भारत की सड़कों पर अब पेट्रोल और डीज़ल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन (EV) तेजी से दिखाई देने लगे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 तक भारत में 1 करोड़ से अधिक EV वाहनों की बिक्री का लक्ष्य है।
पिछले दो वर्षों में इलेक्ट्रिक स्कूटर और तिपहिया वाहनों की बिक्री में 180% तक की वृद्धि हुई है।
सरकार की FAME-II स्कीम, टैक्स छूट और राज्यवार EV नीति ने इस क्रांति को गति दी है।
परंतु इस तेज़ी से बढ़ते बाजार के साथ एक बड़ी जरूरत भी पैदा हुई है, EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार।
EV चार्जिंग नेटवर्क: बिज़नेस का नया ट्रेंड
जैसे-जैसे EV वाहनों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे चार्जिंग पॉइंट्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
आज भारत में लगभग 10,000 से अधिक पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन सक्रिय हैं, जबकि जरूरत कम से कम 1 लाख से अधिक चार्जिंग पॉइंट्स की है। यह अंतर अपने आप में एक बड़ा बिज़नेस अवसर बनाता है।
यानी, यह एक तेजी से उभरता हुआ बिज़नेस अवसर है।
EV चार्जिंग नेटवर्क केवल एक स्टेशन नहीं बल्कि एक पूरा इकोसिस्टम है:
- मोबाइल चार्जिंग वैन और ऐप-आधारित नेटवर्क
- EV चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉलेशन (AC Slow या DC Fast)
- मेंटेनेंस और टेक्निकल सपोर्ट
- सोलर-पावर चार्जिंग स्टेशन (ग्रामीण इलाकों में तेजी से लोकप्रिय) आदि इसके मुख्य भाग हैं।
EV चार्जिंग स्टेशन की लागत और वित्तीय मॉडल
एक बेसिक EV चार्जिंग स्टेशन ₹5–7 लाख रूपये के निवेश में शुरू किया जा सकता है।
अगर आप फास्ट चार्जर (DC) लगाना चाहते हैं तो इसकी लागत ₹15–20 लाख रूपये तक हो सकती है।
एक चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए शुरुआती खर्च में शामिल हैं:
- चार्जर मशीन और इंस्टॉलेशन
- बिजली कनेक्शन और सिविल वर्क
- नेटवर्किंग और पेमेंट सॉफ्टवेयर
- स्टेशन ब्रांडिंग और मेंटेनेंस
राज्य सरकारें अब भूमि, बिजली कनेक्शन और चार्जिंग उपकरण पर 25% तक सब्सिडी दे रही हैं।
साथ ही IOCL, HPCL, BPCL जैसी तेल कंपनियाँ भी EV चार्जिंग फ्रेंचाइज़ी पार्टनरशिप दे रही हैं।
EV Station के 3 प्रमुख बिज़नेस मॉडल
1 . Self-Owned Station
अगर आपके पास 1000–1500 वर्गफुट जमीन है (मुख्य सड़क या पेट्रोल पंप के पास),
तो आप खुद का स्टेशन लगाकर स्वतंत्र रूप से बिज़नेस चला सकते हैं।
2 . Franchise Model
Tata Power, Statiq, ChargeZone, Ather Grid जैसे नेटवर्क के साथ फ्रेंचाइज़ी लेकर
आप बिना तकनीकी परेशानी के चार्जिंग सर्विस शुरू कर सकते हैं।
3 . Solar-Powered Station
राजस्थान जैसे राज्यों में सोलर-चार्जिंग यूनिट्स लगाना सबसे फायदेमंद मॉडल बन रहा है।
कम बिजली लागत और ग्रामीण मांग इसे टिकाऊ विकल्प बनाती है।
जयपुर में EV स्टेशन लगाने के लिए सर्वश्रेष्ठ लोकेशन
EV बिज़नेस की सफलता लोकेशन पर निर्भर करती है।
