ईरान-इजरायल युद्ध: क्रूड ऑयल में लगी आग, लेकिन शेयर बाजार में ये स्टॉक्स कराएंगे आपकी बंपर कमाई!

March 6, 2026 10:01 PM
Iran Israel War impact on stock market crash and 3 stocks opportunity 2026

मार्च 2026 में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा युद्ध अब अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। अमेरिकी सेना की दखलंदाजी और ईरानी तेल ठिकानों पर लगातार हो रहे हमलों से ग्लोबल मार्केट पूरी तरह से सहम गया है।

शेयर बाजार के निवेशकों के मन में डर है कि कहीं उनका पोर्टफोलियो पूरी तरह से साफ न हो जाए। यह स्थिति साल 2025 के अमेरिका-ईरान तनाव जैसी ही नजर आ रही है, जब एनर्जी सेक्टर में भारी उथल-पुथल मची थी।

लेकिन, दिग्गज बाजार जानकारों का मानना है कि हर बड़ा संकट अपने साथ निवेश के कुछ नए और शानदार मौके लेकर आता है। अगर आप सही रणनीति अपनाएं, तो इस गिरते बाजार में भी मुनाफा कमाया जा सकता है।

कच्चे तेल में उबाल: 120 डॉलर तक जाने का डर

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के तेल व्यापार की रीढ़ है, जहां से ग्लोबल मार्केट का 20% तेल गुजरता है। युद्ध की इस आंच के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

आर्थिक विशेषज्ञों की मानें तो, अगर यह रास्ता बंद होता है या सप्लाई चेन और बिगड़ती है, तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर तक जा सकती हैं।

इस महंगाई का सबसे बुरा असर भारतीय एमएसएमई (MSME) सेक्टर पर पड़ेगा। महंगे तेल के कारण छोटे व्यापारों की इनपुट कॉस्ट 10-15% तक बढ़ने का अनुमान है। इसके अलावा भारतीय रुपया भी कमजोर होकर 88 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है, जिससे आयात महंगा हो रहा है। ऐसे समय में सरकारी योजनाएं जैसे ECLGS छोटे व्यापारियों के लिए एक बड़ा सहारा बन सकती हैं।

डिफेंस स्टॉक्स बने निवेशकों की पहली पसंद

वैश्विक तनाव के इस माहौल में भारत के डिफेंस शेयरों ने फरवरी के अंत से अब तक 5% से 15% की शानदार रैली दिखाई है। ग्लोबल री-आर्मामेंट और ₹5,000 करोड़ से ज्यादा के ‘आत्मनिर्भर भारत’ ऑर्डर्स ने इन शेयरों में जान फूंक दी है।

ब्रोकरेज फर्म्स के मुताबिक, 2027 के बजट में रक्षा बजट के ₹10 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा इन कंपनियों को होगा:

  • Hindustan Aeronautics Ltd (HAL): तेजस फाइटर और अपाचे हेलीकॉप्टर बनाने वाली इस कंपनी का शेयर युद्ध की खबरों के बीच 12% उछल चुका है। इसकी ₹1.2 लाख करोड़ की विशाल ऑर्डर बुक और 20% की ईपीएस (EPS) ग्रोथ इसे एक मजबूत दांव बनाती है।
  • Bharat Electronics Ltd (BEL): रडार सिस्टम की इस दिग्गज कंपनी के शेयरों में 8% की तेजी आई है। 22% के मजबूत ROE के साथ, गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) इसे अपनी टॉप पिक मानता है और इसमें 25% की और तेजी देखता है।
  • Bharat Dynamics Ltd (BDL): आकाश और अस्त्र मिसाइल बनाने वाली इस कंपनी के शेयर 10% भागे हैं। आर्मेनिया और फिलीपींस जैसे देशों में इसके बढ़ते एक्सपोर्ट इसे खास बनाते हैं।
  • इसके अलावा मझगांव डॉक (Mazagon Dock) और पारस डिफेंस जैसे शेयरों में भी 13% तक की तगड़ी तेजी दर्ज की गई है।

ऑयल एक्सप्लोरर्स की होगी चांदी, रिफाइनरी से रहें दूर

जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो जमीन से तेल निकालने वाली (Upstream) कंपनियों की मौज हो जाती है।

ONGC के शेयरों में इस साल 18% और Oil India में 22% का शानदार रिटर्न देखने को मिला है। तेल की कीमतों में उछाल से इन कंपनियों के मार्जिन में प्रति बैरल ₹500 से ₹1,000 तक का भारी इजाफा हो रहा है, जो कमजोर रुपये की भरपाई कर रहा है।

दूसरी तरफ, BPCL (-3%), HPCL और IOC (-5%) जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Downstream OMCs) से फिलहाल दूरी बनाने में ही समझदारी है। भारत अपनी जरूरत का 82% तेल आयात करता है, इसलिए महंगे कच्चे तेल के कारण इन रिफाइनरी कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव पड़ रहा है।

सोने की चमक और सुरक्षित निवेश (Safe Havens)

शेयर बाजार में निफ्टी (Nifty) के 3% तक गिरने से घबराए निवेशक अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं।

सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने (Gold) की कीमतें ₹78,000 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर को छू चुकी हैं। निप्पॉन इंडिया गोल्ड जैसे ईटीएफ (ETFs) में भी 7% का तगड़ा उछाल आया है। इसके अलावा गुजरात गोल्डस्टोन्स जैसी माइनिंग कंपनियों के शेयरों ने भी 10% का मुनाफा दिया है।

निवेशकों के लिए क्या है सही मास्टर-प्लान?

बाजार में इस समय भयंकर वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) हावी है। अगर अचानक से युद्ध शांत (De-escalation) होने की खबर आती है, तो इन शेयरों में 20-30% की भारी गिरावट भी आ सकती है।

सरकारी डेटा और पुराने ट्रेंड्स बताते हैं कि ऐसे युद्ध जनित संकट अक्सर जल्दी पलट जाते हैं। इसलिए, किसी भी एक सेक्टर में अपना पूरा पैसा लगाने की गलती न करें। अपने पोर्टफोलियो का केवल 20-30% हिस्सा ही इन डिफेंसिव स्टॉक्स में लगाएं और 2 साल से ज्यादा के नजरिए के साथ एसआईपी (SIP) जारी रखें।

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल एजुकेशनल उद्देश्य के लिए है। बाजार में कोई भी निवेश करने से पहले अपने सेबी (SEBI) रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार से जरूर विचार-विमर्श करें।)

Lakshay Pratap

मैं लगभग 4 सालो से ऑनलाइन बिज़नेस और ऑफलाइन बिज़नेस पर काम कर रहा हूँ, और में ऑफलाइन बिज़नेस की सबसे बड़ी समस्या यानी बिज़नेस के लिए जरुरी प्रोसेस और मार्केटिंग पर बहुत ज्यादा फोकस्ड हूँ। मेरे आर्टिकल्स से आपको बहुत फायदा मिलेगा।

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