CarDekho (कारदेखो) भारत के ऑनलाइन ऑटोमोबाइल मार्केटप्लेस में एक बहुत बड़ा नाम बन चुका है। जयपुर से 2008 में शुरू हुआ यह स्टार्टअप अब यूनिकॉर्न स्तर पर पहुंच चुका है और नई कारों, पुरानी कारों, बीमा, फाइनेंस और ऑटो-कंटेंट के लिए एक बहुत बड़ा प्लेटफार्म बन चूका है। यह आर्टिकल “स्टार्टअप शुरू करने के लिए” सोच रखने वाले पाठकों के लिए प्रेरणा है कि कैसे एक छोटा सा विचार मेहनत और कुछ नया करने की सोच से बड़ी सफलता में बदला जा सकता है।
दिल्ली ऑटो एक्सपो से प्रेरित होकर स्टार्ट करा था अपना स्टार्टअप
अमित और अनुराग जैन दोनों भाई इंजीनियर हैं, और इसलिए ये शुरू से ही टेक्नोलॉजी में काम करते आ रहे हैं। इन्होने सबसे पहले अपनी आईटी कंपनी गिरनार सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की, बाद में इसी कंपनी को एक अम्ब्रेला कंपनी बनाते हुए इसके निचे बहुत सारी कम्पनियाँ शुरू की।
भाइयों अमित और अनुराग जैन ने 2008 में दिल्ली ऑटो एक्सपो से प्रेरित होकर अपने गेराज से CarDekho की शुरुआत की। प्रारंभिक दौर में ग्राहक ढूंढना और फंडिंग जुटाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इनके दृढ निश्च्य ने रास्ता बनाया।
- जनवरी 2008 में दिल्ली ऑटो एक्सपो देखने के बाद अमित और अनुराग जैन ने महसूस किया कि कार खरीदने-बेचने के लिए विश्वसनीय ऑनलाइन जानकारी की कमी है।
- मार्च 2008 में उन्होंने अपने गेराज से CarDekho.com लॉन्च किया और शुरुआती दिनों में कॉल व ई‑मेल से ग्राहकों तक पहुंच बनाने की कोशिश की।
- पहली डील मिलने में समय लगा लेकिन उनकी लगन और कारदेखो की सर्विस से referrals बढ़ने लगे और धीरे‑धीरे उन्होंने टीम बढ़ानी शुरू कर दी।
- कंपनी ने अपनी आईटी कंपनी गिरनार की IT सेवाएँ भी जारी रखीं ताकि रेगुलर आय बनी रहे, जिससे स्टार्टअप को सांस लेने का समय मिला।
यह संघर्षपूर्ण यात्रा “garage start-up” से Unicorn बनने की मिसाल है – छोटे शहर जयपुर से शुरू हुए इस बिज़नेस ने अपनी मेहनत और तकनीक की मदद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
कारदेखो (CarDekho) से हम ये 3 चीज सिख सकते हैं
- ग्राहक की समस्या समझें: Auto Expo ने उन्हें बाज़ार में खालीपन दिखाया।
- छोटे साधन, बड़ा सपना: गेराज जैसी छोटी जगह से शुरुआत करना बाधा नहीं, अवसर हो सकता है।
- लगातार सीखना: शुरुआती outreach में असफलताएँ आईं, लेकिन लगातार सीखने और सुधारने से सफलता मिली।
कारदेखो (CarDekho) की ग्रोथ और उनके रेवेनुए में बढ़त

साल 2024–25 कंपनी के लिए किसी सुनहरे साल से कम नहीं रहा। इस साल CarDekho ने पहली बार अपने दम पर इतना पैसा कमाया कि उसके खर्च पूरे होने के बाद भी अच्छा-ख़ासा मुनाफ़ा बच गया। यह कंपनी के लिए एक बड़ा माइलस्टोन था, क्योंकि इससे पहले वह हमेशा निवेश और विकास पर ज़्यादा खर्च कर रही थी।
लेकिन CarDekho की असली ताक़त सिर्फ़ कारें बेचने या खरीदने तक सीमित नहीं रही। कंपनी ने लोगों के लिए इंश्योरेंस (InsuranceDekho) और लोन-फाइनेंस (Rupyy) जैसी सेवाएँ शुरू कीं। अब कोई व्यक्ति CarDekho की मदद से न सिर्फ़ कार खरीद सकता है, बल्कि उसी प्लेटफ़ॉर्म पर उसकी बीमा पॉलिसी और लोन की सुविधा भी ले सकता है।
इन नई सेवाओं ने CarDekho को और भी मज़बूत बना दिया और उसे भारत के बाज़ार में एक अग्रणी (leader) की जगह दिलाई। यानी, अब CarDekho सिर्फ़ एक कार वेबसाइट नहीं, बल्कि गाड़ियों से जुड़ी हर ज़रूरत का पूरा समाधान बन गई है।
| वित्तीय वर्ष | नेट/समेकित राजस्व | मुनाफा/नुकसान | महत्वपूर्ण आँकड़े |
|---|---|---|---|
| FY22 | लगभग ₹150 Cr (Standalone) | नुकसान | कर्मचारियों: ~1,880 |
