दुनिया के सबसे कर्जदार देशों की लिस्ट जारी, अमेरिका-जापान का बुरा हाल, जानिए भारत की स्थिति

March 5, 2026 12:07 PM
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साल 2026 की शुरुआत ग्लोबल इकोनॉमी (Global Economy) के लिए एक बड़ी चेतावनी लेकर आई है। दुनिया के कई बड़े और विकसित देश भारी कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि इन देशों की कुल कमाई से ज्यादा इनके ऊपर कर्ज का मीटर दौड़ रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, सरकारी कर्ज का बढ़ता स्तर वैश्विक विकास दर के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। अक्सर लोग सोचते हैं कि सिर्फ गरीब देश ही कर्ज लेते हैं, लेकिन इस लिस्ट में अमेरिका और जापान जैसे सुपरपावर देशों का नाम सबसे ऊपर है।

आइए समझते हैं कि ‘डेब्ट-टू-जीडीपी’ (Debt-to-GDP) का यह पूरा गणित क्या है और दुनिया के किन देशों पर दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा है।

क्यों अहम है Debt to GDP रेशियो?

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, किसी देश की आर्थिक सेहत का असली अंदाजा सिर्फ रुपयों या डॉलर में लिए गए कर्ज से नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए ‘डेब्ट-टू-जीडीपी रेशियो’ देखा जाता है। इसका मतलब है कि किसी देश की कुल अर्थव्यवस्था (GDP) के मुकाबले उस पर कितना प्रतिशत कर्ज है।

अगर यह रेशियो बहुत ज्यादा हो जाए, तो देश का बजट बिगड़ जाता है, डिफ़ॉल्ट का खतरा बढ़ जाता है और बुनियादी ढांचे या सामाजिक योजनाओं के लिए पैसे नहीं बचते। UNCTAD की चेतावनी के अनुसार, 2026 तक विकासशील देशों को हर साल 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज चुकाना होगा, जो एक बहुत बड़ा संकट है।

ये हैं दुनिया के 10 सबसे ज्यादा कर्जदार देश

IMF के 2025-26 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो टॉप 10 कर्जदार देशों की लिस्ट काफी हैरान करने वाली है। इसमें युद्ध की मार झेल रहे देशों से लेकर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं तक शामिल हैं:

  • सूडान (~250%): यह अफ्रीकी देश भयंकर युद्ध और पुराने बकाए के कारण लिस्ट में सबसे ऊपर है। इसकी जीडीपी से ढाई गुना ज्यादा इस पर कर्ज है।
  • जापान (~230%): बुजुर्ग होती आबादी और लगातार स्टिमुलस पैकेजेस (Stimulus spending) के कारण जापान का कर्ज उसकी कमाई के दोगुने से भी ज्यादा हो गया है।
  • सिंगापुर (~175-179%): यह देश तीसरे नंबर पर जरूर है, लेकिन जानकारों के मुताबिक इसका कर्ज बड़े एसेट्स (संपत्ति) से सुरक्षित है, इसलिए यहां जोखिम कम है।
  • ग्रीस (~142-147%): पुराने आर्थिक संकट की मार से ग्रीस अभी तक पूरी तरह उबर नहीं पाया है।
  • बहरीन (~141-143%): अपनी अर्थव्यवस्था के लिए पूरी तरह तेल पर निर्भर होने के कारण इस देश का कर्ज लगातार बढ़ रहा है।
  • इटली (~136-137%): सुस्त आर्थिक विकास और धीमी ग्रोथ के चलते इटली यूरोप के सबसे कर्जदार देशों में से एक है।
  • मालदीव (~132%): पर्यटन पर निर्भर इस देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों के कारण भारी कर्ज लेना पड़ा है।
  • अमेरिका (~122-125%): सरकारी खर्चों और भारी स्टिमुलस पैकेज के कारण अमेरिका इस लिस्ट में आठवें नंबर पर है।
  • सेनेगल (~123%): इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लिए गए भारी-भरकम लोन ने इस देश को कर्ज के जाल में फंसा दिया है।
  • फ्रांस (~116-117%): वेलफेयर स्कीम्स और सामाजिक खर्चों के कारण फ्रांस पर कर्ज का भारी दबाव है।

अमेरिका और चीन का ‘एब्सोल्यूट डेब्ट’ में दबदबा

अगर प्रतिशत की जगह हम ‘कुल कर्ज’ (Absolute Debt) की बात करें, तो समीकरण पूरी तरह बदल जाते हैं। कुल रुपयों या ट्रिलियन डॉलर्स के मामले में अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा कर्जदार है। इसके बाद जापान और चीन का नंबर आता है। चीन का डेब्ट-टू-जीडीपी रेशियो 80-90% के आसपास है, लेकिन वहां के रियल एस्टेट संकट ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा रखी है।

भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

दुनियाभर में मचे इस हाहाकार के बीच भारत की स्थिति काफी मजबूत और सुरक्षित है। वर्तमान में भारत का ‘डेब्ट-टू-जीडीपी’ रेशियो 80-85% के आसपास है। भारत की तेज विकास दर इस कर्ज को आसानी से बैलेंस कर रही है।

सरकार इस कर्ज का इस्तेमाल एमएसएमई (MSME) लोन, एग्री-सब्सिडी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में कर रही है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती ब्याज दरें (Interest rates) भविष्य में भारतीय कंपनियों के लिए फंडिंग को थोड़ा महंगा कर सकती हैं।

भारतीय स्टार्टअप्स और बिजनेस को सलाह दी जाती है कि वे इस ग्लोबल अस्थिरता के बीच फिनटेक या एक्सपोर्ट के जरिए अपनी फंडिंग में विविधता लाएं। दुनिया भर के कर्ज संकट के बीच भारत की यह स्थिरता निवेशकों के लिए एक शानदार मौके की तरह काम कर रही है।

Lakshay Pratap

मैं लगभग 4 सालो से ऑनलाइन बिज़नेस और ऑफलाइन बिज़नेस पर काम कर रहा हूँ, और में ऑफलाइन बिज़नेस की सबसे बड़ी समस्या यानी बिज़नेस के लिए जरुरी प्रोसेस और मार्केटिंग पर बहुत ज्यादा फोकस्ड हूँ। मेरे आर्टिकल्स से आपको बहुत फायदा मिलेगा।

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