भारतीय किसानों (Indian Farmers) के लिए सबसे बड़ी मुसीबत क्या है? सिंचाई के लिए पानी और उसे चलाने के लिए महंगा डीजल या बिजली का बिल। लेकिन केंद्र सरकार की एक योजना ने इस मुसीबत को ही ‘कमाई’ के अवसर में बदल दिया है।
हम बात कर रहे हैं PM KUSUM Yojana (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) की। इस योजना का मकसद सिर्फ खेतों तक पानी पहुँचाना नहीं, बल्कि किसानों को ‘ऊर्जा दाता’ (Energy Provider) बनाना है। अगर आप भी खेती करते हैं और अपनी बंजर जमीन से पैसा कमाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है।
क्या है खबर? (What is the Scheme?)
सरकार ने इस योजना के तहत मार्च 2026 तक 34,800 मेगावाट सौर ऊर्जा (Solar Capacity) पैदा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने ₹34,000 करोड़ से ज्यादा का बजट तय किया है।
साधारण शब्दों में कहें तो, सरकार आपको खेत में सोलर पंप लगाने के लिए भारी सब्सिडी (Subsidy) दे रही है। इससे आपकी सिंचाई तो मुफ्त होगी ही, साथ ही अगर आप ज्यादा बिजली बनाते हैं, तो उसे सरकार (DISCOMs) को बेचकर एक्स्ट्रा कमाई भी कर सकते हैं।
सिर्फ 10% खर्च में लगेगा सोलर पंप
इस योजना का सबसे आकर्षक हिस्सा इसकी सब्सिडी है। अगर आप डीजल पंप से परेशान हैं और सोलर पंप (Component B) लगवाना चाहते हैं, तो गणित कुछ ऐसा है:
सरकार देगी: 60% सब्सिडी (30% केंद्र + 30% राज्य)।
बैंक लोन: 30% (जो आसानी से मिल जाता है)।
किसान का हिस्सा: सिर्फ 10%।
यानी अगर पंप की कीमत 1 लाख रुपये है, तो आपको अपनी जेब से सिर्फ 10 हजार रुपये लगाने होंगे। पहाड़ी और विशेष राज्यों (जैसे हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में तो सरकार 80-90% तक मदद दे रही है।
बंजर जमीन से कैसे होगी कमाई? (Component A & C)
PM KUSUM योजना के तीन मुख्य हिस्से हैं, और इनमें से ‘Component A’ सबसे ज्यादा मुनाफे वाला है:
Component A (मिनी सोलर प्लांट): अगर आपके पास बंजर या खाली जमीन (Barren Land) है, तो आप वहां 500 kW से 2 MW तक का सोलर प्लांट लगा सकते हैं। यहां पैदा होने वाली बिजली को आप सीधे बिजली विभाग (DISCOM) को बेच सकते हैं। यानी बंजर जमीन अब ‘सोना’ उगलेगी।
Component C (ग्रिड कनेक्टेड पंप): अगर आपके पास पहले से बिजली वाला पंप है, तो उसे सोलर में बदल दिया जाएगा। दिन में पंप सौर ऊर्जा से चलेगा और अगर पंप बंद है, तो पैनल से बनने वाली बिजली ग्रिड में जाएगी, जिसका पैसा आपके खाते में आएगा।
आवेदन कैसे करें?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- वेबसाइट: राष्ट्रीय पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in या अपने राज्य के पोर्टल (जैसे राजस्थान के लिए pmkusum.rajasthan.gov.in) पर जाएं।
- दस्तावेज: आधार कार्ड, जमीन के कागज (खसरा-खतौनी), बैंक खाता पासबुक और मोबाइल नंबर।
- चयन प्रक्रिया: यह योजना अक्सर ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर होती है, इसलिए जैसे ही आपके राज्य में पोर्टल खुले, तुरंत अप्लाई करें।
विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, यह योजना किसानों की इनपुट कॉस्ट (लागत) को कम करने का सबसे बड़ा हथियार है। डीजल का खर्च जीरो होने से सालाना बचत सीधे मुनाफे में जुड़ जाती है। साथ ही, यह पर्यावरण को बचाने में भी बड़ा योगदान है।











