अगर आप अपना खुद का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन पैसों की कमी आड़े आ रही है, तो यह खबर आपके लिए ही है। अक्सर आपने सुना होगा कि सरकार लोन पर भारी सब्सिडी दे रही है, लेकिन इसकी असल हकीकत क्या है?
हम बात कर रहे हैं CMEGP (Chief Minister’s Employment Generation Programme) की। यह स्कीम महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में नए उद्यमियों के लिए ‘संजीवनी बूटी’ साबित हो रही है। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि कैसे आप 10 लाख रुपये तक का लोन लेकर उस पर 3.5 लाख रुपये तक की छूट पा सकते हैं।
क्या है खबर और कैसे काम करती है सब्सिडी?
CMEGP एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी स्कीम है। इसका मतलब है कि सरकार आपको नकद पैसा नहीं देती, बल्कि आपके लोन के एक हिस्से को ‘माफ’ या ‘सब्सिडी’ के रूप में चुकाती है।
मान लीजिए आप शहरी क्षेत्र (General Category) में 10 लाख रुपये का प्रोजेक्ट शुरू करते हैं। इसका गणित कुछ ऐसा होगा:
- कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट: ₹10,00,000
- सरकार की सब्सिडी (25%): ₹2,50,000
- आपकी जेब से (10%): ₹1,00,000
- बैंक लोन: ₹6,50,000
यानी आपको 10 लाख के प्रोजेक्ट के लिए बैंक को सिर्फ ₹6.50 लाख (प्लस ब्याज) ही चुकाने होंगे। बाकी का ₹2.5 लाख सरकार देगी।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा? (SC/ST और महिलाओं के लिए बंपर छूट)
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह स्कीम विशेष श्रेणियों के लिए और भी फायदेमंद है। अगर आप आरक्षित वर्ग से आते हैं, तो सब्सिडी का प्रतिशत बढ़ जाता है।
| श्रेणी (Category) | शहरी सब्सिडी (Urban) | ग्रामीण सब्सिडी (Rural) | आपका योगदान |
| General | 25% | 30% | 10-15% |
| Special (SC/ST/Women/OBC/Minority) | 35% | 40% | 5-10% |
विशेष नोट: अगर आप महिला उद्यमी हैं या SC/ST/OBC समुदाय से आते हैं और ग्रामीण इलाके में बिजनेस करते हैं, तो आपको 40% तक सब्सिडी मिल सकती है। यानी 10 लाख के लोन पर सीधा 4 लाख का फायदा।
सब्सिडी का ‘लॉक-इन’ वाला पेंच समझिए
यहाँ एक तकनीकी बात है जो अक्सर लोग मिस कर देते हैं। लोन पास होते ही सब्सिडी का पैसा आपके हाथ में नहीं आता।
- जैसे ही बैंक लोन मंजूर करता है, सब्सिडी का पैसा (जैसे ₹2.5 लाख) आपके नाम से एक अलग FD (Fixed Deposit) में रख दिया जाता है।
- यह पैसा 3 साल के लिए लॉक रहता है।
- इन 3 सालों तक आपको अपने बैंक लोन की EMI भरनी होती है।
- अगर 3 साल तक आपका बिज़नेस सही चलता है और फिजिकल वेरिफिकेशन पास हो जाता है, तो वह सब्सिडी का पैसा आपके लोन खाते में एडजस्ट कर दिया जाता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें हैं:
- उम्र: 18 से 45 वर्ष (आरक्षित वर्ग के लिए 5 साल की छूट)।
- शिक्षा: 10 लाख से ऊपर के प्रोजेक्ट के लिए 7वीं पास, और 25 लाख से ऊपर के लिए 10वीं पास होना जरूरी है।
- नियम: आप उस राज्य के निवासी होने चाहिए और इससे पहले PMEGP जैसी किसी अन्य स्कीम का लाभ न लिया हो।
किस बिज़नेस के लिए मिलेगा लोन?
CMEGP के तहत मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों कवर होते हैं:
- मैन्युफैक्चरिंग (लिमिट ₹50 लाख): बेकरी, अगरबत्ती मेकिंग, फर्नीचर, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल आदि।
- सर्विस/बिज़नेस (लिमिट ₹20 लाख): ब्यूटी पार्लर, बुटीक, मोबाइल रिपेयरिंग, डिजिटल मार्केटिंग सेंटर, टिफिन सर्विस आदि।
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
- DPR तैयार करें: सबसे पहले एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाएं। इसमें मशीनरी की लागत और मुनाफे का पूरा ब्यौरा होना चाहिए। अगर DPR कमजोर होगी, तो लोन रिजेक्ट हो जाएगा।
- ऑनलाइन पोर्टल: महाराष्ट्र के लिए
maha-cmegp.gov.inया अपने राज्य के पोर्टल पर जाएं। - दस्तावेज़: आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, और प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करें।
- EDP ट्रेनिंग: लोन मंजूर होने से पहले आपको 4-8 दिन की उद्यमिता ट्रेनिंग (EDP) लेनी होगी।











