12वीं पास करते ही हर स्टूडेंट और पैरेंट्स के मन में एक ही सवाल होता है- आगे कौन सी पढ़ाई करें जिससे जॉब की 100% गारंटी हो और सैलरी भी शानदार मिले? अगर आप भी पुरानी और घिसी-पिटी फील्ड्स में कन्फ्यूज हैं, तो आपको अपना फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर पर शिफ्ट कर लेना चाहिए।
ऑटोमोबाइल और टेक इंडस्ट्री की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2030 तक भारत की सड़कों पर करोड़ों ईवी दौड़ रहे होंगे। इसका सीधा मतलब है कि इस फील्ड में लाखों नई जॉब्स पैदा होने वाली हैं। आइए जानते हैं 12वीं के बाद आपके स्ट्रीम के हिसाब से कौन सा कोर्स सबसे ज्यादा पैसा दिला सकता है।
साइंस (PCM) वालों के लिए सबसे तगड़ा स्कोप
अगर आपके पास 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) थी, तो आपके लिए सबसे बड़ा और हाई-पेइंग रास्ता B.Tech का है। आप इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या सीधे ‘EV Technology/E-Mobility’ में 4 साल की इंजीनियरिंग कर सकते हैं।
बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS), पावर इलेक्ट्रॉनिक्स या मोटर डिजाइनिंग की फील्ड में आज 15 से 20 लाख रुपये तक का सालाना पैकेज आसानी से मिल रहा है। पढ़ाई के साथ-साथ MATLAB, Python या CAD जैसे सॉफ्टवेयर सीख लें। टाटा मोटर्स और ओला इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियां ऐसे स्किल्ड इंजीनियर्स को हाथों-हाथ ले रही हैं।
कम फीस और जल्दी जॉब चाहिए?
हर किसी के पास 4 साल के बीटेक की फीस या समय नहीं होता। ऐसे में आप शॉर्टकट अपनाकर भी बेहतरीन टेक्निकल रोल में जा सकते हैं। इसके लिए ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी’ या ‘रिन्यूएबल एनर्जी’ में 3 साल का पॉलीटेक्निक डिप्लोमा, B.Voc या B.Sc सबसे बेस्ट विकल्प है।
डिप्लोमा के साथ बैटरी टेस्टिंग या ईवी मेंटेनेंस का छोटा सर्टिफिकेशन जरूर करें। इस प्रोफाइल के जरिए आप तुरंत सर्विस इंजीनियर, जूनियर डिजाइन सपोर्ट या चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सुपरवाइजर के तौर पर अपना करियर शुरू कर सकते हैं।
कॉमर्स और आर्ट्स वालों के लिए बिज़नेस मैनेजमेंट रोल्स
क्या ईवी सेक्टर सिर्फ साइंस और इंजीनियरिंग वालों के लिए है? बिल्कुल नहीं! कॉमर्स और आर्ट्स के स्टूडेंट्स भी यहां ऑपरेशंस और मैनेजमेंट के जरिए शानदार करियर बना सकते हैं।
आप BBA या B.Com के साथ ऑटोमोटिव या ईवी मैनेजमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स कर सकते हैं। आगे चलकर मार्केटिंग या ऑपरेशंस में MBA करने पर आपको फ्लीट मैनेजमेंट (जैसे- ब्लूस्मार्ट), बैटरी लीज़िंग फर्म्स या ईवी सेल्स में बड़े रोल्स मिलते हैं। एक बिज़नेस डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर आप लाखों का पैकेज क्रैक कर सकते हैं।
तुरंत कमाई शुरू करने का शॉर्ट-टर्म प्लान (ITI)
अगर घर की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि आपको जल्द से जल्द काम शुरू करना है, तो 1 से 2 साल का ITI (इलेक्ट्रीशियन, फिटर या ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स) कोर्स सबसे सही रहेगा।
आईटीआई के बाद ईवी मेंटेनेंस या बैटरी रिपेयरिंग का 3 से 6 महीने का शॉर्ट-टर्म कोर्स कर लें। आज टियर-2 और टियर-3 शहरों में ईवी चार्जिंग स्टेशन और सर्विस सेंटर तेजी से खुल रहे हैं। वहां ऐसे टेक्नीशियन की भारी डिमांड है। कुछ साल का प्रैक्टिकल अनुभव लेने के बाद आप खुद का मल्टी-ब्रांड गैरेज भी खोल सकते हैं।
ये एक्स्ट्रा स्किल्स बनाएंगी आपको भीड़ से अलग
डिग्री चाहे कोई भी हो, अगर आप बाज़ार से अलग दिखना चाहते हैं, तो प्रेक्टिकल नॉलेज पर ध्यान दें। किसी लोकल ईवी डीलर या सोलर इंस्टॉलर के पास इंटर्नशिप करें। नॉन-टेक्निकल फील्ड वालों के लिए डेटा एनालिसिस (Excel/Power BI) और ईवी पॉलिसी की समझ होना बहुत जरूरी है। जो थ्योरी से ज्यादा ‘हैंड्स-ऑन’ काम करना जानता है, इंडस्ट्री में उसी की सबसे ज्यादा डिमांड है।










