आजकल इंस्टाग्राम रील या यूट्यूब शॉर्ट्स स्क्रॉल करते हुए आपने अक्सर ऐसे वीडियो देखे होंगे- “चाय के खर्च में बनें करोड़पति” या “सिर्फ 1200 रुपये बचाकर पाएं 1 करोड़।” सुनने में यह किसी जादू जैसा लगता है और एक आम मध्यम वर्गीय व्यक्ति या छोटा व्यापारी तुरंत आकर्षित हो जाता है।
लेकिन, एक बिजनेस करने वाले व्यक्ति के तौर पर, आपको भावनाओं पर नहीं, ‘डाटा’ पर भरोसा करना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ₹1200 की SIP से 10 साल में 1 करोड़ बनने के दावे का असली सच क्या है? आइए, इसे एक एक्सपर्ट की नजर से डिकोड करते हैं और समझते हैं कि वेल्थ क्रिएशन का असली फॉर्मूला क्या है।
वायरल दावा बनाम गणित की सच्चाई
सबसे पहले उस दावे की हवा निकालते हैं जो आपको गुमराह कर रहा है। गणित झूठ नहीं बोलता।
अगर आप हर महीने ₹1200 निवेश करते हैं:
- समय: 10 साल (120 महीने)
- आपकी जेब से गया पैसा (मूलधन): ₹1,44,000
- अनुमानित रिटर्न: 15% (जो कि काफी बेहतरीन रिटर्न माना जाता है)
परिणाम: 10 साल बाद आपके हाथ में होंगे लगभग ₹3.35 लाख।
जी हाँ, 1 करोड़ नहीं, सिर्फ 3.35 लाख। यह रकम बुरी नहीं है, क्योंकि आपने लगाए सिर्फ 1.44 लाख थे, यानी पैसा दोगुने से ज्यादा हुआ। लेकिन 1 करोड़ और 3 लाख के बीच का अंतर जमीन-आसमान का है। सोशल मीडिया के ‘वित्तीय गुरु’ अक्सर समय सीमा (Time Horizon) या निवेश राशि (Principal Amount) को छिपा जाते हैं ताकि व्यूज मिल सकें।
आखिर 1 करोड़ का सपना टूटता कहाँ है?
निवेश में एक नियम काम करता है जिसे हम ‘कंपाउंडिंग की पावर’ कहते हैं, लेकिन इसकी एक शर्त है- समय।
- समय की कमी: 10 साल का समय इक्विटी मार्केट में ‘कंपाउंडिंग’ का जादू देखने के लिए कम है। कंपाउंडिंग का असली विस्फोट 15वें या 20वें साल के बाद होता है। शुरू के 10 साल तो सिर्फ नींव भरने में निकल जाते हैं।
- छोटी रकम: ₹1200 एक अच्छी शुरुआत है, खासकर छात्रों या करियर शुरू करने वालों के लिए। लेकिन बिजनेस या रिटायरमेंट के बड़े लक्ष्य (जैसे 1 करोड़) के लिए यह ‘ईंधन’ कम है।
एक्सपर्ट की राय: तो फिर 1 करोड़ बनेंगे कैसे?
अगर आपका लक्ष्य 10 साल में 1 करोड़ रुपये जमा करने का है, तो आपको ₹1200 नहीं, बल्कि लगभग ₹36,000 से ₹40,000 हर महीने की SIP करनी होगी (15% रिटर्न मानकर)।
लेकिन घबराइए नहीं, एक ‘स्मार्ट तरीका’ भी है जो बिजनेस करने वालों को बहुत पसंद आता है- स्टेप-अप SIP (Step-Up SIP)।
व्यवसाय और निवेश दोनों का नियम एक है- ग्रोथ। आप आज ₹1200 से शुरू करें, लेकिन कसम खाएं कि हर साल अपनी SIP की रकम को 10% या 20% बढ़ाएंगे।
- उदाहरण: अगर आप ₹1200 से शुरू करते हैं और इसे 10 साल नहीं, बल्कि 25-30 साल तक ले जाते हैं और बीच-बीच में रकम बढ़ाते हैं, तब जाकर आप 1 करोड़ के जादुई आंकड़े को छू पाएंगे।
भविष्य के लिए सबक (Future Implications)
एक समझदार निवेशक के तौर पर आपको दो बातों का ध्यान रखना होगा:
- महंगाई का दानव: आज जो वैल्यू 1 करोड़ रुपये की है, 10-15 साल बाद महंगाई के कारण उसकी वैल्यू आज के 50-60 लाख रुपये के बराबर रह जाएगी। इसलिए, आपका टारगेट सिर्फ ‘1 करोड़’ का नंबर नहीं, बल्कि उस समय की ‘परचेजिंग पावर’ (खरीद क्षमता) होनी चाहिए।
- अनुशासन ही सब कुछ है: बिजनेस हो या एसआईपी, रातों-रात अमीर बनने की कोई स्कीम नहीं होती। बाजार के उतार-चढ़ाव में भी निवेश जारी रखना ही असली परीक्षा है।
निष्कर्ष: आपको क्या करना चाहिए?
₹1200 की SIP बेकार नहीं है। यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन ‘एंट्री टिकट’ है जिन्होंने कभी शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में पैसा नहीं लगाया। यह आपको वित्तीय अनुशासन (Financial Discipline) सिखाती है।
लेकिन, अगर कोई आपसे कहे कि 10 साल में छोटी रकम से आप करोड़पति बन जाएंगे, तो उसे एक बिजनेसमैन वाली मुस्कान दीजिए और आगे बढ़ जाइए। निवेश जरूर करें, लेकिन अपनी उम्मीदों को हकीकत के धरातल पर रखकर। सही प्लानिंग और लंबे समय का धैर्य ही आपको असली अमीरी की तरफ ले जाएगा।