| FY23 | ₹1,347 Cr (Group) | नुकसान ₹562 Cr (समेकित) | – |
| FY24 | ₹2,074 Cr (Group) | मुनाफा ~₹37 Cr (स्टैंडअलोन); समेकित नुकसान घटकर ₹340 Cr | $80 M ग्रोथ कैपिटल; नकद ₹1,600 Cr |
साल FY24 (2024–25) CarDekho Group के लिए बेहद खास रहा।
Business Standard (बिज़नेस स्टैंडर्ड) की रिपोर्ट के मुताबिक
- कंपनी की कमाई (Revenue) पिछले साल 1,347 करोड़ रुपये थी, जो इस साल 54% बढ़कर 2,074 करोड़ रुपये पहुँच गई। यानी CarDekho ने पहले से आधे से भी ज़्यादा तेज़ी से अपना कारोबार बढ़ाया।
- सबसे बड़ी खुशखबरी ये रही कि कंपनी ने पहली बार अपने दम पर ~₹37 करोड़ का मुनाफा कमाया। जबकि पिछले साल (FY23) कंपनी को ₹143 करोड़ का नुकसान हुआ था।
- CarDekho ने इस साल अपने बिज़नेस को और मज़बूत बनाने के लिए कुछ बड़े कदम उठाए। इसने Revv (शेयरड मोबिलिटी कंपनी) और Carrum (फ्लीट मैनेजमेंट कंपनी) को खरीद लिया। इसके अलावा इसने BiUP और Girnar AI Innovations Lab में भी निवेश किया, ताकि नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के साथ आगे बढ़ सके।
- CarDekho का ऑटो वर्टिकल (यानी गाड़ियों से जुड़ा ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म) अब हर महीने 60 मिलियन (6 करोड़) लोग इस्तेमाल करते हैं। खास बात ये है कि इनका लगभग 90% ट्रैफ़िक organic है, यानी बिना पैसे खर्च किए लोग खुद CarDekho की साइट पर पहुँचते हैं।
आसान शब्दों में कहें तो इन्होने साल 2024–25 में अपनी गाड़ी इतनी तेज़ चलाई कि न सिर्फ़ घाटे से बाहर निकला, बल्कि मुनाफ़ा भी कमाया और नए-नए बिज़नेस खरीदकर अपने भविष्य को और मज़बूत कर लिया।
जब इनकी बीमा और फाइनेंस वाली गाड़ी भी दौड़ी तेज़
CarDekho Group सिर्फ़ कार खरीदने-बेचने तक नहीं रुका, उसने बीमा और फाइनेंस में भी बड़ा काम किया है।
InsuranceDekho (बीमा प्लेटफ़ॉर्म)
- साल FY24 में InsuranceDekho ने करीब ₹3,300 करोड़ (33 बिलियन) का बीमा प्रीमियम लिखा।
- इसके साथ ही 1.5 लाख एजेंट पूरे भारत में जुड़े, जो गाँव-गाँव तक सेवा पहुँचा रहे हैं।
- कंपनी की पहुँच 98% पिनकोड तक है, यानी लगभग पूरे देश में।
- अब तक इसने 90 लाख (9 मिलियन+) ग्राहकों को बीमा की सुविधा दी है।
अगर आप कहीं भी रहते हैं, छोटे शहर या बड़े गाँव में, InsuranceDekho की टीम आपके पास पहुँच सकती है और आपको बीमा करवा सकती है।
Rupyy (फिनटेक प्लेटफ़ॉर्म)
- CarDekho का फाइनेंस वाला ऐप Rupyy बहुत तेज़ी से बढ़ा।
- इसका मार्केट शेयर अब 15% तक पहुँच गया है।
- यह हर साल $2 बिलियन (लगभग ₹16,000 करोड़) से ज़्यादा का लोन प्रोसेस कर रहा है।
- इसके साथ ही 36 बैंक पार्टनर जुड़े हैं, ताकि लोगों को तुरंत लोन मिल सके।
अगर किसी को कार खरीदने के लिए लोन चाहिए, तो Rupyy ऐप पर आसानी से बैंक से लोन मिल जाता है।
CarDekho Southeast Asia (SEA) इकाई
- CarDekho ने भारत से बाहर भी कदम बढ़ाए हैं।
- साल 2024 में इसे Navis Capital और Dragon Fund से $60 मिलियन की फंडिंग मिली।
- इससे CarDekho SEA की वैल्यूएशन $300 मिलियन से भी ऊपर पहुँच गयी।
- यह इकाई पहले से इंडोनेशिया, फिलिपींस, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया और वियतनाम में काम कर रही है।
- 2026 तक CarDekho SEA और नए देशों में जाने की योजना बना रही है।
CarDekho का बिज़नेस मॉडल और कमाई के ज़रिए
अमित और अनुराग जैन कभी भी कमाई के लिए एक बिज़नेस पर निर्भर नहीं रही, इन्होने कारदेखो के अंडर में बहुत सारे बिज़नेस बनाये। इसी वजह से कंपनी मज़बूती से बढ़ पाई और मुनाफ़े में आई।
1. नई कार लीड्स
