अगर आपका बजट टाइट है, तो बड़े कैफे के बजाय इन विकल्पों पर गौर करें:
- माइक्रो कियोस्क (Micro Kiosks): मॉल, मेट्रो स्टेशन या आईटी पार्क के बाहर छोटे स्टॉल।
- लागत: ₹1 से 5 लाख।
- फायदा: कम जगह, ज्यादा फुटफॉल और तुरंत कैश फ्लो।
- क्लाउड कैफे (Cloud Café): बैठने की जगह नहीं, सिर्फ जोमैटो/स्विगी से डिलीवरी।
- फायदा: महंगे रेंट से बचत, सारा फोकस क्वालिटी और पैकेजिंग पर।
- रोस्टरी और D2C ब्रांड: अगर आपको कॉफी बीन्स की समझ है, तो आप अपनी खुद की ‘स्पेशलिटी कॉफी’ ऑनलाइन बेच सकते हैं। आज कल घर पर प्रीमियम कॉफी बनाने का ट्रेंड (Home Brewing) जोरों पर है।
फ्रेंचाइजी: सेफ गेम खेलने वालों के लिए
अगर आप रिस्क नहीं लेना चाहते और बना-बनाया सिस्टम चाहिए, तो फ्रेंचाइजी एक बेहतरीन विकल्प है। आजकल कई नए ब्रांड्स टियर-2 और टियर-3 शहरों को टारगेट कर रहे हैं।
- Small Café Franchise: ₹5 से 15 लाख (100-600 sq ft जगह के लिए)।
- Large Franchise: ₹15-25 लाख+ (बड़े ब्रांड्स के लिए)। इनमें आपको मार्केटिंग और ऑपरेशन्स का पूरा सपोर्ट मिलता है, जिससे फेल होने का चांस कम हो जाता है।
ट्रेंड्स जो आपको मुनाफा देंगे
सिर्फ कॉफी बेचने से काम नहीं चलेगा। अगर प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाना है, तो ‘एड-ऑन’ (Add-ons) पर ध्यान दें। कुकीज, पेस्ट्री और स्नैक्स आपकी कमाई को डबल कर सकते हैं। इसके अलावा, हेल्दी ऑप्शन्स जैसे वीगन मिल्क (Vegan Milk), शुगर-फ्री कॉफी और कोल्ड ब्रू (Cold Brew) की डिमांड मेट्रो सिटीज में बहुत ज्यादा है। जो कैफे इसे मेन्यू में शामिल करेंगे, वे बाकियों से आगे निकल जाएंगे।