जयपुर में ये क्षेत्र सबसे उपयुक्त माने जा रहे हैं:
- हाईवे / मुख्य मार्ग: टोंक रोड, अजमेर रोड, NH-48, जयपुर-दिल्ली हाईवे
- रिहायशी इलाके: मालवीय नगर, मानसरोवर, जगतपुरा, विकास नगर,झोटवाड़ा
- व्यावसायिक ज़ोन: सिटीलाइट, ट्रांसपोर्ट नगर, MI रोड
इन इलाकों में EV वाहन उपयोगकर्ताओं की संख्या अधिक है और
रोज़ाना चार्जिंग डिमांड स्थिर रहती है।
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सफल बिज़नेस उदाहरण
ऐसे कई बिज़नेस हैं, जो अभी इस क्षेत्र में बहुत काम कर रहे हैं, इनमे से कुछ बुसिनेस मैंने निचे लिखे हैं :
- Tata Power EV Network: 5,000+ फास्ट चार्जिंग पॉइंट्स
- Ather Grid: 400+ लोकेशनों पर स्मार्ट चार्जर
- ChargeZone & Statiq: Tier-2 शहरों में तेजी से विस्तार
इन स्टार्टअप्स ने यह साबित किया है कि EV इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश आने वाले वर्षों का सबसे स्थिर बिज़नेस मॉडल बन सकता है।
सरकारी सहायता और लाइसेंस प्रक्रिया
राजस्थान सरकार का “Green Mobility Mission 2025” EV चार्जिंग स्टेशन के लिए कई रियायतें देता है, जैसे :
- चार्जिंग उपकरण पर 25% सब्सिडी
- सरकारी भूमि पर स्टेशन के लिए NOC की आवश्यकता नहीं
- DISCOM से Low-Tension Power Supply
- “Smart City Mission” के तहत जयपुर में 25 से अधिक स्थान चिन्हित हैं, जहाँ आप स्टेशन लगा सकते हैं।
ROI और आय की संभावना
जयपुर जैसे शहर में एक स्टेशन ₹3,000–₹6,000 प्रतिदिन कमा सकता है।
यानी मासिक आय ₹1–1.5 लाख तक संभव है।
सही लोकेशन और मार्केटिंग से 18–24 महीनों में ROI (Return on Investment) प्राप्त किया जा सकता है। यहाँ आप ई रिक्शा वालो को टारगेट कर सकते हो, वो आपके बहुत अच्छे ग्राहक बन सकते हैं।
संभावित चुनौतियाँ और उनके समाधान
EV चार्जिंग स्टेशन लगाने में आपको बहुत सारी चुनौतियाँ आ सकती हैं, निचे टेबल में वो सारी चुनौतियाँ और उनके समाधान हैं :-
| चुनौती | समाधान |
|---|---|
| बिजली कटौती | सोलर-हाइब्रिड मॉडल अपनाएँ |
| तकनीकी ज्ञान की कमी | फ्रेंचाइज़ी पार्टनर से सपोर्ट लें |
| ROI में विलंब | हाई-ट्रैफिक लोकेशन चुनें और ऐप-आधारित बुकिंग अपनाएँ |
2030 का रोडमैप – EV है भविष्य की पेट्रोल इकॉनमी
भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक 30% वाहन इलेक्ट्रिक हों जाये।
इस लक्ष्य को पाने के लिए देश को 1 करोड़ चार्जिंग पॉइंट्स की आवश्यकता होगी।
यानी, जो आज इस बिज़नेस में निवेश करेगा, 5–7 वर्षों में उसकी वैल्यू कई गुना बढ़ेगी।
निष्कर्ष: फ्यूचर-रेडी इनकम का अवसर
EV चार्जिंग स्टेशन केवल एक नया बिज़नेस नहीं, बल्कि भविष्य की पेट्रोल पंप इकॉनमी है।
अगर आप आने वाले 12–24 महीनों में सही कदम उठाते हैं और लोकेशन, मॉडल और टेक्नोलॉजी का सही मिश्रण चुनते हैं। तो यह बिज़नेस आपकी लॉन्ग-टर्म इनकम स्ट्रीम बन सकता है।












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