जब कोई ग्राहक नई कार खरीदना चाहता है और कारदेखो पर जानकारी लेता है, तो यह प्लेटफ़ॉर्म उसकी जानकारी (लीड) कार कंपनियों और डीलरों को देता है। इसके बदले इन्हे हर लीड पर कमीशन मिलता है।
2. पुरानी गाड़ियों को खरीदने और बेचने के लिए मार्केटप्लेस
CarDekho ने बहुत बड़ी कार रेसलर कंपनी gaadi.com को अपने साथ मिला लिया था और ये पुराणी गाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा बाजार बन गए। यहाँ खरीदार और विक्रेता मिलते हैं। जब कोई गाड़ी बिकती है, तो ये लोग उस पर कुछ प्लेटफार्म फीस लेते हैं। अगर आप अपनी पुरानी कार बेचना चाहें, तो CarDekho पर डालकर आसानी से बेच सकते हैं।
3. बीमा और फाइनेंस
CarDekho की बीमा वाली कंपनी InsuranceDekho और फाइनेंस ऐप Rupyy ग्राहकों को बीमा और ऑटो लोन देते हैं। जब कोई बीमा पॉलिसी या लोन लिया जाता है, तो इन्हे कमीशन या मार्जिन मिलता है।
4. विज्ञापन
CarDekho की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर गाड़ियों से जुड़ी कंपनियाँ अपने बैनर ऐड्स और स्पॉन्सर्ड कंटेंट डालती हैं। इससे इन्हे अच्छा खासा ऐड रेवेनुए मिलता हैं।
5. सब्सक्रिप्शन मॉडल
CarDekho ने प्रीमियम पैक भी लॉन्च किए हैं, जैसे “CarDekho Plus”। इसमें ग्राहकों को एक्सक्लूसिव ऑफ़र, लंबी वारंटी और खास सुविधाएँ मिलती हैं। इसके बदले कंपनी सब्सक्रिप्शन फीस लेती है।
इन सभी अलग-अलग रास्तों से पैसे कमाकर CarDekho ने अपने बिज़नेस को और मज़बूत बनाया। यही वजह है कि साल 2024–25 में कंपनी न सिर्फ़ तेज़ी से बढ़ी, बल्कि पहली बार मुनाफ़ा भी कमा पाई।
और पढ़ें: प्राइवेट लिमिटेड कंपनी vs LLP vs OPC अपनी कंपनी को किसमें रजिस्टर करवाएं
CarDekho के शुरुआती दिनों की चुनौतियाँ
शुरुआत में CarDekho को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- टैलेंट की कमी: जयपुर में अच्छे IT इंजीनियर मिलना मुश्किल था। बाद में IIT और स्थानीय कॉलेजों के इंजीनियर लौटे और समस्या कम हुई।
- डिजिटल भरोसा: लोग ऑनलाइन कार खरीदने को लेकर सहज नहीं थे। CarDekho ने “Feel the Car – 360 डिग्री व्यू” लॉन्च किया, जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ा।
- प्रतिस्पर्धा: बड़े शहरों के पुराने खिलाड़ियों से मुकाबला था। CarDekho ने तुलना टूल्स और पूरा इकोसिस्टम बनाकर अलग पहचान बनाई।
सीख: किसी भी स्टार्टअप के लिए मार्केट एजुकेशन, टेक्नोलॉजी में निवेश और ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन सबसे ज़रूरी हैं।
भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर: आंकड़े और रुझान
- StartupTalky के अनुसार 2024 में भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर $121.5 बिलियन का था। अनुमान है कि 2033 तक यह बढ़कर $247.4 बिलियन तक पहुँच जाएगा। इसकी ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 7.13% है।
- भारत आज चार-पहिया वाहन उत्पादन में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है।
- भारत का used car market भी तेज़ी से बढ़ रहा है। CarDekho जैसे प्लेटफ़ॉर्म ने छोटे शहरों में डिजिटल लोन प्रोसेसिंग और इन्वेंटरी फंडिंग की सुविधा देकर इस सेक्टर को संगठित (formalize) करने में अहम योगदान दिया है।
और पढ़ें: स्टार्टअप फंडिंग के 7 आसान तरीके
कारदेखो के बारे में आपके सवाल (FAQ)
CarDekho की स्थापना कब और किसने की?
CarDekho की स्थापना 2008 में जयपुर के IIT Delhi alumni भाइयों अमित जैन और अनुराग जैन ने की थी।
कौन‑सा फ़ीचर CarDekho को खास बनाता है?
“Feel the Car” जैसे 360‑degree virtual tour और comparisons ने ग्राहक अनुभव को बेहतरीन बनाता हैं।











