क्रिप्टो करेंसी की दुनिया में इस समय हलचल तेज है। बिटकॉइन (BTC), जिसे अक्सर ‘डिजिटल गोल्ड’ कहा जाता है, फिलहाल $91,000 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है। यह गिरावट किसी एक घटना का नतीजा नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक बदलावों और बाजार के मनोवैज्ञानिक कारकों का मिश्रण है।
यहाँ बिटकॉइन की वर्तमान स्थिति और बाजार के रुख का पूरा विश्लेषण दिया गया है:
Bitcoin Price Crash: $91,000 के स्तर पर आया बिटकॉइन, क्या यह निवेश का सही मौका है?
बिटकॉइन ने पिछले कुछ महीनों में भारी उतार-चढ़ाव देखा है। जहाँ यह साल की शुरुआत में $1,25,000 (लगभग ₹1.10 करोड़) के अपने ऑल-टाइम हाई पर था, वहीं अब यह 25-30% की गिरावट के साथ ₹81 लाख (INR) के आसपास कारोबार कर रहा है।
बिटकॉइन में गिरावट के पीछे के 3 बड़े कारण
जब मार्केट गिरता है, तो वह केवल एक नंबर नहीं बदलता, वह निवेशकों के भरोसे को परखता है। यहाँ इस गिरावट की असली वजहें हैं:
1. ‘रिस्क-ऑफ’ सेंटिमेंट: बड़े खिलाड़ी अब सुरक्षित खेल रहे हैं
दुनिया भर के बड़े निवेशक फिलहाल ‘जोखिम’ से बच रहे हैं। जब ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता होती है, तो वे क्रिप्टो जैसे उतार-चढ़ाव वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सोना (Gold) या सरकारी बॉन्ड्स में लगा देते हैं। टेक स्टॉक्स (S&P 500, नैस्डैक) में बिकवाली भी इसी का हिस्सा है।
2. ETF आउटफ्लो: लिक्विडिटी का सूखा
पिछले साल बिटकॉइन ETF (Exchange Traded Funds) ने बाजार में नई जान फूंकी थी। लेकिन अब इन फंड्स से पैसा बाहर निकल रहा है। जब बड़े इंस्टीट्यूशनल फंड्स बिकवाली करते हैं, तो मार्केट में खरीदारों की कमी हो जाती है, जिससे छोटी सी गिरावट भी ‘बर्फ के पहाड़’ (Avalanche) की तरह बड़ी हो जाती है।
3. टेक्निकल लिक्विडेशन और ‘डर’
बिटकॉइन ने हाल ही में अपने कुछ अहम सपोर्ट लेवल तोड़ दिए हैं। इससे उन लोगों के सौदे अपने आप कट गए (Liquidation) जिन्होंने उधार लेकर ट्रेडिंग की थी। जब करोड़ों डॉलर के सौदे एक साथ बंद होते हैं, तो गिरावट की रफ्तार दोगुनी हो जाती है।
[Table: Bitcoin Price Snapshot – Feb 2026]
| पैरामीटर | वैल्यू (अनुमानित) | स्थिति |
| USD कीमत | $91,000 – $91,500 | 24h में उतार-चढ़ाव |
| INR कीमत | ₹81.18 लाख | प्रीमियम और टैक्स शामिल |
| ऑल-टाइम हाई से दूरी | ~28% नीचे | सुधार का इंतजार |
भारतीय निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
भारतीय बाजार में बिटकॉइन की कीमत लगभग ₹81.18 लाख है। भले ही डॉलर में कीमत गिरी हो, लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी के कारण भारतीय निवेशकों के लिए गिरावट का असर थोड़ा कम महसूस होता है।
बाजार में ‘Extreme Fear’ का माहौल
क्रिप्टो ‘फियर एंड ग्रीड इंडेक्स’ इस समय “Extreme Fear” जोन में है। ऐतिहासिक रूप से देखा गया है कि जब बाजार में बहुत अधिक डर होता है, तो लंबी अवधि के निवेशक इसे ‘Buy the Dip’ (गिरावट में खरीदारी) के अवसर के रूप में देखते हैं। हालांकि, अल्पकालिक ट्रेडर्स के लिए यह समय काफी जोखिम भरा हो सकता है।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिटकॉइन $88,000 के स्तर को बरकरार रखता है, तो यहाँ से रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन अगर यह स्तर टूटता है, तो अगला बड़ा सपोर्ट $82,000 के आसपास देखा जा सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां एक शेयर की जानकारी दी गयी है, निवेश की राय नहीं। कॉर्प भारत केवल आपको इस प्रोजेक्ट के बारे में बता रहा हैं, ताकि आप जागरूक हो। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)











