₹18.82 करोड़ का जुर्माना! Binance की भारत में धांसू वापसी, अब क्या बदलेगा?

November 2, 2025 10:53 PM
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क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) की दुनिया में Binance (बिनेंस) किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज है, लेकिन भारत में इसका सफ़र काफ़ी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कुछ महीनों पहले भारत सरकार ने इस पर बैन लगा दिया था, जिससे लाखों भारतीय इन्वेस्टर्स को झटका लगा।

Binance की भारत में धांसू वापसी

Binance ने भारतीय बाज़ार में कानूनी (Legal) तौर पर ज़ोरदार वापसी कर ली है। कंपनी ने भारत की वित्तीय खुफिया इकाई (Financial Intelligence Unit – FIU) में बतौर ‘रिपोर्टिंग एंटिटी’ (Reporting Entity) अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। यह कदम तब उठाया गया, जब सरकार ने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों का पालन न करने पर Binance समेत कई ऑफशोर एक्सचेंजों को ब्लॉक कर दिया था।

FIU में रजिस्ट्रेशन के लिए Binance को एक बड़ा जुर्माना भी भरना पड़ा है। यह जुर्माना ₹18.82 करोड़ रुपये का है, जो धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के उल्लंघन के लिए लगाया गया था। इस जुर्माने को भरकर Binance ने भारत में अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं, जिससे करोड़ों भारतीय यूज़र्स को सीधा फ़ायदा हुआ है।

भारत में क्यों लगा था बैन?

भारत सरकार चाहती है कि देश में काम करने वाले सभी वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर (VDA SP) स्थानीय कानूनों का पालन करें। इनमें एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियम सबसे अहम हैं। दिसंबर 2023 में, FIU-IND ने Binance को नोटिस जारी किया था, क्योंकि यह बिना रजिस्ट्रेशन के भारतीय ग्राहकों को सर्विस दे रहा था और AML नियमों का पालन नहीं कर रहा था।

इससे पहले, भारतीय एक्सचेंजों को अपने यूज़र्स से 1% टीडीएस (TDS – Tax Deducted at Source) कलेक्ट करना अनिवार्य था, जिसे कई यूज़र्स ऑफशोर एक्सचेंजों का उपयोग करके बचा रहे थे। Binance पर आरोप था कि उसने भारत के कानूनों को अनदेखा किया, जिससे अवैध गतिविधियों और टैक्स चोरी को बढ़ावा मिलने की आशंका थी। इसी कारण जनवरी 2024 में सरकार ने इसकी वेबसाइट और ऐप को ब्लॉक कर दिया।

Binance की वापसी से किसे होगा फायदा?

Binance की वापसी से सबसे बड़ा फ़ायदा भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को होगा।

  • निवेशकों को भरोसा: Binance के कानूनी रूप से रजिस्टर्ड होने से भारतीय यूज़र्स को एक्सचेंज की सुरक्षा और पारदर्शिता पर ज़्यादा भरोसा रहेगा। अब उनका निवेश भारत के कानूनी दायरे में आ गया है।
  • आसान ट्रेडिंग: यूज़र्स अब बिना किसी तकनीकी समस्या या VPN के ऐप और वेबसाइट का पूरा एक्सेस पा सकते हैं।
  • बाज़ार में प्रतिस्पर्धा: Binance की वापसी से भारतीय क्रिप्टो बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे यूज़र्स को बेहतर सर्विस और फ़ीस (शुल्क) मिल सकती है।
  • रिकॉर्ड ब्रेकिंग जुर्माना: FIU ने Binance पर ₹18.82 करोड़ का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया। यह दिखाता है कि भारत सरकार कंप्लायंस (Compliance) को लेकर कितनी सख्त है।

कंप्लायंस पर क्यों है इतना ज़ोर?

Binance के नए CEO रिचर्ड टेंग (Richard Teng) ने पद संभालते ही कंप्लायंस यानी कानूनी अनुपालन को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। उनका कहना है कि कंप्लायंस सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भरोसा बनाने की नींव है।

सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, Binance ने पिछले दो सालों में अपने कंप्लायंस बजट में 35% की बढ़ोतरी की है। यह दर्शाता है कि अब कंपनी ग्लोबल रेगुलेशन्स के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। भारत में रजिस्ट्रेशन के बाद अब Binance को ग्राहकों की पूरी KYC (Know Your Customer) डिटेल रखनी होगी, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फ़ंडिंग जैसी अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से क्रिप्टो इंडस्ट्री में एक नया दौर शुरू होगा, जहाँ इनोवेशन के साथ-साथ कड़े नियम-कानून भी लागू होंगे। निवेशकों के लिए यह एक स्पष्ट संकेत है कि अब वे Binance का इस्तेमाल करें, लेकिन उन्हें भारत के टैक्स (Tax) कानूनों का पूरा पालन करना होगा।

जितेन्द्र सिंह

मैं पिछले 3 सालों से बिज़नेस न्यूज़ और मार्केट अपडेट्स पर लिख रहा हूँ। मैं नई नीतियों, नियमों और ताज़ा बिज़नेस घटनाओं पर गहराई से रिसर्च करता हूँ। मेरे आर्टिकल्स से आपको सही और ताज़ी जानकारी मिलेगी।

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