सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 2016 में शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) को वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) तक के लिए और भी एडवांस बना दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, भूस्खलन और कीट-रोगों से होने वाले भारी नुकसान पर त्वरित वित्तीय सुरक्षा देना है।
इस योजना के तहत प्रीमियम दरें किसानों के लिए बेहद कम रखी गई हैं। आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक, खरीफ (Kharif) फसलों के लिए मात्र 2%, रबी (Rabi) के लिए 1.5% और वाणिज्यिक व बागवानी फसलों के लिए सिर्फ 5% का मामूली प्रीमियम देना होता है।
प्रीमियम की बाकी पूरी रकम सीधे केंद्र और राज्य सरकार वहन करती है। नीचे दी गई टेबल से आप प्रीमियम के गणित को आसानी से समझ सकते हैं:
| फसल का प्रकार | किसान का प्रीमियम | उदाहरण (₹10,000 बीमा राशि पर) |
| खरीफ (धान आदि) | 2% | मात्र ₹200 |
| रबी (गेहूं आदि) | 1.5% | मात्र ₹150 |
| व्यावसायिक/बागवानी | 5% | मात्र ₹500 |
राजस्थान में धान किसानों के लिए क्या है खास?
मार्च 2026 में खरीफ 2025-26 का सीजन समाप्त हो चुका है। ऐसे में राजस्थान के सिंचित क्षेत्रों, विशेषकर कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जैसे जिलों में धान (Paddy) उगाने वाले किसानों के लिए बीमा क्लेम (Claim Settlement) की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, जिन किसानों की धान की फसल बेमौसम बारिश या बीमारियों के कारण खराब हुई है, उनके खातों में सीधे डीबीटी (DBT) के जरिए नुकसान की भरपाई की जा रही है।
पूर्ण जिलेवार लाभार्थी सूची किसान राजस्थान सरकार के ‘राज किसान पोर्टल’ (rajkisan.rajasthan.gov.in) पर जाकर आसानी से चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।
आवेदन और पात्रता के नियम क्या हैं?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए राज्य के सभी भूमिधारक, बटाईदार और पट्टेदार किसान पूरी तरह से पात्र हैं। बैंक से केसीसी (KCC) लोन लेने वाले किसान इस योजना में स्वतः (Auto-enrolled) शामिल हो जाते हैं, हालांकि वे चाहें तो एक फॉर्म भरकर इससे बाहर (Opt-out) भी आ सकते हैं।
गैर-लोन वाले किसानों के लिए यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है। ऑनलाइन आवेदन के लिए किसान सीधे राष्ट्रीय पोर्टल (pmfby.gov.in) पर ‘Farmer Corner‘ में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए आप अपने नजदीकी बैंक, PACS या CSC सेंटर से संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन करते समय किसानों को अपना आधार कार्ड, खसरा नंबर (जमीन के रिकॉर्ड्स), बैंक पासबुक, फोटो और फसल बुवाई का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। नियम के अनुसार बुवाई के 10 दिनों के भीतर आवेदन हो जाना चाहिए।
क्लेम और स्टेटस चेक करने का सही तरीका?
अक्सर किसान फॉर्म भरने के बाद अपने स्टेटस को लेकर परेशान रहते हैं। आप pmfby.gov.in पर जाकर ‘Application Status’ विकल्प पर क्लिक करें। वहां अपना रसीद नंबर (Receipt Number) या आधार नंबर डालकर अपना लाइव स्टेटस चेक कर सकते हैं।
अगर प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होती है, तो किसानों को 72 घंटे के भीतर लोकल इंश्योरेंस कंपनी या स्थानीय कृषि अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर क्लेम रिजेक्ट होने का पूरा खतरा रहता है।
मुआवजे की राशि फसल कटाई प्रयोग (CCE) के डेटा के आधार पर तय होती है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14447 या राजस्थान की राज्य हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर कॉल किया जा सकता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कृषि और बीमा विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि फसल नुकसान की स्थिति में ’72 घंटे’ वाला नियम सबसे ज्यादा क्रिटिकल है। कई किसान जानकारी के अभाव में देरी से शिकायत दर्ज कराते हैं, जिससे कंपनी उनका क्लेम खारिज कर देती है।
विशेषज्ञों की यह भी सख्त सलाह है कि किसान अपने बैंक खाते की KYC और आधार लिंकिंग हमेशा अपडेट रखें। कई बार क्लेम पास होने के बावजूद सिर्फ बैंक खाते की खामी के कारण पैसा अटक जाता है।
आगे क्या हो सकता है?
आने वाले समय में तकनीक के इस्तेमाल से फसल बीमा योजना और भी ज्यादा पारदर्शी और तेज होने वाली है। सरकार ड्रोन (Drone) और सैटेलाइट इमेजिंग के जरिए नुकसान का बेहद सटीक आकलन करने की तैयारी कर रही है।
इससे राजस्थान के लाखों किसानों का क्लेम सेटलमेंट हफ्तों की बजाय कुछ ही दिनों में पूरा हो सकेगा। 2026 के इस सीजन में जिन किसानों ने सही समय पर प्रक्रिया का पालन किया है, उनके खातों में जल्द ही मुआवजे की बड़ी राहत पहुंचने की पूरी उम्मीद है।
PM फसल बीमा योजना 2026 से जुड़े जरूरी सवाल (FAQ)
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का प्रीमियम कितना है?
योजना के तहत खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम किसानों को देना होता है। शेष राशि सरकार देती है।
फसल खराब होने पर कितने समय में शिकायत दर्ज करनी चाहिए?
फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को 72 घंटे के भीतर स्थानीय बीमा कंपनी या कृषि अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य है, अन्यथा क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
PMFBY योजना का ऑनलाइन स्टेटस कैसे चेक करें?
किसान आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाकर ‘Application Status’ पर क्लिक करें। वहां अपना आधार नंबर या रसीद नंबर डालकर लाइव स्टेटस देखा जा सकता है।
PMFBY योजना का टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर क्या है?
किसान किसी भी सहायता या शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14447 या राजस्थान राज्य के हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 पर कॉल कर सकते हैं।











